ओमप्रकाश बजाज की बाल-कविताओं का संग्रह

बाल-कविताओं का संग्रह: ओमप्रकाश बजाज

याद करो: ओमप्रकाश बजाज

अपनी खुशियों की सफलताओं को,
उपलब्धियों को याद करो।

जब- जब कुछ विशेष किया हो,
ऐसे अवसरों को याद करो।

जब तुम्हारी प्रशंसा हुई हो,
तुम्हारा का सराहा गया हो।

तुम्हारी सजगता – तत्परता के कारण,
कोई नुक्सान होने से बच गया हो।

कभी – कभी खाली बैठे ठाले,
ऐसी घटनाओं को याद करो।

इससे तुम्हारा उत्साह बढ़ेगा,
कुछ नया करने का मन करेगा।

ओमप्रकाश बजाज

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