Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

मेरे पापा मेरे अपने: हृदय विदारक शोक गीत

मेरे पापा मेरे अपने: हृदय विदारक शोक गीत

मेरे पापा मेरे अपने: सवा चार साल की मेरी धेवती, सुरभि 19 अप्रैल 22, को अपने पिता के मृत शरीर को देख रही थी और अनेकानेक सगे संबंधियों का रुदन देख रही थी और गंभीरता पूर्वक जो दुखद घटना घटी, उन सब की बातें सुन रहीं थी। उसके अत्यंत कोमल पूछताछ का ताना बाना है, यह शोकगीत। सुरभि का कहना …

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रवीन्द्रनाथ टैगोर की लोकप्रिय कविताओं का हिंदी अनुवाद

रविन्द्रनाथ टैगोर की लोकप्रिय कविताओं का हिंदी अनुवाद

रवीन्द्रनाथ टैगोर की लोकप्रिय कविता का हिंदी अनुवाद: रवीन्द्रनाथ टैगोर ज्यादातर अपनी पद्य कविताओं के लिए जाने जाते है, टैगोर ने अपने जीवनकाल में कई उपन्यास, निबंध, लघु कथाएँ, यात्रावृन्त, नाटक और हजारों गाने भी लिखे हैं। टैगोर की गद्य में लिखी उनकी छोटी कहानियों को शायद सबसे अधिक लोकप्रिय माना जाता है; इस प्रकार इन्हें वास्तव में बंगाली भाषा …

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रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कविताओं का हिंदी अनुवाद

रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कविताओं का हिंदी अनुवाद

रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कविताओं का हिंदी अनुवाद: बचपन से ही रवीन्द्रनाथ टैगोर की कविता, छन्द और भाषा में अद्भुत प्रतिभा का आभास लोगों को मिलने लगा था। उन्होंने पहली कविता आठ साल की उम्र में लिखी थी और 1877 में केवल सोलह साल की उम्र में उनकी लघुकथा प्रकाशित हुई थी। भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नई जान फूँकने वाले …

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परशुराम की प्रतीक्षा: रामधारी सिंह दिनकर की कविता

परशुराम की प्रतीक्षा - रामधारी सिंह दिनकर

परशुराम की प्रतीक्षा: रामधारी सिंह दिनकर – A just society does not occur spontaneously. It has to be nurtured and protected with valor. Here is a poem so characteristic of Ramdhari Singh Dinkar. Compare with his other works like “Shakti Aur Kshma“, “Vijayi Ki Sadrish Jiyo Re” and Rashmirathi in this collection. Before the contemporary poem evolved as an expression …

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हनुमान चालीसा: पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति

हनुमान चालीसा: पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति

हनुमान चालीसा गोस्वामी तुलसीदास की एक काव्यात्मक कृति है जिसमें प्रभु राम के महान भक्त हनुमान के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है। यह अत्यन्त लघु रचना है जिसमें पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति की गई है। इसमें बजरंग बली‍ की भावपूर्ण वंदना तो है ही, श्रीराम का व्यक्तित्व भी सरल शब्दों में उकेरा गया …

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जलियाँवाला बाग में बसंत: सुभद्रा कुमारी चौहान कविता

जलियाँवाला बाग में बसंत - सुभद्रा कुमारी चौहान

जलियाँवाला बाग में बसंत: सुभद्रा कुमारी चौहान – Jallianwala Bagh (जलियाँवाला बाग) is a public garden in Amritsar, and houses a memorial of national importance, established in 1951 by the Government of India, to commemorate the massacre of peaceful celebrators including unarmed women and children by British occupying forces, on the occasion of the Punjabi New Year (Baisakhi) on 13 …

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होली आती याद दिलाती: पिछली होली की याद में कविता

होली आती याद दिलाती: पिछली होली की याद में हिंदी कविता

भारत में होली का त्यौहारोत्सव सभी के जीवन मे बहुत सारी खुशियॉ और रंग भरता है, लोगों के जीवन को रंगीन बनाने के कारण इसे आमतौर पर ‘रंग महोत्सव’ कहा गया है। यह लोगो के बीच एकता और प्यार लाता है। इसे “प्यार का त्यौहार” भी कहा जाता है। यह एक पारंपरिक और सांस्कृतिक हिंदू त्यौहार है, जो प्राचीन समय …

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अंग से अंग लगाना: आनंद बख्शी का होली फ़िल्मी गीत

अंग से अंग लगाना सजन - डर

अंग से अंग लगाना: आनंद बख्शी अरे जो जी में आए, तुम आज कर लो चाहो जिसे इन बाँहो में भर लो अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना गालों से ये गाल लगा के, नैनों से ये नैन मिला के होली आज मनाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना अंग से अंग लगाना… ऊपर ऊपर रंग लगय्यो, ना …

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होली आयी रे कन्हाई: शकील बदायूंनी

होली आयी रे कन्हाई: शकील बदायूंनी

होली आयी रे कन्हाई: शकील बदायूंनी – मदर इण्डिया 1957 में बनी भारतीय फ़िल्म है जिसे महबूब ख़ान द्वारा लिखा और निर्देशित किया गया है। फ़िल्म में नर्गिस, सुनील दत्त, राजेंद्र कुमार और राज कुमार मुख्य भूमिका में हैं। फ़िल्म महबूब ख़ान द्वारा निर्मित औरत (१९४०) का रीमेक है। यह गरीबी से पीड़ित गाँव में रहने वाली औरत राधा की …

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मल दे गुलाल मोहे आई होली आई रे: इन्दीवर

मल दे गुलाल मोहे आई होली आई रे- इन्दीवर

मल दे गुलाल मोहे: कामचोर फिल्म से होली स्पेशल हिंदी गीत लता मंगेशकर: मल दे गुलाल मोहे -२ आई होली आई रे -२ किशोर कुमार: चुनरी पे रंग सोहे -२ आई होली आई रे -२ ल: सात रंग सात फूल आज मिले साथ रे कि: बजने लगी बाँसुरी जमने लगी बात रे ल: ओ भीगी-भीगी पवन सारी रे -२ आई …

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