Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

Hindi Poem on Eid-Ul-Fitr ईद हो हर दिन

Hindi Poem on Eid-Ul-Fitr ईद हो हर दिन

रमज़ान का पाक महीना बस अलविदा कहने को तैयार है।  रमज़ान के ख़त्म होते ही जो ईद मनाई जाती है, उसे ईद-उल-फितर कहा जाता है। इस्लाम समुदाय में इस त्योहार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। मस्जिदों को सजाया जाता है, लोग नए कपड़े पहनते हैं, घरों में एक से बढ़कर एक पकवान बनते हैं, छोटों को ईदी दी जाती है …

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मुबारक ईद मुबारक Eid Special Bollywood Song

मुबारक ईद मुबारक - जलीस शेरवानी

मुबारक ईद मुबारक: जलीस शेरवानी अस्सलाम अलैकुम अस्सलाम, ईद का है यारो यह पयाम… यह ईद का त्यौहार है, खुशियो का है त्यौहार… ना तेरा है ना मेरा है यह सब का है त्यौहार यह प्यार का पैगाम है यह प्यार का पैगाम मुबारक ईद मुबारक… चाहे वोह रहमान हो या भाई अपना राम, हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई, सब को है …

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गणतंत्र दिवस मनाएंगे: 26 जनवरी पर भारतीय देशभक्ति बाल-कविता

गणतंत्र दिवस मनाएंगे: 26 जनवरी पर भारतीय देशभक्ति बाल-कविता

गणतंत्र दिवस भारत के एक संप्रभु गणराज्य के रूप में सफर का प्रतीक है, और यह कविता देश की एकता और विविधता का जश्न मनाती है। यह कविता भारत की संस्कृति, भाषा और जनमानस के प्रतीकों के माध्यम से उसकी शक्ति और सुंदरता को दर्शाती है। यह कविता इस विशेष दिन पर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना जगाने का …

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परीक्षा पर हिंदी कविताओं का संग्रह: Exam Time Special Hindi Poem Collection

परीक्षा पर हिंदी कविताओं का संग्रह: Exam Time Special Hindi Poem Collection

आ रही है ‘परीक्षा’ कमर कस लो, मेहनत कर लो, आ रही है परीक्षा, तैयारी कर लो। पढ़ने का माहौल बना लो, मन को पढ़ाई में लगा लो। अध्ययन स्थान को व्यवस्थित कर लो, मोबाइल को अपने से दूर कर लो। उचित अध्ययन कार्यक्रम बना लो, हर विषय के लिए समय निकालो। स्वस्थ आहार को भी अपना लो, उचित नींद …

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वन्दे मातरम्: बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय

वन्दे मातरम् - बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय

वन्दे मातरम् भारत का संविधान सम्मत राष्ट्रगीत है। बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा संस्कृत बाँग्ला मिश्रित भाषा में रचित इस गीत का प्रकाशन सन् 1882 में उनके उपन्यास आनन्द मठ में अन्तर्निहित गीत के रूप में हुआ था। इस उपन्यास में यह गीत भवानन्द नाम के सन्यासी द्वारा गाया गया है। इसकी धुन यदुनाथ भट्टाचार्य ने बनायी थी। ∼ बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय हिन्दी-अनुवाद …

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करवा चौथ का चाँद: Karva Chauth Poem

Karva Chauth Festival Hindi Poem करवा चौथ का चाँद

करवा चौथ का चाँद: Karva Chauth Poem – ‘करवा चौथ‘ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, ‘करवा’ यानी ‘मिट्टी का बरतन’ और ‘चौथ’ यानि ‘चतुर्थी’। इस त्योहार पर मिट्टी के बरतन यानी करवे का विशेष महत्व माना गया है। सभी विवाहित स्त्रियां साल भर इस त्योहार का इंतजार करती हैं और इसकी सभी विधियों को बड़े श्रद्धा-भाव से पूरा …

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लाल बहादुर शास्त्री: कमला प्रसाद चौरसिया बाल-कविता शास्त्री जी के बारे में

लाल बहादुर शास्त्री - कमला प्रसाद चौरसिया

लाल बहादुर शास्त्री: कमला प्रसाद चौरसिया – Lal Bahadur Shastri was the third (second, and acting, being Gulzarilal Nanda) Prime Minister of Independent India and a significant figure in the Indian independence movement. लाल बहादुर शास्त्री: बाल-कविता शास्त्री जी के बारे में पैदा हुआ उसी दिन,जिस दिन बापू ने था जन्म लिया।भारत-पाक युद्ध में जिसनेतोड़ दिया दुनिया का भ्रम॥ एक रहा …

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जय आद्या शक्ति आरती: अनुराधा पौडवाल

जय आद्या शक्ति आरती: अनुराधा पौडवाल

जय आद्या शक्ति आरती: अनुराधा पौडवाल –  ‘Navratri‘ literally translates to ‘nine nights’ and during these nine nights and ten days, Goddess Durga is worshiped with devout fervor and spirituality. The Sharad Navratri is observed with utmost enthusiasm and it usually falls during the month of September and October. It is the peak of festivity in India and the joy of …

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जलाते चलो: द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी – आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हुई हिंदी कविता

जलाते चलो: द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी - आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हुई हिंदी कविता

‘जलाते चलो’ कविता में द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी ने दीपक के माध्यम से साहस, संघर्ष और आशा का संदेश दिया है। यह कविता हमें अज्ञान रूपी अंधकार से न घबराने और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। दिए का उदाहरण देकर कवि चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करता है। कवि कहता है कि एक छोटी-सी उम्मीद भी बड़ी-बड़ी …

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पहली बूँद: गोपाल कृष्ण कौल – वर्षा ऋतु के आगमन पर हिंदी बाल-कविता

पहली बूँद: गोपाल कृष्ण कौल

पहली बूँद: कवि गोपाल कृष्ण कौल की कविता ‘पहली बूँद’ वर्षा ऋतु के आगमन पर प्रकृति में आने वाले सुंदर बदलावों को बताती है। कविता में वर्षा की पहली बूँद को नवजीवन का प्रतीक माना गया है, जो धरती पर गिरते ही उसमें छिपे बीजों को अंकुरित कर देती है। ग्रीष्म ऋतु की तपिश से सूखी और बेजान पड़ी धरती …

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