जीवन के बारे में प्रेरणादायक बाल-कविताएँ: Inspirational Poems About Life

जीवन के बारे में प्रेरणादायक बाल-कविताएँ: Inspirational Poems About Life

जीवन पर कुछ प्रेरणादायक बाल-कविताएँ

सच बात तो यही है कि कभी-कभी ज़िंदगी उलझन भरी और मुश्किल हो जाती है। ऐसे समय में कविता का सहारा लेना फ़ायदेमंद साबित होता है। कविता में हमें यह एहसास दिलाने की शक्ति होती है कि हमें समझा जा रहा है — यह हमें सशक्त और आशावान बनाती है और याद दिलाती है कि ज़िंदगी जीने का क्या मतलब है।

  1. जिंदगी
  2. बुढ़ापा
  3. आभा जीवन की
  4. नियम

बच्चों की कविता [1]: जिंदगी

नींद बेच दी मैंने सपनों के आगे,
सपने बेच दिए मैंने मेहनत के आगे,
मेहनत बेच दी मैंने जीत के आगे।

नेत्र यूं ही नहीं रात-रात भर जागे,
अब लगता है जीत भी हमारे पीछे-पीछे भागे,
अब मेहनत का फल भी है, मिलने वाला लागे।

अपनों ने कहां ठोकरों ने पाला, जिंदगी ने सिखाया,
जो सिखा न सकी स्कूल की पाठशाला।

रातों को किया है हमने दिन का उजाला,
अब भरने ही वाला है, बूंदों से खाली प्याला।

कहीं कीचड़ में कमल, कहीं कांटों में गुलाब,
जिंदगी में हैं दुख बेहिसाब,
फिर भी जिंदगी है जीते हम जैसे हैं नवाब।

~ भारती संगोत्रा, जालंधर

बच्चों की कविता [2]: बुढ़ापा

टूटा-फूटा और पुराना,
क्लेश सहता यह तो नाना।
जीर्ण दुर्बल तन का धारी,
ऊपर से है सौ बीमारी।

उम्र बढ़ने पर यह आ जाए,
तन-मन में बदलाव लाए।
अनुभवों की लेकर थाती,
रखता यह तो मेरे साथी।

अरे, घन तम से ढका है यह,
पीड़ा सह कर सच में थका है यह।
कई इसने मौसम देखे,
रे, कौन करे इनके लेखे?

कई भावों की बहती गंगा,
कई रागों में यह है रंगा।
रही इसकी एक अभिलाषा,
ज्ञानी बने आज बुढ़ापा,

जीवन की यह पतझड़-वेला,
बुढ़ापा रहे न कभी अकेला।
हर शब्द के अर्थ को जाने,
भूले न कभी गीत पुराने।

~ राम प्रसाद शर्मा ‘प्रसाद’

आभा जीवन की
आभा जीवन की

आभा जीवन की: Life & Time Related Hindi Poetry [3]

नदिया की धारा से सीखा,
हमको आगे बढ़ना है।

हरियाली हर आंगन महके,
ऐसा कुछ है हमको करना।

मिटे नहीं आभा जीवन की,
हितकारी सांसों को भरना।

निज त्रुटियों को दूर भगाकर,
शूलों पर भी चलना है।

तर्कों की भाषा पहचानें,
वैज्ञानिक हमको बनना है।

हाथ नहीं फैलाना उत्तम,
बल अपना विकसित करना है।

व्यवधानों का झंझावत हो,
मजबूती से लड़ना है।

प्रेम-प्रीति जीवन परिभाषा,
ईर्ष्या-वैर न हमको भाता।

चाहे कैसी विकट डगर हो,
मुस्कानों से रखते नाता।

प्रेम-सुमन है हमें खिलाने,
हिम-शिखरों पर चढ़ना है।

~ राजेंद्र निशेश

नियम: प्रेरणादायक बच्चों की कविता [4]

रे! नियमबद्ध जीवन जीना,
मानो ‘अमृत घूंट’ पीना।

नियम नया हो या पुराना,
रे, बलि-बलि तुम इस पर जाना।

जो कड़वा सच करे उजागर,
ऐसी ही नियमों की गागर।

छद्म पाखंड की एक उधेड़,
कस न सके खेत की मेड़।

रे, नियमों की एक पिटारी,
पड़े कभी न तुझ पर भारी।

नियम-पालन करने वाले,
बन जाते सबके रखवाले।

नियमों पर तुम अडिग रहना,
समझना इन्हें तुम एक गहना।

सभी धर्मों के नियम सुंदर,
बन जाएं तुम्हारी धरोहर।

जीवन में जो नियम उतारे,
पूर्ण हों सब काज न्यारे।

महत्व नियमों का तुम जानो,
नियमों की तुम सार पहचानो।

नियम दुर्लभ नियम अनमोल,
समाय इनमें सांचे बोल।

कहे ‘प्रसाद’ नियम न तोड़ो,
दामन इनका कभी न छोड़ो।

~ राम प्रसाद शर्मा ‘प्रसाद’

Check Also

Environment Quotes in Hindi पर्यावरण पर अनमोल विचार

पर्यावरण पर अनमोल विचार विद्यार्थियों के लिए

पर्यावरण पर अनमोल विचार विद्यार्थियों और बच्चों के लिए: एक स्वच्छ वातावरण एक शांतिपूर्ण और …

Leave a Reply