अनोखी कुश्ती: बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में दो आदमी रहते थे। उम्र, कद-काठ और स्वभाव में वे एक जैसे थे। वे हमेशा साथ रहते और जब कभी अकेले रहना पड़ता तो उनको लगता जैसे समय उन्हें दुखी करने के लिए ठहर गया हो। जिंदगी में चाहे कितने भी दुख और मुसीबतें क्यों न आईं, दोनों ने …
Read More »ह्र्दय परिवर्तन: एक सज्जन महात्मा की सहनशीलता और सदभाव की कहानी
एक महात्मा थे। उन्होंने गेरुआ वस्त्र तो नही पहन रखा था परन्तु उनका मन अंतब्रह्मा शांति से परिपूर्ण था। अपने उधोग-धंधे के सिलसिले में रोज लोकल ट्रेन से लम्बी यात्राएं करते थे। उन दिनों ट्रेन में आज के जितनी भीड़-भाड़ नही रहती थी, फिर भी काफी चहल-पहल रहती थी मन ही मन वह सज्जन अपना जप, ध्यान इत्यादि करते थे। …
Read More »ज्ञान का मूल्य: जब भी पढ़ो – मन लगाकर के पढ़ो और पूरी एकाग्रता के साथ करो
ज्ञान का मूल्य: अभिषेक 10वीं कक्षा का छात्र था। वह छोटी कक्षाओं से ही अपने पापा और दादा जी को ज्ञान की बहुत-सी पुस्तकों को पढ़ते देखता रहता था। उसकी बड़ी बहन तथा वह जब भी अपने पापा तथा दादा जी को कोई भी प्रश्न पूछते तो वे तुरन्त उस प्रश्न का उत्तर दे देते थे। वह अपने दादा जी …
Read More »आज़ादी की उड़ान: 15 अगस्त पर विशेष हिन्दी बाल कहानी
आज़ादी की उड़ान: एक गांव में दयाल नाम व्यक्ति रहता था। उसका नाम उसके स्वभाव से बिल्कुल उलट था। वह हर रोज आसपास के छोटे-छोटे बनों में जाता और वहां जाल फैलाकर दाना बिखेर देता। चुग्गा चुगने के लालच में पक्षी धीरे-धीरे जाल में फंसते जाते। कुछ दूर वृक्ष की छाया के तले बैठा दयाल मंद-मंद मुस्कुरा रहा होता। जाल …
Read More »तीन वरदान: हिंदी नैतिक कहानी छात्रों और बच्चों के लिए
एक घना जंगल था। उसमें नीमा व नीरू नामक हाथी और एक हथिनी भी रहते थे। वे दोनों हमेशा अन्य हाथियों के झुंड से अलग ही रहते थे। इस कारण यह था कि उन दोनों की सूंड बहुत ही छोटी थी इसलिए जंगल के सारे हाथी उनको नकचा-नकची कहकर चिढ़ाते थे। नीमा और नीरू भगवान शिव और पार्वती को अपना …
Read More »राखी: मंजरी शुक्ला की रक्षाबंधन पर हिंदी बाल-कहानी
राखी: जब भी टूटू आस पड़ोस के दोस्तों के हाथों में रंगबिरंगी राखियाँ सजी हुई देखता तो अचानक ही उदास हो जाता। उसका रुँआसा चेहरा देखकर उसकी मम्मी भी दुखी हो जाती और हर साल की तरह उसे समझाती – “मुझे पता हैं कि तुझे कोई राखी बाँधने वाला नहीं हैं पर तू इस तरह से त्यौहार के दिन उदास …
Read More »बहन से वादा: रक्षाबंधन के उपहार पर दिल छू लेने वाली बाल कहानी
बहन से वादा: राखी का त्यौहार आ रहा था। संजू ने अपनी बहन टीना से वादा किया था कि इस बार वह उसे राखी पर उसका पसंदीदा उपहार देगा। टीना ने उपहार जानना चाहा तो संजू बोला, “यह अंदर की बात है। इसे अभी राज ही रहने दो दीदी”। संजू कुछ ही दिन पहले अपनी मम्मी और दीदी के साथ …
Read More »रक्षाबंधन पर शिक्षाप्रद कहानी: गोलू की राखी
गोलू की राखी: आज गोलू रूठा था। राखी के दिन भाई रूठा तो बहन भी उसके पीछे पीछे दौड़ कर उसे मना रही थी। सात साल का गोलू वैसे तो किसी बात पर रूठता नहीं था पर आज बात ही कुछ और थी। मम्मी ने जब राखी की थाली तैयार की और मुन्नी को राखी पकड़ाई तो गोलू भाग खड़ा …
Read More »राखी: रक्षा और बंधन का संगम है रक्षाबंधन
जब भी राखी का त्यौहार आता था, मुन्नी का दिल भर आता था। वह दिन भर घर के अंदर और बाहर चक्कर लगाया करती थी कि शायद उसका भाई लौट आये। पर एक राखी के बाद दूसरी और फिर तीसरी और फ़िर बहुत सारी राखी आई पर उसका भाई नहीं आया। आज राखी थी और हर साल की तरह मुन्नी …
Read More »राखी का त्यौहार और चश्में वाली पतंग: हास्यप्रद कहानी बच्चों के लिए
राखी का त्यौहार और चश्में वाली पतंग: अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिये हर बहन रक्षा बंधन के दिन का इंतजार करती है। वैसे ही भाई भी बहन की राखी का बेसब्री से इंतज़ार करता है। यह त्यौहार बहन-भाई के प्यार का पर्याय बन चुका है, कहा जा सकता है कि यह भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और …
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