Stories in Hindi

नन्ही – Heart Touching Hindi Story of Little Spider

नन्ही - Heart Touching Hindi Story of Little Spider

बेबी मकड़ी नन्ही माँ के साथ दीवार पर बढ़ी जा रही थी। चढ़ते- चढ़ते नन्ही थक गई। वह माँ से बोली – “अब माँ, तुम यही पर जाला बना लो ना… मुझसे और चढ़ा नहीं जा रहा हैं। देखो मेरे नन्हे नन्हे पैर थक कितना गए हैं।” यह सुनकर माँ उसके भोलेपन पर हंस पड़ी और वहीँ पर जाला बनाने …

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अब्दाली की लूट – Invasion of Ahmad Shah Abdali

अब्दाली की लूट - Invasion of Ahmad Shah Abdali

अहमदशाह अब्दाली नादिरशाह का सेनापति था। जब नादिरशाह से सन 1739 में मुहम्मशाह रंगीले के समय दिल्ली को लूटा तो उस समय अब्दाली भी उस के साथ था। नादिरशाह कोहनूर हीरा और तख़्तेताऊस के अलावा सत्तर करोड़ रुपए की कीमत के हिरेजवाहरात, सोनाचांदी लूट कर ले गया था, अफगान सरदार अब्दाली ने इस लूट को अपनी आंखों से देखा था, …

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बाल की खाल – Hindi Mystery Story on House Theft

बाल की खाल - Hindi Mystery Story on House Theft

राजू की आदत थी, हर बात में बाल की खाल निकालने की, सो उस दिन भी सुबहसुबह जब बिल्लू ने आ कर बताया कि मनोहर चाचा के यहां चोरी हो गई है, तो वह तुरंत चालू हो गया, “कब.. और कैसे…?” “कल उन के यहां अखंड कीर्तन का पाठ था। सभी लोग थके थे। बस, रात में चोर घुसे और …

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आँखों ने पकड़वाया अपराधी को – Murder Mystery Story in Hindi

आँखों ने पकड़वाया अपराधी को - Murder Mystery Story in Hindi

“गुडमोर्निंग… गुडमोर्निंग… गुडमोर्निंग…” उसे देखते ही सभी पुलिस वाले एक के बाद एक सलाम करने लगे और वह विनम्र भाव से सब के अभिवादन का जवाब देता जा रहा था क्योंकि उस का दाहिना हाथ ओवरकोट की जेब में था, इसलिए सलाम के जवाब में वह बायां हाथ अपनी कैप तक ला कर जवाब दे रहा था। चलतेचलते वह अचानक …

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माली काका की नटखट मुनिया – An Inspirational Hindi Story

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माली काका की नटखट मुनिया सारे गाँव की आँखों का तारा थी। कहीं अगर तुलसी का पौधा मुरझा रहा हो या फिर लाल सुर्ख गुलाबों की कलमें छांटनी हो तो चारों ओर मुनिया के नाम की गुहार लगती। नन्ही मुनिया झट से पहुँच जाती और जैसे ही उसके काम की तारीफ़ होती मुनिया फूल कर कुप्पा हो जाती और उसके …

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नमक का क़र्ज़ – डॉ. मंजरी शुक्ल

नमक का क़र्ज़ - डॉ. मंजरी शुक्ल

चारों ओर से धमाकों की आवाज़ आ रही थी। ऐसा लग रहा था मानो दीपावली हो, पर यह पटाखों की नहीं बल्कि हथगोलों और बंदूकों की आवाज़े थी। सन्नाटे को चीरती जब किसी जवान की बन्दूक चलने की आवाज़ आती तो मानों पनघट और चौबारे भी थरथरा उठते। इन्ही के बीच दस वर्षीय नन्हा बालक टीपू अपनी बूढी और अंधी …

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एक नजर – शराफत अली खान

एक नजर - शराफत अली खान

जनाजे की तैयारी हो रही थी। छोटी बहू की लाश रातभर हवेली के अंदर नवाब मियां के कमरे में ही बर्फ पर रखी हुई थी। रातभर जागने से औरतों और मर्दों के चेहरे पर सुस्ती और उदासी छाई हुई थी। रातभर दूरदराज से लोग आतेजाते रहे और दुख जताने का सिलसिला चलता रहा। पूरी हवेली मानो गम में डूबी हुई …

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नेकी और नदी के बीच – राजकमल

नेकी और नदी के बीच - राजकमल

वह एक की ठंडी सुबह थी। सर्दियों की सुबहें लंबी होती हैं – लगभग दूसरे पहर तक। छोटा दिन, छोटी सी शाम और उसके बाद, लंबी रात! रविवार का दिन था। दस बजे थे। वैसे तो बाजार अभी बंद था लेकिन चाय के ठीये, तो कहीं छोले भठूरे और बेड़मी-जलेबी बनाने वाले हलवाइयों के कुछ नाके जरूर गुलजार थे। मैं …

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हैंबोकलेंग नोंगसेज

हैंबोकलेंग नोंगसेज

[ads]एक समय की बात है मेघालय की पश्चिमी खासी की पहाड़ियों में एक 13 साल का लड़का हैनबोकलिंग नोंगसेज रहता था। वह पोनकंग गाँव के एक राजकीय प्राइमरी स्कूल में पड़ता था। वह सात साल का ही हुआ था, जब उसके माता पिता का देहांत हो गया। वह अपने नाना-नानी के घर रहता था। एक दिन की बात है। दोपहर …

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अच्छा आदमी कौन?

अच्छा आदमी कौन?

बहुत पहले किसी राजा ने अपने दरबारियों के समक्ष एक सवाल रखा, “अच्छा आदमी कौन है?” “जो अच्छा काम करे” – कोई दरबारी बोला। “जैसे?” “मैंने एक मंदिर बनवाया है, जहां सैकड़ो लोग रोज जाकर पूजा करते हैं। जनहित के लिए मैंने यह एक अच्छा कार्य किया है। अतएव मैं अच्छा आदमी कहलाने का अधिकारी हूँ।” “और किसने अच्छे-अच्छे कार्य …

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