दीदी की सीख: आज सभी बच्चे बहुत खुश थे क्योंकि आज से स्कूल में उनको गर्मियों की छुट्टी पड़ गई थीं। आज तो मानो उनके पंख लग गए हों। स्कूल से घर आते ही उन्होंने कितनी ही योजनाएं बना ली थी। राघव, मीनू, सोनाली, निशांत, नमन, चारू, आकांशा, तान्या, सब एक ही मोहल्ले के बच्चे थे और एक ही स्कूल …
Read More »फाइव स्टोन्स गेम: भारत के बच्चों का परम्परागत देसी खेल
फाइव स्टोन्स गेम: सिम्मी और चीनू सुपर संडे मना रहे रथ थे। सुपर संडे इसलिए कि राखी का त्यौहार होने से सोमवार की भी छुट्टी थी। सोमवार को तो समय मिलेगा नहीं, इसलिए संडे को सुपर संडे बना दिया। “आज हम अपने देसी खेल खेलेंगे… ।” सिम्मी ने कहा। चीनू ने तुरंत पुछा, ‘देसी मतलब?’ फाइव स्टोन्स गेम: देसी खेल …
Read More »एक और एक ग्यारह: पंचतंत्र की कहानी
एक और एक ग्यारह: एक बार की बात है कि बनगिरी के घने जंगल में एक हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा था। वह अपनी ताकत के नशे में चूर होने के कारण किसी को कुछ नहीं समझता था। बनगिरी में ही एक पेड़ पर एक चिड़िया व चिड़े का छोटा-सा सुखी संसार था। चिड़िया अंडों पर बैठी नन्हे-नन्हे प्यारे …
Read More »किटकिट का चश्मा: जानवरों के नेत्र देखभाल शिविर पर मजेदार हास्य कहानी
सुंदरवन में नेत्र रोग कैंप लगा हुआ था। सभी उम्र के प्राणियों की आंखों की जांच चल रही थी। डॉक्टर मोनू बंदर के नेतृत्व में नेत्र रोग विशेषज्ञों का दल जांच कर रहा था। सोशल वर्कर सभी को घर-घर जाकर मुफ्त जांच करवाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। किटकिट गिलहरी नीम के पेड़ पर बैठी ठंडी हवा का आनंद …
Read More »ईनाम: मुसीबत में सच्चा दोस्त ही साथ देता है – शिक्षाप्रद हिंदी बाल कहानी
ईनाम – शिक्षाप्रद हिंदी बाल कहानी – एक भाषण प्रतियोगिता जीतने के लिए दो सहपाठियों में प्रतिद्वंद्विता… राजू और अमन सहपाठी थे। दोनों ने ही इस वर्ष होने वाली भाषण प्रतियोगिता में भाग लेना था। अमन अच्छी-खासी तैयारी कर रहा था। राजू सोचने लगा, “लगता है इस वर्ष भी भाषण प्रतियोगिता में यहा प्रथम आएगा। कुछ करना पड़ेगा। राजू का …
Read More »अपनी भाषा का सम्मान: मातृभाषा से अपना आत्म सम्मान व आत्मविश्वास बढ़ाएं
‘अपनी भाषा का सम्मान‘ एक हिंदी बाल-कहानी जो सिखाती हैं की हमें अपनी मातृभाषा को खुल कर उपयोग करना चाहिए और उसे बोलने में झिझकना नहीं चाहिए। चीनू स्कूल से घर लौटा तो उसके पापा मोबाइल पर किसी से बात कर रहे थे और चीनू का जिक्र भी कर रहे थे। चीनू ने अपना बस्ता एक ओर रखा व पापा …
Read More »दादाजी की सीख: पर्यावरण संरक्षण पर हास्य हिंदी बाल कहानी
“सुबह से इस बन्दर ने हड़कंप मचा रखा है” मम्मी ने खड़की से बाहर की ओर झाँकते हुए कहा। मम्मी की बात सुनते ही टीनू ने पास रखी किताब उठाई और पढ़ने का नाटक करने लगा। मम्मी ने टीनू को देखा और कहा – “तुम सिर के बल क्यों नहीं खड़े हो जाते”? “क्यों मम्मी”? टीनू ने मासूमियत से पूछा। …
Read More »टांय-टांय फिस्स: लेखक गोबिंद शर्मा की साहसिक प्रेरणादायक बाल कहानी
टांय-टांय फिस्स: एक थी मछली। छोटी-सी, प्यारी सी। कुछ बच्चों ने उसे देखा। एक बच्चे ने पूछा, “तुम कौन हो?” मछली ने कहा, “मैं फिश हूं।” सब बच्चे हंस पड़े। एक बोला, “फिश तो सभी मछली होती हैं। तुम्हारा नाम क्या है?” “मेरा नाम टांय-टांय है।” “हैं? तो तुम्हारा पूरा नाम हुआ टांय-टांय फिस्स।” जब एक बच्चे ने कहा तो सब …
Read More »अप्रैल फूल के अवसर पर शिक्षाप्रद बाल-कहानी
अप्रैल फूल बाल-कहानी: चारों तरफ फ़ुसफ़ुसाहट हो रही थी। सभी बच्चे एक दूसरे को देखकर ऊपर से तो मुस्कुरा रहे थे पर मन ही मन एक दूसरे को अप्रैल फूल बनाने के लिए सोच रहे थे। ऐसा लग रहा था कि कक्षा में बहुत सारी मधुमक्खियाँ भिनभिना रही थी। तभी एक हाथ में रजिस्टर पकड़े हुए जोशी मैडम कक्षा में …
Read More »जिम्मेदारी किसकी: छात्रों और बच्चों के लिए स्वच्छता पर शिक्षाप्रद बाल-कहानी
जिम्मेदारी किसकी: बबलू बेहद लाडला था। अब वह पांच वर्ष का हो गया था। स्कूल से उसे डर लगता था। मम्मी उसे कभी चॉकलेट, कभी टॉफियां देकर मानती लेकिन बबलू स्कूल जाने से पहले ही चॉकलेट और टॉफियां चट कर जाता। स्कूल में प्रवेश करते ही उसे पता चल जाता कि मम्मी अब उसे छोड़कर घर चली जाएंगी। दूसरी कक्षा …
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