दिवाली के पटाखों की बाल-कहानी: एक दुकान में ढेर सारे पटाखे सजे हुए रखे थे, जो दुकानदार ने दिवाली पर बेचने के लिए रखे हुए थे। पटाखों को यह देखकर बहुत दुःख होता था की जो बच्चे अच्छे कपड़े पहनकर अपने मम्मी पापा के साथ पटाखे लेने आते, उन्हें तो दुकानदार बड़े ही प्यार से पटाखे दिखता और बेचता पर …
Read More »दिवाली की सफाई: सोशल मीडिया से सीखें घर की सफाई के आसान तरीके
65 वर्षीय वर्मा जी थे। उनकी दोस्ती एक सुंदर महिला से फेसबुक पर हो गयी। गुड मॉर्निंग, Nice Pic, Wow, से आगे कुछ बातें इनबॉक्स में भी होने लगी। वर्मा जी खुश रहने लगे। रोज़ इधर उधर से फेसबुकिया फूल भेज देते। एक दिन उनके मन की हो गयी। इनबॉक्स में नंबर मांग लिया महिला ने। अब क्या था। व्हाट्सअप …
Read More »कंजूस आदमी: महा कंजूस सेठ की हास्य बाल-कहानी – गोविन्द भारद्वाज
सेठ लोभीराम बड़ा ही कंजूस आदमी था। वह कई-कई दिनों तक इसलिए भी नहीं नहाता था, कि साबुन कहीं जल्दी घिस न जाए। वह मैले-कुचैले कपड़े पहन कर ही अपनी दुकान पर बैठा रहता था। उसके नौकर उसकी कंजूसी की आदत से बहुत दुखी थे। वह दुकान पर बिना चुपड़ी रोटी और पानी जैसी पतली दाल के अलावा कुछ भी …
Read More »हृदय परिवर्तन: जंगल में मनाया गया ‘वरिष्ठ नागरिक दिवस’ – गोविन्द भारद्वाज
हृदय परिवर्तन – आज नंदन वन की तरफ जाने वाले रास्ते में मोनू बंदर गले में ढोलक लटका कर बजा रहा था। उसके दो साथी गज्जू हाथी और भोलू भालू नई ड्रैस पहने नाच रहे थे। जैसे ही वे नंदन बन पहुंचे तो लोमड़ी ने पूछा, “अरे तुम तीनों को ऐसा कौन-सा खजाना मिल गया कि झूम रहे हो, गा …
Read More »चिंकी की चॉकलेट: कक्षा अध्यापिका ने विद्यार्थी की बुरी आदत को कैसे छुड़ाया
चिंकी की चॉकलेट: चिंकी चॉकलेट खाने की कुछ ज्यादा ही शौकीन थी। उसकी यह आदत छुट्टियों के उपरांत तो और भी बिगड़ गई थी क्योंकि पहले तो मम्मी उसे दुकान से चॉकलेट लाकर खाने से रोकती थीं, मगर अब वह स्कूल जाते समय रास्ते में ही छोटी-छोटी चॉकलेट ले लेती और बस्ते में रख लेती थी। फिर स्कूल समय में …
Read More »राजा की परीक्षा: तानाशाह शेर या लोकतंत्र प्रणाली से जंगल में चुनाव
राजा की परीक्षा: सुंदरवन में राजा शेर सिंह का राज था। आज राजा के दरबार में एक बैठक आयोजित हुई। “महाराज की जय हो… महाराज आपकी आज्ञा हो तो बैठक की कार्रवाई शुरू की जाए?” महामंत्री छोटू खरगोश ने कहा। “आज्ञा है…” राजा शेर सिंह ने कहा। राजा की परीक्षा: गोविन्द भारद्वाज छोटू खरगोश अपनी जगह पर खड़े होकर बोला, “महाराज …
Read More »बदलाव: टेडी बियर और बार्बी गुड़िया की आपसी ईर्ष्या पर बाल कहानी
बदलाव -आपसी ईर्ष्या पर डा. दर्शन सिंह ‘आशट’ की हिंदी बाल कहानी: गप्पू की आयु तीन वर्ष की थी। एक दिन उसकी मम्मी उसे बाजार ले गईं। शोरूम खिलौनों से भरपूर था। इतने खिलौने? गप्पू दंग हो रहा था। गप्पू एक चाबी वाली बार्बी गुड़िया पसंद आ गई जिसकी आंखें भूरी थीं। कद लम्बा था और बाल भी भूरे थे। …
Read More »मित्र द्रोह का फल: पंचतंत्र की कहानी
मित्र द्रोह का फल: दो मित्र धर्मबुद्धि और पापबुद्धि हिम्मत नगर में रहते थे। एक बार पापबुद्धि के मन में एक विचार आया कि क्यों न मैं मित्र धर्मबुद्धि के साथ दूसरे देश जाकर धनोपार्जन करूं। बाद में किसी न किसी युक्ति से उसका सारा धन ठग-हड़प कर सुख-चैन से पूरी जिंदगी जीऊंगा। मित्र द्रोह का फल: पंचतंत्र की कहानी …
Read More »पढ़े लिखे मूर्ख: पंचतंत्र की कहानी
किसी नगर में चार लड़के रहते थे। उनमें खासा मेल-जोल था। बचपन में ही उनके मन में आया कि कहीं चल कर पढ़ाई की जाए। एक दिन के पढ़ने के लिए कन्नौज नगर चले गए। वहां जाकर वे किसी पाठशाला में पढ़ने लगे। बारह वर्ष तक जी लगा कर पढ़ने के बाद वे सभी अच्छे विद्वान हो गए। अब उन्होंने …
Read More »नन्हें गणेश: गणपति की मूर्ति के आकार पर मंजरी शुक्ला की प्रेरणादायक कहानी
नन्हें गणेश: “भगवान गणपति की यह मूर्ति कितनी भव्य और भव्य है” रोहन ने माँ से कहा। “हाँ, बहुत सुंदर है” उसकी माँ कमला ने फ़र्श पर पोछा लगाते हुए जवाब दिया। “कम से कम एक नज़र देख तो लो” रोहन बोला। कमला ने अपना सिर घुमाया और फीकी मुस्कान के साथ मूर्ति की ओर देखा और फिर से अपना …
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