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खाली कमरा – ज्ञान प्रकाश विवेक

खाली कमरा - ज्ञान प्रकाश विवेक

कमरा और मैं एक साथ पुराने हुए। कमरा जब नया लगता था, तब मैं भी जवानी की दहलीज पर कदम रख रहा था। पता नहीं कब और कैसे, कमरा मेरा दोस्त बनता चला गया। कमरा जितना पुराना होता गया, उतना ज्यादा मुझे अपना लगने लगा। जैसे कमरा न हो, मेरा चेहरा हो। घर के बाकी सब जन अपने कमरों में …

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