Bal Kavita on Indian Festivals खुशियों के त्यौहार

खुशियों के त्यौहार Bal Kavita on Indian Festivals

खुशियों के त्यौहार: भारत त्‍यौहार और मेलों का देश है। वस्‍तुत: वर्ष के प्रत्‍येक दिन उत्‍सव मनाया जाता है। पूरे विश्‍व की तुलना में भारत में अधिक त्‍यौहार मनाए जाते हैं। प्रत्‍येक त्‍यौहार अलग अवसर से संबंधित है, कुछ वर्ष की ऋतुओं का, फसल कटाई का, वर्षा ऋतु का अथवा पूर्णिमा का स्‍वागत करते हैं। दूसरों में धार्मिक अवसर, ईश्‍वरीय सत्‍ता / परमात्‍मा व संतों के जन्‍म दिन अथवा नए वर्ष की शरूआत के अवसर पर मनाए जाते हैं। इनमें से अधिकांश त्‍यौहार भारत के अधिकांश भागों में समान रूप से मनाए जाते हैं। तथापि यह हो सकता है‍ कि उन्‍हें देश के विभिन्‍न भागों में अलग-अलग नामों से पुकारा जाता हो अथवा अलग तरीके से मनाया जाता हो। कुछ ऐसे त्‍यौहार, जो पूरे भारत में मनाए जाते हैं, इन का उल्‍लेख नीचे किया गया है। तथापि इस खंड में अभी और वृद्धि की जा रही है। ऐसे और कई महत्‍वपूर्ण त्‍यौहार हैं जो भारत में विभिन्‍न जातियों द्वारा मनाए जाते हैं तथा इनके संबंध में और जानकारी उपलब्‍ध कराने के लिए इस खंड का भी आगे संवर्धन किया जाएगा…

खुशियों के त्यौहार: संजीव वर्मा ‘सलिल’

ईद दिवाली ओणम क्रिसमस
खुशियों के त्यौहार।
लगकर गले बधाई दें लें
झूमें नाचें यार।

हम सब भारत मां के बेटे
सबके सुख दुख एक।
सभी सुखी हों यही मनाते,
तजें न अपनी टेक।

भाईचारा मजहब अपना
मानवता ईमान।
आंसू पोछें हर पीड़ित के
बन सच्चे इंसान।

नूर खुदाई सबमें देखा
कोई दिखा न गैर।
हाथ जोडकर रब से मांगें
सबकी रखना खैर।

दहशतगर्दी से लड़ना है
हर इंसां का फर्ज।
बहा पसीना चुका सकेंगे
भारत मां का कर्ज।

गुझिया सिंवई खिकायें खायें
हों साझे त्यौहार।
अंतर से अंतर का अंतर
मिटा लुटायें प्यार।

~ संजीव वर्मा ‘सलिल’

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