Tag Archives: India Poems for Students

हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदू भाषा को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया था। भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को अपनाया। हालांकि इसे 26 …

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जयद्रथ वध: राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त

जयद्रथ वध: राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त

जयद्रथ वध: मैथिली शरण गुप्त जी के काव्य में मानव-जीवन की प्रायः सभी अवस्थाओं एवं परिस्थितियों का वर्णन हुआ है। अतः इनकी रचनाओं में सभी रसों के उदाहरण मिलते हैं। प्रबन्ध काव्य लिखने में गुप्त जी को सर्वाधिक सफलता प्राप्त हुई है। मैथिली शरण गुप्त जी की प्रसिद्ध काव्य-रचनाएँ – साकेत, यशोधरा, द्वापर, सिद्धराज, पंचवटी, जयद्रथ-वध, भारत-भारती, आदि हैं। भारत …

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भारत के त्यौहार Hindi Poem on Indian Festivals

Hindi Poem on Indian Festivals भारत के त्यौहार

भारत के त्यौहार: भारत त्यौहारों की भूमि है। भारतवर्ष में प्राचीन काल से ही उत्सव और त्यौहारों की परम्परा रही हैं। इसमें विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग रहते है और इस प्रकार यहाँ कई धार्मिक त्यौहार मनाये जाते हैं। उत्सव धर्म का एक अभिन्न अंग हैं। भारत में तीन राष्ट्रीय त्यौहार भी मनाए जाते है। उत्सव के मौसम के …

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जीवन एक अभिलाषा: तेजपाल सिंह गुलिया

जीवन एक अभिलाषा: तेजपाल सिंह गुलिया

जीवन एक अभिलाषा: तेजपाल सिंह गुलिया – द्रास नदी (Dras River) भारत के लद्दाख़ क्षेत्र के कर्गिल ज़िले में बहने वाली एक नदी है। यह ज़ोजिला दर्रे के समीप माचोई हिमानी में उत्पन्न होती है और खरबू के समीप शिंगो नदी से विलय करती है। द्रास भारत के लद्दाख़ केन्द्रशासित प्रदेश के करगिल ज़िले में स्थित एक बस्ती है। ३,२३० …

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खुशियों के त्यौहार Bal Kavita on Indian Festivals

Bal Kavita on Indian Festivals खुशियों के त्यौहार

खुशियों के त्यौहार: भारत त्‍यौहार और मेलों का देश है। वस्‍तुत: वर्ष के प्रत्‍येक दिन उत्‍सव मनाया जाता है। पूरे विश्‍व की तुलना में भारत में अधिक त्‍यौहार मनाए जाते हैं। प्रत्‍येक त्‍यौहार अलग अवसर से संबंधित है, कुछ वर्ष की ऋतुओं का, फसल कटाई का, वर्षा ऋतु का अथवा पूर्णिमा का स्‍वागत करते हैं। दूसरों में धार्मिक अवसर, ईश्‍वरीय …

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Independence Day of India (An Acrostic): Dr John Celes

Independence Day of India

Independence Day of India: Indian nationalism developed as a concept during the Indian independence movement which campaigned for independence from British rule. Indian nationalism is an instance of territorial nationalism, which is inclusive of all of the people of India, despite their diverse ethnic, linguistic and religious backgrounds. It continues to strongly influence the politics of India and reflects an …

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वीर शिवाजी: छत्रपति शिवाजी पर वीर रस कविता

वीर शिवाजी: छत्रपति शिवाजी पर वीर रस कविता

वीर शिवाजी भोसले का जन्म 19 फरवरी 1630 को महाराष्ट्र के शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उनके पिता शाहजी भोसले सेनापति थे और उनकी माता जीजाबाई एक धार्मिक महिला थीं। मां से ही शिवाजी को धर्म और आध्यात्म की शिक्षा मिली थी। वीर शिवाजी बचपन से ही सामंती प्रथा के खिलाफ थे और मुगल शासकों द्वारा प्रजा के प्रति क्रूर …

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शिवा-बावनी: कवि भूषण द्वारा शिवाजी की शौर्यगाथा

शिवा-बावनी: कवि भूषण द्वारा शिवाजी की शौर्यगाथा

शिवा-बावनी: कवि भूषण द्वारा शिवाजी की शौर्यगाथा – कवि भूषण वैसे तो रीति काल के कवि थे लेकिन उस दौर में उनकी कलम वीर रस से सराबोर थी। माना जाता है कि भूषण कई राजाओं के यहां रहे और वहां सम्मान प्राप्त किया। पन्ना के महाराज छत्रसाल के यहाँ इनका बड़ा मान हुआ। भूषण ने प्रमुख रूप से शिवाजी और …

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चंद्रशेखर आजाद पर हिंदी कविता

चंद्रशेखर आजाद पर हिंदी कविता

चंद्रशेखर आजाद: सुशील कुमार शर्मा की हिंदी कविता तुम आजाद थे, आजाद हो, आजाद रहोगे, भारत की जवानियों के तुम खून में बहोगे। मौत से आंखें मिलाकर वह बात करता था, अंगदी व्यक्तित्व पर जमाना नाज करता था। असहयोग आंदोलन का वो प्रणेता था, भारत की स्वतंत्रता का वो चितेरा था। बापू से था प्रभावित, पर रास्ता अलग था, खौलता …

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खण्डकाव्य चंद्रशेखर आजाद कुछ चुनिंदा अंश: श्रीकृष्ण सरल

खण्डकाव्य चंद्रशेखर आजाद कुछ चुनिंदा अंश: श्रीकृष्ण सरल

श्रीकृष्ण सरल उन भारतीय कवियों और लेखकों में से एक हैं जिन्होंने भारतीय क्रांतिकारियों पर अनेक पुस्तकें लिखीं, जिनमें पन्द्रह महाकाव्य हैं। सरल जी ने अपना सम्पूर्ण लेखन भारतीय क्रांतिकारियों पर ही किया है। उन्होंने लेखन में कई विश्व कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सर्वाधिक क्रांति-लेखन और सर्वाधिक महाकाव्य (पन्द्रह) लिखने का श्रेय सरलजी को ही जाता है। 1 जनवरी 1919 …

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