रविन्द्रनाथ टैगोर की लोकप्रिय कविताओं का हिंदी अनुवाद

रवीन्द्रनाथ टैगोर की लोकप्रिय कविताओं का हिंदी अनुवाद

कविता – 3

गर्मी की रातों में
जैसे रहता है पूर्णिमा का चांद
तुम मेरे हृदय की शांति में निवास करोगी
आश्‍चर्य में डूबे मुझ पर
तुम्‍हारी उदास आंखें
निगाह रखेंगी
तुम्‍हारे घूंघट की छाया
मेरे हृदय पर टिकी रहेगी
गर्मी की रातों में पूरे चांद की तरह खिलती
तुम्‍हारी सांसें, उन्‍हें सुगंधित बनातीं
मरे स्‍वप्‍नों का पीछा करेंगी।

Translation by: Kumar Mukul

कविता – 4

मेरे प्‍यार की ख़ुशबू
वसंत के फूलों-सी
चारों ओर उठ रही है।
यह पुरानी धुनों की
याद दिला रही है
अचानक मेरे हृदय में
इच्‍छाओं की हरी पत्तियाँ
उगने लगी हैं

मेरा प्‍यार पास नहीं है
पर उसके स्‍पर्श मेरे केशों पर हैं
और उसकी आवाज़ अप्रैल के
सुहावने मैदानों से फुसफुसाती आ रही है।
उसकी एकटक निगाह यहाँ के
आसमानों से मुझे देख रही है
पर उसकी आँखें कहाँ हैं
उसके चुंबन हवाओं में हैं
पर उसके होंठ कहाँ हैं…

Translation by: Kumar Mukul

कविता – 5

रोना बेकार है
व्‍यर्थ है यह जलती अग्नि इच्‍छाओं की।
सूर्य अपनी विश्रामगाह में जा चुका है।
जंगल में धुंधलका है और आकाश मोहक है।
उदास आँखों से देखते आहिस्‍ता क़दमों से
दिन की विदाई के साथ
तारे उगे जा रहे हैं।

तुम्‍हारे दोनों हाथों को अपने हाथों में लेते हुए
और अपनी भूखी आँखों में तुम्‍हारी आँखों को
कैद करते हुए,
ढूँढते और रोते हुए, कि कहाँ हो तुम,
कहाँ ओ, कहाँ हो…
तुम्‍हारे भीतर छिपी
वह अनंत अग्नि कहाँ है…

जैसे गहन संध्‍याकाश को अकेला तारा अपने अनंत
रहस्‍यों के साथ स्‍वर्ग का प्रकाश, तुम्‍हारी आँखों में
काँप रहा है,जिसके अंतर में गहराते रहस्‍यों के बीच
वहाँ एक आत्‍मस्‍तंभ चमक रहा है।

अवाक एकटक यह सब देखता हूँ मैं
अपने भरे हृदय के साथ
अनंत गहराई में छलांग लगा देता हूँ,
अपना सर्वस्‍व खोता हुआ।

Translation by: Kumar Mukul

रवीन्द्रनाथ टैगोर लोकप्रिय कविता – 6

रास्‍ते में जब हमारी आँखें मिलती हैं
मैं सोचता हूँ मुझे उसे कुछ कहना था
पर वह गुज़र जाती है
और हर लहर पर बारंबार टकराती
एक नौका की तरह
मुझे कंपाती रहती है –
वह बात जो
मुझे उससे कहनी थी
यह पतझड़ में बादलों की अंतहीन तलाश
की तरह है या संध्‍या में खिले फूलों-से
सूर्यास्‍त में अपनी खुशबू खोना है

जुगनू की तरह मेरे हृदय में
भुकभुकाती रहती है
निराशा के झुटपुटे में अपना अर्थ तलाशती –
वह बात जो मुझे उसे बतानी थी।

Translation by: Kumar Mukul

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