Tag Archives: Ecstasy Hindi Poems

कबीर के दोहे: Couplets of Kabir Das

Famous Kabir Das Ke Dohe कबीर के दोहे

Name Kabir Das / कबीर दास Born लगभग (1398 या 1440) लहरतारा, निकट वाराणसी Died लगभग (1448 या 1518) मगहर Occupation कवि, भक्त, सूत कातकर कपड़ा बनाना Nationality भारतीय कबीरदास भारत के महानतम कवी थे, इन्होने जीवन और उसके भीतर भावनाओ को अहम् बताया और मनुष्य को मार्गदर्शन दिया। इनके काव्य में कहीं भी धर्म का विषय नहीं था, ये …

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प्रताप की प्रतिज्ञा: श्याम नारायण पांडेय की वीर रस हिंदी कविता

प्रताप की प्रतिज्ञा - श्याम नारायण पांडेय

प्रताप की प्रतिज्ञा: श्याम नारायण पांडेय – Man Singh, a Rajput, ( “Maan” in first line of third stanza) had aligned with Emperor Akbar of Delhi and had attacked Rana Pratap’s kingdom of Mewar. Rana Pratap kept fighting and resisting this assault. His velour and that of his legendary horse “Chetak” has been immortalized by famous poet Shyam Narayan Pandey in …

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पीथल और पाथल: कन्हैयालाल सेठिया की महाराणा प्रताप पर राजस्थानी वीर रस कविता

Kanhaiyalal Sethia Rajasthani Classic Poem about Rana Pratap पीथल और पाथल

पीथल और पाथल: कन्हैयालाल सेठिया – You may have read Shyam Narayan Pandey’s classic epic “Haldighati”. Three excerpts from that great work are available on this site. Many readers had asked me to include a Rajasthani classic poem on the same theme by the great poet Kanhaiyalal Sethia, but I could not find that poem any where. Fortunately one reader …

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चेतक की वीरता: श्याम नारायण पाण्डेय

चेतक की वीरता - श्यामनारायण पाण्डेय

चेतक की वीरता – महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की यशोगाथा गाती श्याम नारायण पाण्डेय की कविता। श्यामनारायण पाण्डेय का जन्म आजमगढ के डुमराँव गाँव में हुआ। इन्होंने काशी से साहित्याचार्य किया। पाण्डेयजी वीर रस के अनन्य गायक हैं। इन्होंने चार महाकाव्य रचे, जिनमें ‘हल्दीघाटी और ‘जौहर विशेष चर्चित हुए। ‘हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के जीवन और ‘जौहर में रानी …

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वीर सिपाही: श्याम नारायण पाण्डेय की वीर रस कविता

Maharana Pratap Jayanti

Here is another excerpt from “” the great Veer-Ras Maha-kavya penned by Shyam Narayan Pandey. Here is a description of a soldier fighting for the Motherland. वीर सिपाही: वीर रस कविता भारत-जननी का मान किया, बलिवेदी पर बलिदान किया अपना पूरा अरमान किया, अपने को भी कुर्बान किया रक्खी गर्दन तलवारों पर थे कूद पड़े अंगारों पर, उर ताने शर-बौछारों पर …

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हनुमान चालीसा: पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति

Legends of Hanuman: Hindu Culture & Traditions

हनुमान चालीसा गोस्वामी तुलसीदास की एक काव्यात्मक कृति है जिसमें प्रभु राम के महान भक्त हनुमान के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है। यह अत्यन्त लघु रचना है जिसमें पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति की गई है। इसमें बजरंग बली‍ की भावपूर्ण वंदना तो है ही, श्रीराम का व्यक्तित्व भी सरल शब्दों में उकेरा गया …

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Hanuman Chalisa: Forty chaupais on Hanuman

Hanuman Chalisa - Tulsidas

The Hanuman Chalisa (हनुमान चालीसा; literally Forty chaupais on Hanuman) is a Hindu devotional hymn (stotra) addressed to Hanuman. It is traditionally believed to have been authored by 16th-century poet Tulsidas in the Awadhi language, and is his best known text apart from the Ramcharitmanas. The word “chalisa” is derived from “chālīs”, which means the number forty in Hindi, as …

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बंदर आया: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

बंदर आया - अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

Here is a simple poem on monkeys for children by the well known poet Ayodhya Singh Hariaudh. The era when madaris would go around with their damroo and monkeys dressed in colorful clothes and put up a street show of Bandar and bandaria, are now gone. Kids now do not get opportunity to see the performance of bandar on cue …

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योग पर आधारित हिंदी कविता संग्रह

Sanskrit Poem on Importance of Yoga योगस्य महत्त्वम्

योग क्या है? संस्कृत धातु ‘युज‘ से निकला है, जिसका मतलब है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का सार्वभौमिक चेतना या रूह से मिलन। योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है। हालांकि कई लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं, जहाँ लोग शरीर को मोडते, मरोड़ते, खींचते हैं और श्वास लेने के जटिल तरीके अपनाते हैं। …

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बचपन: बाल दिवस स्पेशल नटखट हिंदी कविता

बचपन - बाल दिवस स्पेशल - अवधेश गुप्ता

बचपन के दिन किसी भी व्यक्ति के जीवन के बड़े महत्वपूर्ण दिन होते हैं। बचपन में सभी व्यक्ति चिंतामुक्त जीवन जीते हैं। खेलने उछलने-कूदने, खाने-पीने में बड़ा आनंद आता है। माता-पिता, दादा-दादी तथा अन्य बड़े लोगों का प्यार और दुलार बड़ा अच्छा लगता हैं। हमउम्र बच्चों के साथ खेलना-कूदना परिवार के लोगों के साथ घूमना-फिरना बस ये ही प्रमुख काम …

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