Stories For Kids

Kabuliwala: Bengali short story written by Rabindranath Tagore

Kabuliwala - Rabindranath Tagore Classic English Short Story

Kabuliwala: My five years’ old daughter Mini cannot live without chattering. I really believe that in all her life she has not wasted a minute in silence. Her mother is often vexed at this, and would stop her prattle, but I would not. To see Mini quiet is unnatural, and I cannot bear it long. And so my own talk …

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आधा तीतर आधा बटेर: मुहावरे पर आधारित एक शिक्षाप्रद हिंदी कहानी

आधा तीतर आधा बटेर: मुहावरे पर आधारित एक शिक्षाप्रद हिंदी कहानी

सोमवार का दिन था। विद्यालय में प्रार्थना सभा चल रही थी। प्रधानाचार्य सहित समस्त स्टाफ भी प्रार्थना स्थल पर खड़े थे। प्रार्थना समाप्ति के बाद शारीरिक शिक्षक मीनाक्षी मैडम ने उन बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “जो विद्यार्थी स्कूल यूनिफॉर्म में नहीं आएं हैं, वे अपने स्थान पर खड़े हो जाओ।” इतना सुनते ही एक के बाद एक बच्चे …

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इनाम: तार्किक सोच वाली हिंदी बाल-कहानी – गोविंद शर्मा

इनाम: तार्किक सोच वाली हिंदी बाल-कहानी - गोविंद शर्मा

इनाम: सेठ गंगा प्रसाद कलाकारों की बड़ी कद्र करते थे। उन्होंने अनेक कलाकारों की कलाकृतियां खरीदीं और उन्हें पुरस्कृत भी किया। वहन केवल स्वयं कलाकृतियों का संग्रह करते थे, दूसरों को भी कला का सम्मान करने की प्रेरणा देते रहते थे। एक बार की बात है। एक कलाकार ने मिट्टी एवं रंगों की सहायता से मोतीचूर के लड्डू बनाए और …

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आत्मनिर्भर: अपने काम खुद करने की आदत और जीवन में आत्मनिर्भरता की प्रेरक बाल कहानी

आत्मनिर्भर: अपने काम खुद करने की आदत और जीवन में आत्मनिर्भरता की प्रेरक बाल कहानी

रावी नदी के किनारे एक बहुत बड़ा वट वृक्ष था। उस पर बहुत सारे पक्षी रहते थे। वट वृक्ष पर मीनू चिड़िया अपने दो बच्चों चुन्नू मुन्नू के साथ रहती थी। चुन्नू बड़ा तथा मुन्नू छोटा था। मुन्नू के छोटा होने के कारण उसकी अम्मा उसे ज्यादा लाड़-प्यार करती थी। इस वजह से मुन्नू की आदत बिगड़ चुकी थी। वह …

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मेहनत से बनी ‘पहचान’: नाम कैसे कमाया जाता है – हिंदी बाल-कहानी

मेहनत से बनी 'पहचान': नाम कैसे कमाया जाता है - हिंदी बाल-कहानी

गंभीर बचपन से ही मन ही मन सोचता था कि अपनी पहचान बनाने के लिए क्या करना पड़ता है? प्रसिद्धि कैसे हासिल की जाती है? बहुत सारे लोग कैसे जानने लगते हैं? नाम कैसे कमाया जाता है? समाचारपत्रों में नाम तथा फोटो कैसे छपते हैं? मेहनत से बनी ‘पहचान’ जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया वैसे-वैसे उसकी यह जानने की उत्सुकता …

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खिलौनों वाला अध्यापक: बच्चों में पढ़ने-लिखने की रुचि जगाने का अनूठा तरीका

खिलौनों वाला अध्यापक: बच्चों में पढ़ने-लिखने की रुचि जगाने का अनूठा तरीका

खिलौनों वाला अध्यापक: कुंदनलाल खिलौने बेचने का व्यापार करता था। वह गांव-गांव घूम कर खिलौने बेचता था। उसके पास बेचने के लिए छोटी-बड़ी गेंदें, जादू के डिब्बे, टोपियां, बांसुरियां, गुब्बारे, जहाज, ट्रैक्टर तथा अन्य खिलौने होते थे। उसके एक बड़े से झोले में टॉफियां तथा थोड़ी-बहुत खाने की चीजें भी होती थीं लेकिन वे खाने-पीने की चीजें बेचने के लिए …

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शेर-चिड़िया की दोस्ती: ताकत पर घमंड नहीं करना चाहिए

शेर-चिड़िया की दोस्ती: ताकत पर घमंड नहीं करना चाहिए

शेर-चिड़िया की दोस्ती: एक जंगल में शेर की गुफा के पास ही पेड़ पर चिड़िया का घोंसला था। शेर और चिड़िया दोनों पड़ोसी। दोनों सुबह-सुबह अपने काम पर निकल जाते। एक दिन शेर जल्दी वापस आ गया। उसने देखा पेड़ पर बहुत-सी चिड़िया बैठी आपस में चीं-चीं यानी बातें कर रही हैं। उसे यह अच्छा नहीं लगा। उसने कहा, “तुम …

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Bali and Hanuman: How Hanuman saved Sugriva

Bali and Hanuman - Learn how Hanuman saved Sugriva from Bali

Bali and Hanuman: Kishkindha was the capital of the kingdom of the monkeys ruled by King Bali. One day, a terrible fight broke out between Bali and his brother Sugriva. Bali and Hanuman: How Hanuman saved Sugriva Sugriva was so afraid of Bali that he went away to live in a hill called Rishyamukha with his minister, Hanuman. Sugriva chose …

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उपहार: किताबें उपहार देने के लिए सबसे अच्छी हैं

उपहार: किताबें उपहार देने के लिए सबसे अच्छी हैं

बलतेज का जन्मदिन आ रहा था। इस बार ननिहाल से नानी जी, मामा जी और मामा जी का बेटा रंजन भी आ रहे थे। बलतेज अटकलें लगा रहा था, “बिंटी ज्योमैट्री बॉक्स लाएगी, हरीश चॉकलेट का डिब्बा, मनदीप सेल से बॉक्सिंग करने वाला बॉक्सर लाएगा और सोनू…?” पिछले वर्ष भी दोस्तों से उसे जन्मदिन पर कीमती उपहार मिले थे – …

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