Stories For Kids

पुस्तकें बोल पड़ी: जितनी देर भी पढ़ो – दिल लगाकर पढ़ो – प्रेरणादायक हिंदी कहानी

पुस्तकें बोल पड़ी: जितनी देर भी पढ़ो - दिल लगाकर पढ़ो

पुष्प दसवीं कक्षा में हो गया था, उसे अपने आप से यह शिकायत थी कि वह जितनी मेहनत करता है, उसके कक्षा के टैस्टों और परीक्षाओं में उतने अंक नहीं आते। उसे जब भी कक्षा के टैस्ट तथा परीक्षाओं के पर्चे मिलते, तो वह बाकी मेधावी छात्रों के मुकाबले अपने कम अंक आए देखकर मन में सोचने लगता था कि …

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अब फैसला आपका: कक्षा या पढ़ाई के दौरान मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल पर हिंदी कहानी

अब फैसला आपका: कक्षा या पढ़ाई के दौरान मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल

कुशल की कक्षा के विज्ञान विषय के अध्यापक किसी दूसरे विद्यालय से बदल कर आए थे। वह बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ हर रोज उनका बिना बताए किसी न किसी प्रश्न का टैस्ट लेते रहते थे। हर बच्चे के टैस्ट में आने वाले अंकों को वह अपनी कापी में लिख लेते लेकिन किसी बच्चे को कुछ नहीं बताते। सभी बच्चे …

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सच्ची दीपावली: गरीब की दिवाली पर हृदयविदारक कथा बच्चों के लिए

सच्ची दीपावली: गरीब की दिवाली पर हृदयविदारक कथा

सच्ची दीपावली: गरीब की दिवाली – दीपावली का पर्व नजदीक आ रहा था और स्कूल में सभी बच्चों के मन में मानों खुशियों के पंख लग गए थे और वे तमाम तरीके से रोज नए पटाखों की लिस्ट बनाते और फिर अचानक दूसरे पटाखे याद आ जाते तो पहली लिस्ट के चिंदे करके चारों ओर उड़ा देते। कोई अपने लिए …

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दिवाली की रात: दिवाली पर हिंदी जासूसी कहानी विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

Hindi Detective Story about Diwali and Thieves दीवाली की रात

दिवाली की रात: चन्दन चौदह वर्षीय एक चंचल और चतुर लड़का था। घर से लेकर स्कूल तक सभी उसकी बुद्धिमानी का लोहा मानते थे। जितना वह पढ़ाई लिखाई में अच्छा था उतना ही खेल कूद में भी। हर साल की तरह इस बार भी उसने और उसके दोस्तों ने दिवाली को बड़े ही धूम-धाम से मनाने का निश्चय किया। बच्चों की …

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बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की दिल छू लेने वाली कहानी

बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की कहानी

बाला की दिवाली:  “माँ… पटाखे लेने है मुझे” बाला ने दिवार के कोने में बैठे हुए कहा। “कहाँ से ले दूँ?” बाला की माँ, शांता का तुरंत जवाब आया। “पर दिवाली में तो सब बच्चे पटाखे फोड़ते है” बाला ने एक और कोशिश करते हुए कहा। “हाँ, पर उनके मम्मी पापा के पास पैसे होते है?” माँ ने रस्सी पर …

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चुन्नू की इको फ्रेंडली दिवाली: जन जागरूकता पर प्रेरक हिंदी बाल कहानी

इको फ्रेंडली दिवाली

इको फ्रेंडली दिवाली: सात साल का चुन्नू सुबह से ही पटाखे खरीदने की जिद कर रहा था। वह पापा के पास आते हुए बोला – “पटाखे लेने चलो, मेरे सब दोस्त ले आये है”। “अरे, बेटा, तुम पहले अपना होमवर्क तो खत्म कर लो फ़िर समय नहीं मिलेगा”। “अभी तो स्कूल खुलने में चार दिन है, आप पहले पटाखे लेने …

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अनोखी कुश्ती: जीत और हार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, इन्हें समान रूप से ही ले

अनोखी कुश्ती (बाल कहानी) : कर्मजीत सिंह गठवाला

अनोखी कुश्ती: बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में दो आदमी रहते थे। उम्र, कद-काठ और स्वभाव में वे एक जैसे थे। वे हमेशा साथ रहते और जब कभी अकेले रहना पड़ता तो उनको लगता जैसे समय उन्हें दुखी करने के लिए ठहर गया हो। जिंदगी में चाहे कितने भी दुख और मुसीबतें क्‍यों न आईं, दोनों ने …

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ह्र्दय परिवर्तन: एक सज्जन महात्मा की सहनशीलता और सदभाव की कहानी

ह्र्दय परिवर्तन

एक महात्मा थे। उन्होंने गेरुआ वस्त्र तो नही पहन रखा था परन्तु उनका मन अंतब्रह्मा शांति से परिपूर्ण था। अपने उधोग-धंधे के सिलसिले में रोज लोकल ट्रेन से लम्बी यात्राएं करते थे। उन दिनों ट्रेन में आज के जितनी भीड़-भाड़ नही रहती थी, फिर भी काफी चहल-पहल रहती थी मन ही मन वह सज्जन अपना जप, ध्यान इत्यादि करते थे। …

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