Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

महाशिवरात्रि फिल्म भजन: सुबह सुबह ले शिव का नाम – कर ले बन्दे यह काम

सुबह सुबह ले शिव का नाम: महाशिवरात्रि भजन

महाशिवरात्रि फिल्म भजन: शिव महिमा फिल्म से सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे यह शुभ काम। सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम॥ ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय खुद को राख लपेटे फिरते, औरों को देते धन धाम। देवो के हित विष पी डाला, नील कंठ को कोटि प्रणाम॥ सुबह …

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संग बसंती अंग बसंती: आनंद बक्शी का राजा और रंक फिल्म से युगल गीत

संग बसंती अंग बसंती - आनंद बक्षी

संग बसंती अंग बसंती: Raja Aur Runk is the story of a prince and a pauper. Two children, born on the same day at the same time: one to the king, Raja Sahib, and one to a poor man, Hariya (Ajit). The king is thrilled at the birth of Yuvraj, the heir to the throne, while Hariya is cynical about …

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मोहे तू रंग दे बसंती: प्रसून जोशी का फ़िल्मी गीत

मोहे तू रंग दे बसंती - प्रसून जोशी

मोहे तू रंग दे बसंती: प्रसून जोशी का फ़िल्मी गीत – प्रसून जोशी के “कुछ कर गुज़रने” की शुरुआत पहाड़ों से हुई। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में 1971 में जन्म हुआ। पिता पीसीएस अफसर थे। मां क्लासिकल सिंगर। मां-पिता दोनों की संगीत में दिलचस्पी थी। एक इंटरव्यू में प्रसून ने कहा था, “पिता पीसीएस अधिकारी थे तो देर रात तक लाइब्रेरी खुलवाए …

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होकर मगन आया है बसंत: वसंत ऋतु पर कविता

होकर मगन आया है बसंत: विवेल हिरदे

होकर मगन आया है बसंत: माघ महीने की पंचमी तिथि से ऋतुराज बसंत का आगमन होता है। मानव तो क्या पशु-पक्षी तक उल्लास से भर जाते हैं। वसंत पंचमी पर्व भारतीय जनजीवन को अनेक तरह से प्रभावित करता है। प्राचीनकाल से इसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस माना जाता है। जो शिक्षाविद भारत और भारतीयता से …

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बसंती हवा: केदार नाथ अग्रवाल

बसंती हवा - केदार नाथ अग्रवाल

बसंती हवा: केदारनाथ अग्रवाल (१ अप्रैल १९११ – २२ जून २०००) प्रमुख हिन्दी कवि थे। १ अप्रैल १९११ को उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद के कमासिन गाँव में हनुमान प्रसाद गुप्ता व घसीटो देवी के घर हुआ था। केदार जी के पिताजी स्वयं कवि थे और उनका एक काव्य संकलन ‘मधुरिम’ के नाम से प्रकाशित भी हुआ था। केदार जी …

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ऋतुओं की ऋतू बसंत: सुमित्रानंदन पंत

ऋतुओं की ऋतू बसंत: सुमित्रानंदन पंत

ऋतुओं की ऋतू बसंत: सुमित्रानंदन पंत – वसंत पञ्चमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू त्यौहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पूजा पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करते हैं। शास्त्रों में बसंत पंचमी को ऋषि पंचमी से उल्लेखित किया …

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जलियाँवाला बाग में बसंत: सुभद्रा कुमारी चौहान

जलियाँवाला बाग में बसंत - सुभद्रा कुमारी चौहान

जलियाँवाला बाग में बसंत: सुभद्रा कुमारी चौहान – Jallianwala Bagh (जलियाँवाला बाग) is a public garden in Amritsar, and houses a memorial of national importance, established in 1951 by the Government of India, to commemorate the massacre of peaceful celebrators including unarmed women and children by British occupying forces, on the occasion of the Punjabi New Year (Baisakhi) on 13 …

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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा: मुहम्मद इक़बाल की देशप्रेम ग़ज़ल

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा: मुहम्मद इक़बाल की देशप्रेम ग़ज़ल

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा: This great poem was written by Allama Muhammad Iqbal, a great poet-philosopher and active political leader. Iqbal was born at Sialkot, Punjab, in 1877. He descended from a family of Kashmiri brahmins but his grandfather Sahaj Ram Sapru, had to embrace Islam (Reference). In 1904, Iqbal, then a young lecturer at the Government College, …

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सिंधु में ज्वार: अटल बिहारी वाजपेयी की देश प्रेम कविता

सिंधु में ज्वार: अटल बिहारी वाजपेयी की देश प्रेम कविता

सिंधु में ज्वार: On the auspicious occasion of the birthday of our past Prime Minister Atal Ji, I am posting excerpt from an inspiring poem written by him. सिंधु में ज्वार: अटल बिहारी वाजपेयी आज सिंधु में ज्वार उठा है नगपति फिर ललकार उठा है कुरुक्षेत्र के कण–कण से फिर पांचजन्य हुँकार उठा है। शत–शत आघातों को सहकर जीवित हिंदुस्थान …

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पानी और धुप: सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रेरणादायी देश प्रेम कविता

पानी और धुप: सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रेरणादायी देश प्रेम कविता

पानी और धुप: Here is a poem written by the famous poetess Subhadra Kumari Chauhan at the time of freedom struggle of India. It depicts the desire of a child to learn the use of sword to ward off policemen who come to arrest the freedom fighter ‘Kaka’. पानी और धुप: सुभद्रा कुमारी चौहान अभी अभी थी धूप, बरसने, लगा …

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