Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

सेक्युलर हिन्दू: हिन्दू ही क्यों होता है – मुस्लिम क्यों नहीं होता है सेक्युलर

सेक्युलर हिन्दू: हिन्दू ही क्यों होता है - मुस्लिम क्यों नहीं होता है सेक्युलर

सेक्युलर हिन्दू धर्म का मूल गुण है इसलिए, और पूरी दुनिया भी धीरे धीरे यह मानने की ओर बढ़ रही है, अब यदि जो भी लोग सारे विश्वासों को सम्मान देने लग जाते हैं वे हिन्दू हो जाते हैं बाकी नाम में क्या रखा है मूल तत्व को तो स्वीकार करना ही पड़ता है न, सिर्फ हिन्दू धर्म में ही …

Read More »

मंगल दीप दिवाली: दिवाली पर हिंदी कविता

Motivational Hindi Poem about Diwali Festival मंगल दीप दिवाली

मंगल दीप दिवाली: दीपावली के शुभ दिन भारत में महालक्ष्मी की पूजा का विधान है। दीपावली के पूजन में दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सिर्फ मिट्टी के दीपक का ही महत्व है। इसमें पांच तत्व हैं, मिट्टी, आकाश, जल, अग्नि और वायु। इस लिए प्रत्येक हिंदू अनुष्ठान में पंच तत्वों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। मंगल दीप दिवाली वह …

Read More »

दिवाली आई, दिवाली आई: हिंदी बाल-कविता

Diwali Festival Hindi Rhyme दिवाली आई, दिवाली आई

दिवाली आई, दिवाली आई: हिंदी बाल-कविता दिवाली आई, दिवाली आई, खुशियो की बहार लायी। धूम धमक धूम-धूम, चकरी, बम, हवाई इनसे बचना भाई। दिवाली आई, दिवाली आई, खुशियो की बहार लायी। पटाखे बाजे धूम-धूम, धूम-धूम। आओ मिलकर नाचे गए हम और तुम…। घर घर दीप जलेंगे, आएगी मिठाई। दिवाली आई, दिवाली आई, खुशियो की बहार लायी। धूम धमक धूम-धूम, चकरी, …

Read More »

दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे: कविता

Diwali Festival Hindi Bal Kavita दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे

दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे: दिवाली भारतीयों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है और हमारे लिए लगभग कोई भी त्योहार आतिशबाजी के बिना पूरा नही माना जाता है। लोग पटाखों और आतिशबाजी को लेकर इतने उत्सुक होते हैं कि वह दिवाली के एक दिन पहले से ही पटाखे फोड़ना शुरु कर देते हैं और कई बार …

Read More »

दिवाली रोज़ मनाएं: दीपावली पर छोटी कविता

दिवाली रोज़ मनाएं - संदीप फाफरिया ‘सृजन’

दिवाली रोज़ मनाएं: भारत में यह त्योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है। धनतेरस से भाई दूज तक यह त्योहार चलता है। धनतेरस के दिन व्यापार अपने बहीखाते नए बनाते हैं। अगले दिन नरक चौदस के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करना अच्‍छा माना जाता है। अमावस्या के दिन लक्ष्मीजी की पूजा की जाती है। खील-बताशे का प्रसाद चढ़ाया जाता …

Read More »

आई अब की साल दिवाली: कैफ़ी आज़मी

आई अब की साल दिवाली मुँह पर अपने खून मले - कैफ़ी आज़मी

आई अब की साल दिवाली: कैफ़ी आज़मी (असली नाम: अख्तर हुसैन रिजवी) उर्दू के एक अज़ीम शायर थे। उन्होंने हिन्दी फिल्मों के लिए भी कई प्रसिद्ध गीत व ग़ज़लें भी लिखीं, जिनमें देशभक्ति का अमर गीत – “कर चले हम फिदा, जान-ओ-तन साथियों” भी शामिल है। कैफी का असली नाम अख्तर हुसैन रिजवी था। उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जिले के छोटे …

Read More »

मां के हाथ का खाना: हिंदी बाल-कविता माँ के खाने के बारे में

मां के हाथ का खाना: हिंदी बाल-कविता माँ के खाने के बारे में

मां के हाथ का खाना कितना स्वादिष्ट होता है, यह तो हम सभी जानते हैंं। हर कोई अपने मां के हाथ के खाने का स्वाद कभी भी नहीं भुलता है। मां अपने खाने में प्यार डालती है, यही प्यार खाने को सबसे ज्यादा स्वादिष्ट बनाता है। मां को अच्छी तरह से पता रहता है की उसके बच्चे को किस तरह …

Read More »

क्या दिक्कत है? हिन्दी भाषा को अपने रोज़मर्रा के जीवन में इस्तेमाल करें

क्या दिक्कत है? हिन्दी भाषा को अपने रोज़मर्रा के जीवन में इस्तेमाल करें

क्या दिक्कत है? क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसे हिंदी शब्द हैं जो आज बहुत अच्छी तरह अंग्रेजी भाषा का हिस्सा बन चुके हैं? इस लेख में ऐसे 10 चर्चित हिंदी शब्दों पर चर्चा करने जा रहे हैं जो अंग्रेजी शब्दकोश में खूब उपयोग किए जाते हैं। हाल ही में पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया और हिंदी को …

Read More »

सर्प क्यों इतने चकित हो: प्रसून जोशी की मोदी जी के बारे में नयी कविता

सर्प क्यों इतने चकित हो: प्रसुन जोशी

सर्प क्यों इतने चकित हो: Here is a nice poem by Prasoon Joshi. The poem is a metaphor for a person who repeated face severe adversities and comes out a winner. Prasoon Joshi recently read this poem for Prime Minister Narendra Modi in London. सर्प क्यों इतने चकित हो: प्रसून जोशी सर्प क्यों इतने चकित हो दंश का अभ्यस्त हूं पी …

Read More »

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया: आनंद बक्षी का मदर्स डे स्पेशल गाना

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया - आनंद बक्षी Mothers Day Filmi Song

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया: Amar Prem is a 1972 Indian drama film directed by Shakti Samanta, based on a Bengali short story Hinger Kochuri by Bibhutibhushan Bandopadhyay about a school boy, who is ill-treated by his step mother, and becomes friends with a prostitute neighbour. The film stars Sharmila Tagore playing a prostitute with a heart of gold, …

Read More »