हे री मैं तो प्रेम दिवानी: मीरा बाई एक मध्यकालीन हिन्दू आध्यात्मिक कवियित्री और कृष्ण भक्त थीं। वे भक्ति आन्दोलन के सबसे लोकप्रिय भक्ति-संतों में एक थीं। भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित उनके भजन आज भी उत्तर भारत में बहुत लोकप्रिय हैं और श्रद्धा के साथ गाये जाते हैं। हे री मैं तो प्रेम दिवानी: मीरा बाई हे री मैं तो …
Read More »मोहे छेड़ो ना नंद के लाला: आनंद बक्षी राधा कृष्ण भजन
मोहे छेड़ो ना नंद के लाला: Lamhe is a 1991 Indian romantic drama film, directed by Yash Chopra and written by Honey Irani, with Rahi Masoom Raza. The film stars Sridevi and Anil Kapoor in the lead roles, along with Waheeda Rehman, Anupam Kher and Manohar Singh, featured in supporting roles. मोहे छेड़ो ना नंद के लाला: फिल्म लम्हे का …
Read More »आरती कुंजबिहारी की: अनुराधा पौडवाल की कृष्ण आरती
आरती कुंजबिहारी की: अनुराधा पौडवाल हिन्दी सिनेमा की एक प्रमुख पार्श्वगायिका हैं। इन्होंने फिल्म कैरियर की शुरुआत की फ़िल्म अभिमान से, जिसमें इन्होंने जया भादुड़ी के लिए एक श्लोक गाया। यह श्लोक उन्होंने संगीतकार सचिन देव वर्मन के निर्देशन में गाया था। उसके बाद उन्होंने 1974 में अपने पति संगीतकार अरुण पौडवाल के संगीत निर्देशन में भगवान समाये संसार में …
Read More »यशोमती मैया से बोले नंदलाला: श्री कृष्ण फ़िल्मी भजन
यशोमती मैया से बोले नंदलाला: सत्यम शिवम सुन्दरम 1978 में बनी हिन्दी फिल्म है, जिसमें शशि कपूर और जीनत अमान की प्रमुख भूमिका थी। गीत “यशोमती मैया से” बिनाका गीत माला की 1978 वार्षिक सूची में 7वीं पायदान पर रहा। यशोमती मैया से बोले नंदलाला: मन्ना डे और लता मंगेशकर यशोमती मैया से बोले नंदलाला, राधा क्यूँ गोरी में क्यूँ काला राधा …
Read More »कृष्ण मुक्ति: राजीव कृष्ण सक्सेना
कृष्ण मुक्ति: राजीव कृष्ण सक्सेना – Lord Krishna was cursed by Gandhari that he would be killed by the arrow of a petty hunter in the forest. As if to fulfill this destiny, Lord Krishna went to Prabhasa forest and rested under a tree awaiting his death. A hunter mistaking his feet for a deer shot an arrow that brought …
Read More »मातृभाषा पर प्रेरणादायक कविता: राम प्रसाद शर्मा ‘प्रसाद’
मातृभाषा पर प्रेरणादायक कविता: मातृभाषा किसी व्यक्ति की वह मूल भाषा होती है जो वह जन्म लेने के बाद प्रथमतः बोलता है। यह उसकी भाषाई और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का अंग होती है। गांधी ने मातृभाषा की तुलना माँ के दूध से करते हुए कहा था कि गाय का दूध भी माँ का दूध नहीं हो सकता। कुछ अध्ययनों में …
Read More »मुस्कान: मुस्कुराहट पर राम प्रसाद शर्मा की हिन्दी बाल-कविता
मुस्कान / मुस्कुराता हुआ चेहरा हमारे व्यक्तित्व में बहुत से बदलाव ला सकता हैं सबसे पहले तो अपनापन जब भी आप किसी और को या वो आपको मुस्कुराहट के साथ देखे तो या यूं कहें कि मुस्कान के साथ हम किसी से बिना कुछ कहे उससे बहुत कुछ कह जाते है l एक हंसता हुआ चेहरा व्यक्ति के खुले जीवन, …
Read More »जय शिव शंकर: महाशिवरात्रि भजन
जय शिव शंकर, स्वामी जय शिव शंकर कष्ट हरो स्वामी हमार, स्वामी कष्ट हरो हमार शरण में अपनी ले के भगवन, मौका दो अपनी सेवा का हे मेरे भोलेनाथ, यही विनती करता हूँ स्वामीनाथ क्या माया है क्या नहीं, मैं अज्ञानी नहीं जानू मेरे स्वामी मैं तो आपको सर्वस्व मानु अपना सेवक बना लो भगवन, मैं ना चाहुँ ये संसार …
Read More »ब्रह्मा मुरारी सदा पूजितः महाशिवरात्रि संस्कृत भजन
महाशिवरात्रि संस्कृत भजन ब्रह्मा मुरारी सदा पूजितः नमः शिवाय नमः शिवाय बिल्वचारना प्रिया भवानी शंकरा नमः शिवाय नमः शिवाय मृत्युंजय महादेव महादेव महेश्वरा महेश्वरा नमः शिवाय नमः शिवाय भस्मो धुळीथा थेजो विग्रह नमः शिवाय नमः शिवाय लिंगोद्भवकारा साईं महेश्वरा महेश्वरा नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय, शिवाय नमः ॐ ॐ नमः शिवाय, शिवाय नमः ॐ …
Read More »वर दे वीणावादिनी: Suryakant Tripathi ‘Nirala’ Saraswati Vandana
वर दे वीणावादिनी – an old classic by the famous poet Suryakant Tripathi Nirala. This lovely composition in chaste Hindi is a pleasure to sing loudly for its sheer rhythm and zing. On this Independence Day, this national poem should be shared by all. निराला ने 1920 ई० के आसपास से लेखन कार्य आरंभ किया। उनकी पहली रचना ‘जन्मभूमि’ पर …
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