मोहे तू रंग दे बसंती - प्रसून जोशी

मोहे तू रंग दे बसंती: प्रसून जोशी का जोश भर देने वाला फ़िल्मी गीत

प्रसून जोशी के “कुछ कर गुज़रने” की शुरुआत पहाड़ों से हुई। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में 1971 में जन्म हुआ। पिता पीसीएस अफसर थे। मां क्लासिकल सिंगर। मां-पिता दोनों की संगीत में दिलचस्पी थी। एक इंटरव्यू में प्रसून ने कहा था, “पिता पीसीएस अधिकारी थे तो देर रात तक लाइब्रेरी खुलवाए रखने में दिक्कत नहीं होती थी। सुबह नींद मां के रियाज़ से खुलती।” लेकिन प्रसून ने गीत गाना नहीं, लिखना चुना। 17 साल की उम्र में पहली किताब “मैं और वो” लिखी। प्रसून अब तक पांच किताबें लिख चुके हैं।

“तारे आसमां नहीं ज़मीन पर सोते हैं” जैसे गीतों के ज़रिए साइंस के नियमों को धराशायी करने वाले प्रसून ने फिजिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन की और एमबीए की पढ़ाई की। पर जल्द ही प्रसून ने दूसरी राह पकड़ ली। एमबीए करने के बाद प्रसून जोशी ने करियर की शुरुआत ऐड कंपनी “ओग्लिवी एंड मैथर” में बतौर जूनियर कॉपीराइटर की। ये उन्हीं पीयूष पांडे की सरपरस्ती वाली ऐड कंपनी है, जिसने साल 2014 में नरेंद्र मोदी के चुनावी अभियान के लिए “अबकी बार मोदी सरकार” नारा लिखा था।

मोहे तू रंग दे बसंती: प्रसून जोशी

थोडी सी धूल मेरी धरती की मेरे वतन की…
थोडीसी खुश्बू बुरे से मस्त पवन की
थोडीसी धोंधने वाली धक-धक धक-धक धक-धक सांसे
जिन मे हो जूनून जूनून वोह बूंदे लाल लहू की
यह सब तू मिला मिला ले फिर रंग तू खिला खिला ले…
और मोहे तू रंग दे बसंती यारा
मोहे तू रंग दे बसंती
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती…
ओह मोहे रंग दे बसंती बसंती रंग दे बसंती…

सपने रंग दे, अपने रंग दे
खुशियां रंग दे, गम भी रंग दे
नस्ले रंग दे, फसले रंग दे
रंग दे धड़कन, रंग दे सरगम
और मोहे तू रंग दे बसंती यारा
मोहे तू रंग दे बसंती
थोडीसी धूल मेरी धरती की मेरे वतन की…
थोडीसी खुश्बू बुरे से मस्त पवन की
थोडीसी धोंधने वाली धक-धक धक-धक धक-धक सांसे
जिन मे हो जूनून जूनून वोह बूंदे लाल लहू की
यह सब तू मिला मिला ले फिर रंग तू खिला खिला ले…
और मोहे तू रंग दे बसंती यारा
मोहे तू रंग दे बसंती

धीमी आंच पे टू ज़रा इश्क चढ़ा
थोड़े झरने ला, थोड़ी नदी मिला
थोड़े सागर आ, थोड़ी गागर ला
थोडा छिड़क छिड़क, थोडा हिला हिला
फिर एक रंग तू खिला खिला
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा
मोहे तू रंग दे बसंती

बस्ती रंग दे, हस्ती रंग दे
हंस हंस रंग दे, नस नस रंग दे
बचपन रंग दे, जोबन रंग दे
अब देर न कर सचमुच रंग दे
रंग रेज़ मेरे सब कुछ रंग दे
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा
मोहे तू रंग दे बसंती
थोडीसी धूल मेरी धरती की मेरे वतन की…
थोडीसी खुश्बू बुरे से मस्त पवन की
थोडीसी धोंदने वाली धक-धक धक-धक धक-धक सांसे
जिन मे हो जूनून जूनून वोह बूंदे लाल लहू की
यह सब तू मिला मिला ले फिर रंग तू खिला खिला ले…
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती…
मोहे रंग दे बसंती बसंती रंग दे बसंती…
रंग दे रंग दे रंग दे बसंती
मोहे रंग दे बसंती बसंती रंग दे बसंती बसंती
मोहे रंग दे बसंती रंग दे बसंती रंग दे बसंती यारा

∼ प्रसून जोशी

चित्रपट: रंग दे बसंती (2006)
निर्माता: राकेश ओमप्रकाश मेहरा, रोनी स्क्रूवाला
निर्देशक: राकेश ओमप्रकाश मेहरा
लेखक: रेन्ज़िल डी’सिल्वा
गीतकार: प्रसून जोशी, ब्लाज़े
संगीतकार: ए. आर. रहमान
गायक: दलेर मेहँदी, चित्रा
सितारे: आमिर खान, सिद्धार्थ नारायण, शरमन जोशी, सोहा अली खान, वहीदा रेहमान, आर. माधवन, कुणाल कपूर, अतुल कुलकर्णी, ऐलिस पेटन

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