प्रज्वलित किया जब मुझे कार्य समझाया पथिकों को राह दिखाने को दी काया मैंनें उत्तरदाइत्व सहज ही माना जो कार्य मुझे सौंपा था उसे निभाना जुट गया पूर्ण उत्साह हृदय में भर के इस घोर कर्म को नित्य निरंतर करते जो पथिक निकल इस ओर चले आते थे मेरी किरणों से शक्ति नई पाते थे मेरी ऊष्मा उत्साह नया भरती …
Read More »Yearly Archives: 2015
जान है तो जहान है
एक गाँव मे एक किसान रहता था। उन दिनों गाव पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था। गाँव में सुखा पड़ा था। लोगों को पीने के पानी के लिए भी लाले पड़ गए थे। धरती बंजर हो गई थी। और आसमान से बारिश गिरने के कोई भी आसार नजर नहीं आ रहे थे। ऐसी परिस्थिति मे गाँव वालो ने गाँव …
Read More »जिन-दर्शन – सौरभ जैन ‘सुमन’
नर से नारायण बनने की जिनमे इच्छा होती है। हर क्षण उनके जीवन में एक नई परीक्षा होती है॥ ऐसे वैसे जीव नही जो दुनिया से तर जाते हैं। जग में रहके जग से जीते नाम अमर कर जाते हैं॥ खुश किस्मत हूँ जैन धरम में जनम मिला। खुश किस्मत हूँ महावीर का मनन मिला॥ मनन मिला है चोबीसों भगवानो …
Read More »पुराना इतवार
आज मुझे उस बूढ़ी अलमारी के अन्दर पुराना इतवार मिला है… जाने क्या ढूँढने खोला था उन बंद दरवाजों को, अरसा बीत गया सुने, उन धुंधली आवाजों को, यादों के सूखे बागों में, जैसे एक गुलाब खिला है। आज मुझे उस बूढ़ी अलमारी के अन्दर, पुराना इतवार मिला है… एक भूरे रंग की पुरानी कॉपी, नीली लकीरों वाली, कुछ बहे …
Read More »The World Is Mine
Today, upon a bus, I saw a very beautiful woman and wished I were as beautiful. When suddenly she rose to leave, I saw her hobble down the aisle. She had one leg and used a crutch. But as she passed, she passed a smile. Oh, God, forgive me when I whine. I have two legs; the world is mine. …
Read More »अग्निपथ – हरिवंश राय बच्चन
वृक्ष हों भले खड़े, हों घने हों बड़े, एक पत्र छांह भी मांग मत, मांग मत, मांग मत, अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ। तू न थकेगा कभी, तू न थमेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी, कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ, अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ। यह महान दृश्य है, चल रहा मनुष्य है, अश्रु, स्वेद, रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ, अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ। …
Read More »अगर पेड़ भी चलते होते – दिविक रमेश
अगर पेड भी चलते होते कितने मजे हमारे होते बांध तने में उसके रस्सी चाहे जहाँ कहीं ले जाते जहाँ कहीं भी धूप सताती उसके नीचे झट सुस्ताते जहाँ कहीं वर्षा हो जाती उसके नीचे हम छिप जाते लगती भूख यदि अचानक तोड मधुर फल उसके खाते आती कीचड-बाढ क़हीं तो झट उसके उपर चढ ज़ाते अगर पेड भी चलते …
Read More »अगर डोला कभी इस राह से गुजरे – धर्मवीर भारती
अगर डोला कभी इस राह से गुजरे कुवेला, यहां अम्बवा तरे रुक एक पल विश्राम लेना, मिलो जब गांव भर से बात कहना, बात सुनना भूल कर मेरा न हरगिज नाम लेना। अगर कोई सखी कुछ जिक्र मेरा छेड़ बैठे, हंसी मे टाल देना बात, आंसू थाम लेना। शाम बीते, दूर जब भटकी हुई गायें रंभाएं नींद में खो जाए …
Read More »Paryushan Parva
Paryushan Parva is the king of all festivals and hence is known as Parvadhiraj. Parvadhiraj Paryushana, this festival has the highest power of doing auspicious to the worshippers. This festival takes the soul to the upper condition. It lights the lamps of life i.e. pious life. This festival also shows the path of salvation. It is compared with water works …
Read More »Look what your Zodiac sun sign has to say about your fashion style
Your zodiac sign can offer some uncannily accurate answers as to why you dress the way you do, believes astropalmist Praveen Singh Chauhan Have you often wondered what to wear to make the best impression? Believe it or not each of the 12 astrological signs can give you plenty of information about your personality. Knowing your sun sign can help …
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