Yearly Archives: 2015

भारत के राज्यों के नाम याद रखने का आसान तरीका

भारत के राज्यों के नाम याद रखने का आसान तरीका

बच्चों को राज्यों के नाम याद रखने में परेशानी होती है। इसके समाधान के लिए मैंने एक छोटा सा प्रयास किया है। राज्यों के लिए मैंने एक पंक्ति बनाई है। जिसके एक वर्ण से एक राज्य बनता है। शायद अध्यापक साथियों को ये प्रयास पसन्द आए – राज्यों के लिए पंक्ति: “मित्र अतरा मुझसे कहता है मैं =================== अपने छ: बागों …

Read More »

माता-पिता का श्राद्ध

एक दोस्त हलवाई की दुकान पर मिल गया। मुझसे कहा- “आज माँ का श्राद्ध है, माँ को लड्डू बहुत पसन्द है, इसलिए लड्डू लेने आया हूँ”। मैं आश्चर्य में पड़ गया। अभी पाँच मिनिट पहले तो मैं उसकी माँ से सब्जी मंडी में मिला था। मैं कुछ और कहता उससे पहले ही खुद उसकी माँ हाथ में झोला लिए वहाँ आ …

Read More »

क्यों पैदा किया था? – हरिवंश राय बच्चन

क्यों पैदा किया था? - हरिवंश राय बच्चन

जिंदगी और जमाने की कशमकश से घबराकर मेरे बेटे मुझसे पूछते हैं कि हमें पैदा क्यों किया था? और मेरे पास इसके सिवाय कोई जवाब नहीं है कि मेरे बाप ने मुझसे बिना पूछे मुझे क्यों पैदा किया था? और मेरे बाप को उनके बाप ने बिना पूछे उन्हें और उनके बाबा को बिना पूछे उनके बाप ने उन्हें क्यों …

Read More »

शोले फिल्म के डायलॉग संस्कृत में

Sholay in Sanskrit

नमस्कार मित्रों। आज आपके लिए कुछ हिन्दी फिल्मों के चर्चित वाक्यों का संस्कृत में रूपांतरण लाया हूँ आशा है आपको पसन्द आये। 1बसंती इन कुत्तों के सामने मत नाचना || हे बसन्ति एतेषां श्वानानाम् पुरत: मा नृत्य|| 2अरे ओ सांबा, कितना इनाम रखे हैं सरकार हम पर? ||हे साम्बा,सर्वकारेण कति पारितोषिकानि अस्माकं कृते उद्घोषितानि? 3चल धन्नो आज तेरी बसंती की …

Read More »

जी नही चाहता कि, नेट बंद करू

जी नही चाहता कि, नेट बंद करू

जी नही चाहता कि, नेट बंद करू! अच्छी चलती दूकान का, गेट बंद करू! हर पल छोटे – बड़े, प्यारे-प्यारे मैसेज, आते है! कोई हंसाते है, कोई रूलाते है! रोजाना हजारों, मैसेज की भीड़ में, कभी-कभी अच्छे, मैसेज भी छूट जाते है! मन नही मानता कि , दोस्तो पर कमेंट बंद करू! जी नही चाहता कि, नेट बंद करू! प्रात: …

Read More »

कौन यहाँ आया था – दुष्यंत कुमार

कौन यहाँ आया था - दुष्यंत कुमार

कौन यहाँ आया था कौन दिया बाल गया सूनी घर-देहरी में ज्योति-सी उजाल गया। पूजा की बेदी पर गंगाजल भरा कलश रक्खा था, पर झुक कर कोई कौतुहलवश बच्चों की तरह हाथ डाल कर खंगाल गया। आँखों में तिरा आया सारा आकाश सहज नए रंग रँगा थका- हारा आकाश सहज पूरा अस्तित्व एक गेंद-सा उछाल गया। अधरों में राग, आग …

Read More »

व्यास पोथी, माणा गांव, बद्रीनाथ, उत्तराखंड

व्यास पोथी, माणा गांव, बद्रीनाथ, उत्तराखंड

पंचम वेद महाभारत में सम्पूर्ण धर्म, दर्शन, समाज, संस्कृति, युद्ध और ज्ञान-विज्ञान की बातें शामिल हैं। दुनिया के प्रथम विश्वयुद्ध महाभारत में कई घटना, संबंध और ज्ञान-विज्ञान के रहस्य छिपे हुए हैं। ऐसा कुछ भी नहीं है जो महाभारत में नहीं है। महाभारत युद्ध को हुए सदियां बीत गई हैं लेकिन आज भी उस युद्ध के गवाह हैं बहुत से …

Read More »

मेरी लूसी: प्रशांत सुभाषचंद्र सालुंके

Mary Lucy

एक समय की बात है, किसी गाव मे एक किसान रहता था। उसकी एक छोटी बेटी मेरी ओर एक बढ़िया नस्ल की कुतिया लूसी थी। लूसी हमेशा मेरी के साथ रहती। उसके साथ स्कूल मे जाती। शाम को उसके साथ खेलती। दोनो बहुत खुश थे। एक दिन अचानक गांव मे बरसात आई। इन्द्रदेव जेसे कोपामायन हुवे थे। बादलो मे से पानी टपक …

Read More »

भूले हुओं का गीत – गिरिजा कुमार माथुर

भूले हुओं का गीत – गिरिजा कुमार माथुर

बरसों के बाद कभी हम तुम यदि मिलें कहीं देखें कुछ परिचित से लेकिन पहचाने ना याद भी न आये नाम रंग, रूप, नाम, धाम सोचें यह संभव है पर, मन से माने ना हो न याद, एक बार आया तूफान, ज्वार बन्द मिटे पृष्ठों को पढ़ने की ठानें ना बातें जो साथ हुईं बातें जो साथ गईं आँखें जो …

Read More »