Spirituality in India

Spirituality and mystical charm have always drawn people from all over the world to India. As the world becomes increasingly capitalistic and materialist, the quest and urgency for spirituality grows more and more

यक्ष – युधिष्ठिर संवाद: Questions asked by Yaksha to Yudhisthira

यक्ष – युधिष्ठिर संवाद: Questions asked by Yaksha to Yudhisthira

यक्ष प्रश्न (यक्ष – युधिष्ठिर संवाद) महाभारत के वन पर्व में यक्ष – युधिष्ठिर संवाद एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रसंग है। इस संवाद को “यक्ष प्रश्न” के नाम से जाना जाता है, जो आज भी जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझने के लिए प्रेरणादायक माना जाता है। जब पांडव वनवास के दौरान प्यास से व्याकुल थे, तब एक जलाशय पर यक्ष …

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पवनपुत्र का नाम आते ही क्यों होती है संवाद, संयम और साहस की बात

पवनपुत्र का नाम आते ही क्यों होती है संवाद, संयम और साहस की बात

पवनपुत्र का नाम आते ही क्यों होती है संवाद, संयम और साहस की बात? वाल्मीकि रामायण के प्रसंग से जानिए कैसे हैं रामदूत हनुमान और बचपन में कैसे निगल गए सूर्य वाल्मीकि रामायण के अनुसार, हनुमान जी की विशेषता केवल यह नहीं थी कि वे अच्छा बोलते थे, बल्कि यह थी कि उनके शब्द, भाव और शरीर, तीनों में अद्भुत …

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Hanuman Mantra: Vandana and Stuti – बजरंगबली के चमत्कारिक मंत्र

Hanuman Mantra: Vandana and Stuti - बजरंगबली के चमत्कारिक मंत्र

Lord Hanuman is considered to be an incarnation of Lord Shiva. Shri Hanuman is the epitome of sincere devotion and dedication, being a great disciple of Lord Rama. Sri Hanuman is a celibate god, who represents strength, divinity, courage and devotion. Hanuman is worshiped by people to attain knowledge, wisdom, strength and valor. Lord Hanuman Mantra becomes part of prayers …

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72 हूरें के बारे में क्या बताते हैं मौलाना: 72 hoors belief in Islamic tradition

72 हूरें के बारे में क्या बताते हैं मौलाना

130 फीट लंबी, बड़े-बड़े स्तन, चमक के आगे सूरज भी फेल: जानिए जन्नत में मिलने वाली ’72 हूरें’ के बारे में क्या बताते हैं मौलाना जन्नत में मिलने वाली कथित हूरों की मौलाना बेहद दिलचस्प व्याख्या करते हैं। इनकी खूबसूरती ऐसी बताई जाती है जिसकी चमक के आगे सूरज भी फेल होता है। 130 फीट तक लंबाई बताई जाती है। …

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ॐ नम: शिवाय का रहस्य और महाशिवरात्रि का महत्व

ॐ नम: शिवाय का रहस्य और महाशिवरात्रि का महत्व

भगवान शिव के निराकार से साकार रूप में प्रकट होने का पर्व महाशिवरात्रि है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाने वाला यह पर्व भक्तों के लिए सौभाग्यशाली एवं महान पुण्य अर्जित करने वाला है। शिवरात्रि का अर्थ ही है “कल्याण की रात्रि”। पूरे दिन और रात्रि के चारों प्रहर भगवान भोलेनाथ जी के शिवलिंग का दुग्ध, …

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महाशिवरात्रि विशेष: आधुनिक युग के लिए शिव चेतना का शाश्वत संदेश

महाशिवरात्रि विशेष: आधुनिक युग के लिए शिव चेतना का शाश्वत संदेश

महाशिवरात्रि का पावन पर्व भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह उस शिव चेतना का उत्सव है, जो सृष्टि के प्रत्येक कण में व्याप्त है। शिव, भारत की संस्कृति में देवता होने के साथ-साथ उस दार्शनिक सत्य की बात करते हैं, जो भारतीय मनीषा की आधारशिला रहा है। शिव भारत की संस्कृति के आवश्यक तत्व इसलिए हैं, क्योंकि …

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श्री गुरु तेग बहादुर साहिब: धर्म-सिद्धांतों के प्रहरी

श्री गुरु तेग बहादुर साहिब: धर्म-सिद्धांतों के प्रहरी

सिख इतिहास के नवम् गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, धर्म-सिद्धांतों के ऐसे प्रहरी के रूप में स्मरण किए जाते हैं, जिनकी शहादत का उदाहरण विश्व इतिहास में अनुपम है। उन्होंने न केवल अपने धर्म की, बल्कि समूचे मानव समाज की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया, वह अमर और अद्वितीय है। 24 नवंबर को गुरु तेग …

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Lord Ganesha: Most Worshiped Hindu God

Lord Ganesha

Lord Ganesha (गणेश), also known as Ganapati, Vinayaka and Binayak, is one of the best-known and most worshiped deities in the Hindu pantheon. His image is found throughout India, Sri Lanka, Thailand and Nepal. Hindu sects worship him regardless of affiliations. Devotion to Ganesha is widely diffused and extends to Jains and Buddhists. Characteristics: Knowledge, Eradicator of obstacles. Other Names: …

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हिन्द की चादर: श्री गुरु तेग बहादुर – सिखों के नौवें गुरु

हिन्द की चादर: श्री गुरु तेग बहादर

हिन्द की चादर: सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी विश्व के एकमात्र ऐसे धार्मिक महापुरुष हुए हैं जिन्होंने किसी दूसरे धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। इनका प्रकाश श्री गुरु हरगोबिंद साहिब के गृह में 1621 ई. को माता नानकी जी की कोख से गुरु के महल अमृतसर साहिब में हुआ। ये बचपन से …

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