Yearly Archives: 2015

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना – आनंद बक्षी

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना - आनंद बक्षी

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना कुछ रीत जगत की ऐसी है, हर एक सुबह की शाम हुई तू कौन है, तेरा नाम है क्या, सीता भी यहाँ बदनाम हुई फिर क्यूँ संसार की बातों से, भीग गये …

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वो तेरे प्यार का ग़म, एक बहाना था सनम – आनंद बक्षी

वो तेरे प्यार का ग़म, एक बहाना था सनम - आनंद बक्षी

वो तेरे प्यार का ग़म, एक बहाना था सनम अपनी क़िस्मत ही कुछ ऐसी थी के दिल टूट गया ये ना होता तो कोई दूसरा ग़म होना था मैं तो वो हूँ जिसे हर हाल में बस रोना था मुस्कुराता भी अगर, तो छलक जाती नज़र अपनी क़िस्मत ही कुछ ऐसी थी के दिल टूट गया… वरना क्या बात है …

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कहीं भाग्य लक्ष्मी आपका घर छोड़कर तो नहीं जा रही

कहीं भाग्य लक्ष्मी आपका घर छोड़कर तो नहीं जा रही

ज्योतिषशास्त्र के कालपुरुष सिद्धांत अनुसार व्यक्ति की कुण्डली की भाव संख्या 1, 5 व 9 को लक्ष्मी स्थान माना जाता है तथा भाव संख्या 1, 4, 7 व 10 नारायण स्थान माना जाता है। जब व्यक्ति की कुंडली में भाव 1, 4, 5, 7, 9 व 10 में कुछ अनिष्ट ग्रह बैठे हों या इन भावों के स्वामी वेधा स्थान …

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गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन मना है

गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन मना है

शास्त्रनुसार गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन निषेध माना गया हैं। इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को एक साल तक मिथ्या कलंक लगता हैं। भगवान श्री कृष्ण को भी चंद्र दर्शन का मिथ्या कलंक लगने के प्रमाण हमारे शास्त्रों में विस्तार से वर्णित हैं। यदि भूल से भी चौथ का चंद्रमा दिख जाय तो ‘श्रीमद् …

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प्रम्बानन मंदिर, जावा, इंडोनेशिया

प्रम्बानन मंदिर, जावा, इंडोनेशिया

विश्व भर में भगवान शिव के बहुत से मंदिर हैं। जहां वो विभिन्न देवी-देवताओं के साथ अलग-अलग नामों से पूजे जाते हैं। तो आईए आज आपको यात्रा करवाते हैं 10वीं शताब्दी में बने इंडोनेशिया के जावा में स्थित प्रम्बानन मंदिर की जोकि शहर से औसतन 17 कि.मी. की दूरी पर है। इस मंदिर में भगवान शिव के साथ भगवती दुर्गा …

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गणेश चतुर्थी उत्सव का आरंभ कब और कैसे हुआ

गणेश चतुर्थी उत्सव का आरंभ कब और कैसे हुआ

गणेश चतुर्थी उत्सव का आरंभ: अष्टसिद्धि दायक गणपति सुख-समृद्धि, यश-एेश्वर्य, वैभव, संकट नाशक, शत्रु नाशक, रिद्धि-सिद्धि दायक, ऋणहर्ता, विद्या-बुद्धि-ज्ञान तथा विवेक के प्रतीक माने जाते हैं। शिव पुराण के अनुसार गणेशावतार भाद्रपद के कृष्णपक्ष की चतुर्थी के दिवस पर हुआ था। शिव – पार्वती ने उन्हें अपनी परिक्रमा लगाने से प्रसन्न होकर सर्वप्रथम पूजे जाने का आशीष दिया था जो …

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आल्हाखंड: संयोगिता का अपहरण

आल्हाखंड: संयोगिता का अपहरण

आगे आगे पृथ्वीराज हैं‚ पाछे चले कनौजीराय। कबहुँक डोला जैयचंद छीनैं‚ कबहुँक पिरथी लेय छिनाय। जौन शूर छीनै डोला को‚ राखैं पांच कोस पर जाय। कोस पचासक डोला बढिगौ‚ बहुतक क्षत्री गये नशाय। लड़त भिड़त दोनों दल आवैं‚ पहुँचे सोरौं के मैदान। राजा जयचंद ने ललकारो‚ सुन लो पृथ्वीराज चौहान। डोला लै जइ हौ चोरी से‚ तुम्हरो चोर कहै है …

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वक़्त नहीं

वक़्त नहीं

हर ख़ुशी है लोंगों के दामन में, पर एक हंसी के लिये वक़्त नहीं। दिन रात दौड़ती दुनिया में, ज़िन्दगी के लिये ही वक़्त नहीं। सारे रिश्तों को तो हम मार चुके, अब उन्हें दफ़नाने का भी वक़्त नहीं। सारे नाम मोबाइल में हैं, पर दोस्ती के लिये वक़्त नहीं। गैरों की क्या बात करें, जब अपनों के लिये ही …

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अहिंसा – भारत भूषण अग्रवाल

अहिंसा - भारत भूषण अग्रवाल

खाना खा कर कमरे में बिस्तर पर लेटा सोच रहा था मैं मन ही मन : ‘हिटलर बेटा’ बड़ा मूर्ख है‚ जो लड़ता है तुच्छ क्षुद्र–मिट्टी के कारण क्षणभंगुर ही तो है रे! यह सब वैभव धन। अन्त लगेगा हाथ न कुछ दो दिन का मेला। लिखूं एक खत‚ हो जा गांधी जी का चेला वे तुझ को बतलाएंगे आत्मा …

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