तुम जहाँ भी रहो उसे घर की तरह सजाते रहो गुलदान में फूल सजाते रहो दीवारों पर रंग चढ़ाते रहो सजे बजे घर में हाथ पाँव उग आते हैं फिर तुम कहीं जाओ भले ही अपने आप को भूल जाओ तुम्हारा घर तुम्हें ढूंढ कर वापस ले आएगा ~ निदा फ़ाज़ली
Read More »Yearly Archives: 2015
अहतियात – निदा फ़ाज़ली
घर से बाहर जब भी जाओ तो ज्यादा से ज्यादा रात तक लौट आओ जो कई दिन तक ग़ायब रह कर वापस आता है वो उम्र भर पछताता है घर अपनी जगह छोड़ कर चला जाता है। ~ निदा फ़ाज़ली
Read More »गरीबों की जवानी – देवी प्रसाद शुक्ल ‘राही’
रूप से कह दो कि देखें दूसरा घर, मैं गरीबों की जवानी हूँ, मुझे फुर्सत नहीं है। बचपने में मुश्किल की गोद में पलती रही मैं धूंए की चादर लपेटे, हर घड़ी जलती रही मैं ज्योति की दुल्हन बिठाए, जिंदगी की पालकी में सांस की पगडंडियों पर रात–दिन चलती रही मैं वे खरीदें स्वपन, जिनकी आँख पर सोना चढ़ा हो …
Read More »Eating healthy food can make you fat
Eating too much is typically considered as one of the prime reasons for obesity but when people eat what they consider to be healthy food, they eat more than the recommended serving size because they associate “healthy” with less filling, say researchers, including one of Indian-origin. The findings suggest that the recent increase of healthy food labels may be ironically …
Read More »फूल और कली – उदय प्रताप सिंह
फूल से बोली कली‚ क्यों व्यस्त मुरझाने में है फायदा क्या गंध औ’ मकरंद बिखराने में है तू स्वयं को बांटता है‚ जिस घड़ी से तू खिला किंतु इस उपकार के बदले में तुझको क्या मिला देख मुझको‚ सब मेरी खुशबू मुझी में बंद है मेरी सुंदरता है अक्षय‚ अनछुआ मकरंद है मैं किसी लोलुप भ्रमर के जाल में फंसती …
Read More »परदेसी को पत्र – त्रिलोचन
सोसती सर्व उपमा जोग बाबू रामदास को लिखा गनेसदास का नाम बाँचना। छोटे बड़े का सलाम आसिरवाद जथा उचित पहुँचे। आगे यहाँ कुसल है तुम्हारी कुसल काली जी से दिन रात मनाती हूँ। वह जो अमौला तुमने धरा था द्वार पर अब बड़ा हो गया है। खूब घनी छाया है। भौंरौं की बहार है। सुकाल ऐसा ही रहा तो फल …
Read More »हरी तुम हरो जन की भीर – मीरा बाई
द्रौपदी की लाज राखी‚ तुरत बढ़ायो चीर। भक्त कारण रूप नरहरी‚ धर्यो आप सरीर। हिरनकुश मारि लीन्हों‚ धर्यो नाहिन धीर। हरी तुम हरो जन की भीर। बूड़तो गजरात राख्यौ‚ कियौ बाहर नीर। दासी मीरा लाल गिरधर‚ चरण कंवल पर सीर। हरी तुम हरो जन की भीर। ~ मीरा बाई
Read More »पायो जी मैंने‚ राम रतन धन पायो – मीरा बाई
वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु किरपा कर अपणायो पायो जी मैंने‚ राम रतन धन पायो जनम–जनम की पूँजी पाई जग में सबै खोबायो खरचे नहीं‚ कोई चोर न लेवै दिन–दिन बढ़त सवायौ पायो जी मैंने‚ राम रतन धन पायो सत की नाव‚ खेवटिया सतगुरु भव सागर तरि आयौ मीरा के प्रभु गिरधर नागर हरिख–हरिख जस गायौ पायो जी मैंने‚ राम …
Read More »Crows are smart enough to use tools!
If you thought only humans or primates can forge and use tools, you are wrong. Crows can make, use, and even store for re-use certain tools while foraging for food, a new study shows. Scientists have captured video recordings showing how wild New Caledonian crows make and use “hooked stick tools” to hunt for insect prey. Video recordings by Jolyon …
Read More »दुनिया का आठवां अजूबा
सन 1910 में बेल्जियम की राजधानी ब्रसल्स में आयोजित ‘वल्डर्स एग्जिबिशन’ में पहली बार प्रदर्शित की गई ‘हपफील्ड फोनोलिस्ट वायलिना‘ को ‘दुनिया के आठवें अजूबे’ का दर्जा मिला था। यह एक ऐसा अदभुत वाघ है जिसमें से वायलिन की धुनें स्वतः निकलती हैं। दरअसल यह एक स्वचलित वायलिन है। एक सदी पुराना यह अनूठा वाघ इस वक्त जर्मनी के लिपजिग शहर …
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