डॉक्टर ने साफ़ हैंडराइटिंग में दवा लिखी; मेडिकल काउंसिल ने एमबीबीएस की डिग्री वापस ली डॉक्टर की लिखाई पर हास्य कहानी – मेरठ शहर के एक नामी-गिरामी अस्पताल के डाक्टर को आज एक मरीज के परिजनों ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। डॉक्टर का कसूर सिर्फ़ इतना था कि उसने दवाई का पर्चा बहुत साफ़ हैंडराइटिंग में लिखा था। हुआ यूं कि …
Read More »उपहार: किताबें उपहार देने के लिए सबसे अच्छी हैं
बलतेज का जन्मदिन आ रहा था। इस बार ननिहाल से नानी जी, मामा जी और मामा जी का बेटा रंजन भी आ रहे थे। बलतेज अटकलें लगा रहा था, “बिंटी ज्योमैट्री बॉक्स लाएगी, हरीश चॉकलेट का डिब्बा, मनदीप सेल से बॉक्सिंग करने वाला बॉक्सर लाएगा और सोनू…?” पिछले वर्ष भी दोस्तों से उसे जन्मदिन पर कीमती उपहार मिले थे – …
Read More »होली वाला बर्थडे: रोचक हिंदी बाल-कहानी
होली वाला बर्थडे: होली वाले दिन “मेरा हैप्पी बर्थडे है…” कहते हुए सात साल का गोलू सारे घर के कमरों में घूम रहा था। घर के सभी सदस्य होली के तैयारियों में व्यस्त थे इसलिए कोई भी उसकी बात पर ध्यान नहीं दे रहा था। थक हार कर वह अपनी माँ को सब जगह देखते हुए राजू भैया के कमरे …
Read More »निबलू की होली: शिक्षाप्रद हिंदी बाल कहानी
निबलू की होली: निबलू बहुत देर से बैठा-बैठा शेरू के कान उमेंठ रहा था। बेचारा शेरू रह-रह कर दर्द के मारे कूँ-कूँ करके भागने की कोशिश कर रहा था पर चेन छोटी होने के कारण वह भाग भी नहीं पा रहा था। तभी मम्मी कमरे से बाहर निकल कर आई और बोली – “मैं होली के लिए मिठाई और गुलाल …
Read More »दोस्ती के रंगों वाली होली: दोस्तों संग होली के त्यौहार पर प्रेरणादायक कहानी
दोस्ती के रंगों वाली होली: “मैं होली पर बड़ी वाली लाल पिचकारी खरीदूंगा” अम्बर ने माही से कहा। “मैं तो पीले रंग वाली खरीदूंगी जो तेरी लाल से भी बड़ी होगी” माही ने कहा। “और मेरे से बड़ी पिचकारी तो किसी की हो ही नहीं सकती, जैसा कि तुम सभी जानते हो” सचिन ने मुस्कुराते हुए कहा। “मैं लाल और पीला …
Read More »होली का असली आनंद: झुग्गी झोपड़ी के रहने वाले बच्चों के साथ मनाई होली
होली का असली आनंद – कल होली का त्यौहार आने वाला था। चौथी कक्षा में पढ़ता राहुल सोच रहा था, “इस बार मनु के साथ ऐसी होली खेलूंगा कि वह याद रखेगा – गोबर होली”। न जाने वह मोबाइल पर किस-किस दोस्त के साथ कैसे-कैसे होली खेलने की योजनाएं बना रहा था। मम्मी को उसकी शरारत भर योजना का पता …
Read More »मैं डॉक्टर बनूँगा: नाम से कुछ नहीं होता सोच सकारात्मक होनी चाहिए
मैं डॉक्टर बनूँगा: सात साल का शिखर अपनी मम्मी के साथ अस्पताल गया। दरअसल ठंड लगने के कारण उसकी तबीयत कुछ नासाज थी। अस्पताल के पर्ची काऊंटर पर लंबी लाइन लगी हुई थी, इसलिए मम्मी ने उसे एक बैंच पर बैठा दिया और वह खुद लाइन में लग गई। शिखर बैंच पर बैठा-बैठा बोर हो गया था तो वह इधर-उधर …
Read More »भोला की बांसुरी: जानिए कैसे बांसुरी की धुन ने गाँव को अकाल से बचाया
भोला अपने गांव का बहुत सीधा-सादा व्यक्ति था। लोग उसे इसलिए पसंद नहीं करते थे, क्योंकि वह कुछ कामकाज नहीं करता था। भोला अपने परिवार की आंखों में तिनके की रह चुभता था। उसे बांसुरी बजाने का बहुत शौक था। वह गांव के बाहर एक तालाब के किनारे अक्सर बांसुरी बजाया करता था। उसकी बांसुरी की मधुर धुन सुनकर वहां …
Read More »दादाजी की सीख: पर्यावरण संरक्षण पर हास्य हिंदी बाल कहानी
“सुबह से इस बन्दर ने हड़कंप मचा रखा है” मम्मी ने खड़की से बाहर की ओर झाँकते हुए कहा। मम्मी की बात सुनते ही टीनू ने पास रखी किताब उठाई और पढ़ने का नाटक करने लगा। मम्मी ने टीनू को देखा और कहा – “तुम सिर के बल क्यों नहीं खड़े हो जाते”? “क्यों मम्मी”? टीनू ने मासूमियत से पूछा। …
Read More »अप्रैल फूल के अवसर पर शिक्षाप्रद बाल-कहानी
अप्रैल फूल बाल-कहानी: चारों तरफ फ़ुसफ़ुसाहट हो रही थी। सभी बच्चे एक दूसरे को देखकर ऊपर से तो मुस्कुरा रहे थे पर मन ही मन एक दूसरे को अप्रैल फूल बनाने के लिए सोच रहे थे। ऐसा लग रहा था कि कक्षा में बहुत सारी मधुमक्खियाँ भिनभिना रही थी। तभी एक हाथ में रजिस्टर पकड़े हुए जोशी मैडम कक्षा में …
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