Tag Archives: Life And Time Hindi Stories

एकता में बल: एक दूजे के लिए बने सुई-धागे की प्रेरणादायक बाल-कहानी

एकता में बल: एक दूजे के लिए बने सुई-धागे की प्रेरणादायक बाल-कहानी

एकता में बल: किशानू दर्जी बहुत अच्छी सिलाई करता था। उसकी सुई और उसका धागा जब दोनों मिलते तो सिलाई होती। कई बार घागा छोटा रह जाता तो किशानू उसे फैंक देता या किसी दूसरे धागे के साथ जोड़ देता। यह देख कर सुई को बड़ी हंसी आती। एकता में बल: गोविंद शर्मा की प्रेरणादायक बाल-कहानी वह धागे को चिढ़ाती, …

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चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

चूहों की दिवाली: जब से चूहों को पता चला था कि दिवाली आने वाली है तो उनमें कानाफूसी शुरू हो गई थी। सबने मिलकर एक शाम को एक मीटिंग करने का निश्चय किया। छोटा चूहा, मोटा चूहा, लम्बा चूहा, नाटा चूहा, कोई भी नहीं छूटा… सब भागते हुए मीटिंग अटेंड करने जा पहुँचे थे। मीटिंग की राय देने वाले नाटू चूहे की तो ख़ुशी …

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पेड़ों की रक्षा: खेजड़ी का पेड़ – रेगिस्तान का गौरव व राजस्थान का कल्पवृक्ष

पेड़ों की रक्षा: खेजड़ी का पेड़ - रेगिस्तान का गौरव व राजस्थान का कल्पवृक्ष

पेड़ों की रक्षा: गगन के घर के पास खेजड़ी का एक विशाल वृक्ष था, जिसे उसके दादाजी ने उसके पिताजी के जन्म पर लगाया था। खेजड़ी का यह पौधा वह अपने गांव से लाए थे और कहते थे कि यह बहुत ही अमूल्य पेड़ है। इसे बचाने के लिए अमृता देवी ने खेजड़ी के साथ कट कर प्राण दे दिए …

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ऐसे मना दशहरा: मंजरी शुक्ला की हास्यप्रद बाल-कहानी दशहरा के त्योहार पर

हास्यप्रद बाल-कहानी: ऐसे मना दशहरा

ऐसे मना दशहरा:  “दशहरे पर मैं रावण देखने जाऊंगी” दस साल की चित्राणी ने एलान कर दिया। “और मैं हमेशा की तरह नहीं ले जाऊँगा” पापा ने अखबार पढ़ते हुए ही जवाब दिया। “क्या हो जाएगा, अगर हम लोग रावण देखने चले जाएँगे… पूरी दुनिया तो जाती है” मम्मी ने हर साल की तरह रटा रटाया वाक्य दोहराया। मम्मी की …

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लौट आओ पापा: पितृ दिवस पर हिंदी बाल-कहानी

लौट आओ पापा: पितृ दिवस पर हिंदी बाल-कहानी

लौट आओ पापा: कहते है जाने वाला कभी लौट कर नहीं आता है, पर इन सभी बातों को झुठलाते हुए, आप लौट आओ पापा। घर पर आपकी बहुत ज़रूरत है। ज़रूरत तो हम सबको है पर माँ को सबसे ज़्यादा। कल भैया का फ़ोन आया था। बता रहे थे कि माँ अभी भी देहरी पर बैठी रहती है किसी ना …

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चाचा जी की होली: होली पर नटखट बाल-कहानी

चाचा जी की होली: होली के त्योहार पर नटखट बाल-कहानी

चाचा जी की होली: होली के त्योहार पर नटखट बाल-कहानी शांतनु की शैतानी के किस्से पूरे मोहल्ले में मशहूर थे। अगर किसी के घर की खिड़की का काँच टूटा हो तो देखने वाले को तुरंत समझ में आ जाता था कि बॉल ज़रूर शांतनु की होगी। अगर किसी के घर की कोई डोरबेल बजा कर भाग जाता था तो भी …

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दीपक की होली: होली पर शिक्षाप्रद बाल कहानी

दीपक की होली: होली के त्यौहार पर शिक्षाप्रद बाल कहानी

“इस बार होली खेलने के लिए मैं तुम्हारे घर ही आ जाउंगी” सिमी ने राहुल से कहा। “हाँ, तुम्हारी छत बहुत बड़ी है। यहाँ से हमें आधा शहर तो यूँ ही दिख जाता है” मंजुल ने मुस्कुराते हुए कहा। “मैं तो गुलाबी रंग का गुलाल लगाउंगी। मुझे गुलाबी रंग बहुत पसंद है” सलोनी ने खुश होते हुए कहा। “कभी शीशे …

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अनोखे जवाब: अध्यापक शिष्य के बीच हास्य वार्ता

अनोखे जवाब: अध्यापक शिष्य के बीच हास्य वार्ता

अनोखे जवाब: शर्मा मैडम सत्रह का पहाड़ा पूछ रही थी और बच्चों का दिल बैठा जा रहा था। जिन बच्चों को पहाड़ा आता था वे उचक-उचक कर हाथ उठा रहे थे। कुछ बेहद उत्साही बच्चे तो, मिस मैं… मिस मैं… कहते हुए मेज पर लटक कर औंधे हो गए थे। अमित जानता था कि जो बच्चे पहाड़ा बोलने के लिए …

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अप्पू का हेलमेट: हेलमेट के फायदों पर बाल-कहानी

अप्पू का हेलमेट: हेलमेट के फायदों पर बाल-कहानी

अप्पू का हेलमेट: “कितनी देर से हेलमेट ढूँढ रहा हूँ, कहीं मिल नहीं रहा” कमरे के अंदर से एक आदमी की आवाज़ सुनाई पड़ी। अमरुद के पेड़ पर बैठा हीरु तोता फुर्र से उड़कर खिड़की पर बैठ गया और कमरे के अंदर झाँकने लगा। कमरे का सारा सामान उल्टा पुल्टा पड़ा हुआ था और एक आदमी बड़बड़ाता हुआ अपना हेलमेट …

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बेअरिंग की चोरी: हिंदी जासूसी कहानी

Hindi Detective Story हिंदी जासूसी कहानी - बेअरिंग की चोरी

Hindi Detective Story हिंदी जासूसी कहानी: बेअरिंग की चोरी – पेज 1 सारे नागपुर शहर में 17 वर्ष के किशोर जासूस राकेश की काफी चर्चा थी। राज्य स्तर के कुछ बड़े आपराधिक मामलों को सुलझा लेने के बाद अब लोग कहने लगे थे कि वह तीक्ष्ण बुद्धि का, चुस्त एवं विलक्षण युवक है। अखबारों में भी प्रायः उसके बारे में …

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