स्कूल मैगज़ीन से ली गयी बाल-कविताएँ

नन्हीं कलम से: शौर्य मलिक

माँ तो है इक प्यार सागर
सुख मिले इस प्यार को पाकर।
माँ ने ही तो जन्म दिया है,
इस प्यारी भूमि पर।

रखे आशीर्वाद की छाया,
हरदम हमारे सिर पर।
माँ करें हमारा पालन पोषण,
खुद खिलाए हाथों से भोजन।

माँ देती हमें खुशियाँ सारी,
कष्ट सहे हमारे लिए अति भारी।
माँ से करना सीखो प्यार,
तभी बनेगा जीवन खुशी से बहार।

~ शौर्य मलिक (तीसरी-सी) St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi

स्वच्छता अभियान: अमनदीप गिरधर

पुरजोर शुरू हो गया,
स्वच्छ देश अभियान।
दफ्तरों में बँट गई,
शर्ट और बनियान।

खींचे सभी के फोटो,
झाड़ू लेकर हाथ,
लिखा बैनर पर मोटो,
कहें अमन कविराय।

यूँ बनो मत मुफ्तखोर,
करो सफल अभियान।
लगाकर भरपूर जोर ।।

~ अमनदीप गिरधर (तीसरी-सी) St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi

स्वच्छ भारत: मनस्वी कक्कड़

आओ बच्चों तुम्हें बताएं, महत्ता कूड़ेदान की।
शहर-गली में चर्चा है, स्वच्छ भारत अभियान की।।
साफ सुथरा मेरा मेरा मन,देश मेरा सुंदर हो।
प्यार फैले सड़कों पर, कचरा डिब्बे के अंदर हो।।
तुम्हारे कंधों पर निर्भर है, सफलता इस अभियान की।
आओ बच्चों तुम्हें बताएं, महत्ता कूड़ेदान की।
शहर-गली में चर्चा है, स्वच्छ भारत अभियान की।।

देश की धरोहर पर, है सबका अधिकार।
फिर क्यों है इसकी,
सफाई से इंकार?
शहर-गाँव को मानकर,
घर अपना।
निर्मल स्वच्छ है उसे भी रखना।।
यही सच्ची कड़ी हैं, सफाई
की खान की।
आओ बच्चों तुम्हें बताएं,
महत्ता कूड़ेदान की।
शहर-गली में चर्चा है, स्वच्छ भारत अभियान की।।

कपड़े की झोली विकल्प है, पॉलीथीन की थैली की।
लहर चल रही सभी ओर अब, मोदी के अभियान की।।
कूड़ेदान में फेकों कूड़ा, हर जगह न फेंको कूड़ा।
शौचालय के लाभ समझना, जरूरत हर इंसान की।।
आओ बच्चों तुम्हें बताएं, महत्ता कूड़ेदान की।
शहर-गली में चर्चा है, स्वच्छ भारत अभियान की।।

~ मनस्वी कक्कड़ (छठीं-ए) St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi

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