स्कूल मैगज़ीन से ली गयी बाल-कविताएँ

हाय रे परीक्षा!: सृष्टि गौर

जिस नाम को सुनके काँपता है हर बच्चा, वो है परीक्षा !
परीक्षा का पेपर हाथ में आते ही, इतना डर लगता है,
कि अच्छा नहीं किया तो घर पर पीटना पक्का है।
3 घंटे में करने होते हैं लगभग 40 सवाल,
एक भी छूटा तो घर पर होता है बवाल।

रिजल्ट के एक दिन पहले रात को नींद नहीं आती,
रखते हैं विद्यार्थी भगवान का व्रत,
अगर फेल हुए तो लगता है होगा “डण्डे से नृत्य”।
पास होने पर मिलता है शानदार इनाम,
और मुख से निकलता है ‘Thank you भगवान’!
फिर आती है अगली कक्षा
तब भी मुख से नीकलता है,
‘हाय रे परीक्षा’!

~ सृष्टि गौर (नवमीं-बी) St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi

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