इंसान की परख: एक धनी व्यक्ति का बटुआ बाजार में गिर गया। उसे घर पहुंच कर इस बात का पता चला। बटुए में जरूरी कागजों के अलावा कई हजार रुपए भी थे। फौरन ही वह मंदिर गया और प्रार्थना करने लगा कि बटुआ मिलने पर प्रसाद चढ़ाऊंगा, गरीबों को भोजन कराऊंगा आदि। संयोग से वह बटुआ एक बेरोजगार युवक को …
Read More »गुरु की सीख: गुरु शिष्य की प्रेरणादायक हिंदी कहानी
गुरु की सीख: नारायण दास एक कुशल मूर्तिकार थे। उनकी बनाई मूर्तियां दूर-दूर तक मशहूर थीं। नारायण दास को बस एक ही दुख था कि उनके कोई संतान नहीं थी। उन्हें हमेशा चिंता रहती थी कि उनके मरने के बाद उनकी कला की विरासत कौन संभालेगा। एक दिन उनके दरवाजे पर 14 साल का एक बालक आया। नारायण दास खाना …
Read More »लाल परी: लाल गुलाब से आसमानी परी की बातचीत
लाल परी: रात के लगभग 1 बजे होंगे। सुंदरवन में एक सुंदर सी लड़की दिखाई दी। “देखो सोनू एक नन्ही सी गुड़िया।” मोनू ने कहा। “अरे इसके तो पंख भी हैं… पंखों वाली लड़की।” सोनू ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा। सोनू और मोनू दोनों शरारती थे। वे सुंदरवन के बगीचे में रंग-बिरंगे फूलों को चुराने के लिए एक पेड़ …
Read More »राजा और नेत्रहीन संत: आदमी की पहचान – प्राचीन शिक्षाप्रद हिंदी कहानी
राजाओं-महाराजाओं को शिकार पर जाने और शिकार करने की आदत तो होती ही है। कई बार शिकार पर जाते समय या शिकार करते समय ऐसी घटनाएं घटित हो जाती थीं जो कहानी बन जाती हैं और हमें उस घटना से बड़ी प्रेरणा मिल जाती है। एक राजा एक बार अपनी शिकार करने वाली टीम को साथ लेकर शिकार खेलने गया। …
Read More »वह सुधर गया: एक घर की कहानी जहां बाप-बेटा दोनों शातिर चोर
पता नहीं किसने उसका नाम रखा चक्कू। उसका नाम इसलिए मशहूर हो गया कि वह चोरी करने लगा था। चक्कू चोर कई बार पकड़ा गया, उसको सजा भी हुई, पर वह सुधरा नहीं। वह कई गलत काम करने लगा, जिनमें एक था रोज शराब पीना। उसकी पत्नी, बच्चे उसकी इस बुरी आदत से परेशान थे। उसका बेटा 12-13 वर्ष का …
Read More »गुलेल तोड़ दी: पक्षियों का शिकार न करने को प्रेरित करती हिंदी कहानी
गुलेल तोड़ दी: अभिनय सातवीं कक्षा की परीक्षा दे चुका था। उसका परीक्षा परिणाम आने में अभी कई दिन बाकी थे। उसके बार-बार कहने पर उसके पापा उसे अपने गांव उसके चाचा-चाची तथा दादा-दादी के पास छोड़ आए। अभिनय को गांव के खुले वातावरण में घूमना-फिरना बहुत पसंद था। उसकी अपने चाचा जी के बेटे गुलजार से बनती भी बहुत …
Read More »स्वाद का आनंद: जब गिलहरी ने पहली बार बेर खाया – नैतिक शिक्षा की कहानी
स्वाद का आनंद – शहर से कुछ दूरी पर एक बड़े-से पार्क में नीम के बहुत अधिक पेड़ थे, जिन पर पंछियों के अलावा गिलहरियां भी रहती थीं। पार्क के बीच में नीम का एक बूढ़ा पेड़ था, जिसे सब दादा कहते थे। उस पर एक गिलहरी रहती थी कम्मो। कम्मो का स्वभाव बहुत ही सौम्य था। उसकी गिटर-पिटर बूढ़े …
Read More »स्वच्छता अभियान: स्वच्छ जंगल अभियान पर प्रेरक हिंदी बाल-कहानी
स्वच्छता अभियान – कालू कुत्ता, पीलू लोमड़ी दोनों ने एक दिन कार्यक्रम बनाया कि हमें अपने जंगल को साफ-सुथरा रखने के लिए कुछ न कुछ अवश्य करना चाहिए। बस फिर क्या था, जंगल की पंचायत के सभी सभ्यों को एकत्रित करके विचार विर्मश करने का फैसला किया गया। सभा का विषय जानने के बाद एक भी सदस्य ने आने में …
Read More »चक्रव्यूह: हालात से मजबूर होनहार विद्यार्थी की दिल छु लेने वाली कहानी
चक्रव्यूह: गांव का वह स्कूल 11वीं कक्षा तक का था। बच्चे दो-दो, चार-चार के गुट में बतिया रहे थे। आज 10वीं का परिणाम आने वाला था। अभिमन्यु को देखकर एक गुट के बच्चों ने उसे अपने पास बुला लिया। वह गया तो एक बच्चा बोला, ‘अभिमन्यु, इस बार तुम चक्रव्यूह में घिर गए हो।’ ‘मैं समझा नहीं।’ चक्रव्यूह: गोविंद शर्मा ‘हर …
Read More »होली वाला बर्थडे: रोचक हिंदी बाल-कहानी
होली वाला बर्थडे: होली वाले दिन “मेरा हैप्पी बर्थडे है…” कहते हुए सात साल का गोलू सारे घर के कमरों में घूम रहा था। घर के सभी सदस्य होली के तैयारियों में व्यस्त थे इसलिए कोई भी उसकी बात पर ध्यान नहीं दे रहा था। थक हार कर वह अपनी माँ को सब जगह देखते हुए राजू भैया के कमरे …
Read More »
Kids Portal For Parents India Kids Network