Stories in Hindi

गिल्ली-डंडा: बच्चों ने खेलते खेलते पकड़वाया खतरनाक आतंकवादी

गिल्ली-डंडा: बच्चों ने खेलते खेलते पकड़वाया खतरनाक आतंकवादी

लाली एक बड़ी ही नटखट लड़की थी। उसे लाल कपड़े पहनना बहुत पसंद था, इसलिए सभी उसे लाली कहकर बुलाते थे। उसके आस-पड़ोस में मंजित, सोनक, छुटकी और जयदीप भी रहते थे। वे सभी साथ-साथ खेलते और हमेशा एक-दूसरे का साथ निभाते थे। गिल्ली-डंडा: गोविंद भारद्वाज एक दिन लाली हिंदी का पाठ पढ़ रही थी। पाठ का नाम था ‘हमारे पारंपरिक …

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दो भाई: लालच व्यक्ति को मूर्ख बनाता है, संतोष को नष्ट करता है

दो भाई: लालच व्यक्ति को मूर्ख बनाता है, संतोष को नष्ट करता है

किसी गांव में दो भाई रहते थे – मटकू और टमकू। मटकू गोल-मटोल था और मटक-मटक कर चलता था, इसीलिए उसका नाम मटकू था। टमकू पतला-दुबला था और उसकी आंखें बार-बार झपकती थीं, इसलिए उसका नाम टमकू था। उनके घर में नल नहीं था। पानी दूर से एक हैंडपंप से लाना पड़ता था। मां घर का सारा काम करके थक …

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परोपकारी सोच: गणित के अध्यापक का अनाथ विद्यार्थी पर परोपकार की प्रेरक कहानी

परोपकारी सोच: गणित के अध्यापक का अनाथ विधार्थी पर परोपकार की प्रेरक कहानी

परोपकारी सोच: श्याम जी दसवीं कक्षा में गणित पढ़ा रहे थे। उनका ध्यान खिड़की की ओर गया। उनको लगा कि कोई बाहर की तरफ खड़ा है। उन्होंने खिड़की से झांक कर देखा तो वहां कोई नजर नहीं आया। उन्होंने सोचा कि शायद कोई उनका ही भ्रम हो। अगले दिन जब उन्होंने पढ़ाना शुरू किया तो उनको लगा कि फिर कोई …

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नया स्कूल: विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व पर हिंदी बाल-कहानी

नया स्कूल: विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व पर हिंदी बाल-कहानी

संदीप के पिता की नई नौकरी एक बड़े शहर में लगी थी। संदीप खुश था कि अब उसे बड़े शहर के अच्छे स्कूल में पढ़ने का अवसर मिलेगा। मम्मी-पापा नए घर में जाने के लिए सामान पैक करने में व्यस्त थे और संदीप अपने दोस्तों को मिलने बाहर आया था। उसने अपने दोस्तों को बताया कि वह अब बड़े शहर …

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होनहार बच्चे: माता-पिता की सेवा करने से मिलता है देवताओं का आशीर्वाद

होनहार बच्चे: माता-पिता की सेवा करने से मिलता है देवताओं का आशीर्वाद

दार्जिलिंग के पास एक कस्बा था। उस कस्बे में बहादुर नाम का एक फल विक्रेता रहता था। उसके दो बच्चे थे। बेटा संगमा बड़ा था और बेटी देविका उससे छोटी थी। बहादुर रोज सुबह उठकर फल मंडी जाता और इसके बाद ठेले पर फल रखकर गली-मोहल्लों में बेचता। संगमा और देविका रोज अपने स्कूल पढ़ने जाते और छुट्टी होने पर …

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कुदरत पर उपकार: National Bird Day Special Hindi Story

कुदरत पर उपकार: National Bird Day Special Hindi Story

“नाना जी… नाना जी… हम दोनों भाई फुटबॉल खेलने बगीचे में जाएं?” गुल्लू ने अपने नाना जी से पूछा। “हां… नाना जी घर में खेलने में मजा नहीं आता…।” छोटू ने भी कहा। नाना जी ने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है बेटा… जरा संभल कर खेलना। यह पहाड़ी इलाका है… जमीन भी उबड़-खाबड़ है… कहीं पानी के नाले भी हैं।” …

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पुस्तकें बोल पड़ी: जितनी देर भी पढ़ो – दिल लगाकर पढ़ो – प्रेरणादायक हिंदी कहानी

पुस्तकें बोल पड़ी: जितनी देर भी पढ़ो - दिल लगाकर पढ़ो

पुष्प दसवीं कक्षा में हो गया था, उसे अपने आप से यह शिकायत थी कि वह जितनी मेहनत करता है, उसके कक्षा के टैस्टों और परीक्षाओं में उतने अंक नहीं आते। उसे जब भी कक्षा के टैस्ट तथा परीक्षाओं के पर्चे मिलते, तो वह बाकी मेधावी छात्रों के मुकाबले अपने कम अंक आए देखकर मन में सोचने लगता था कि …

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अब फैसला आपका: कक्षा या पढ़ाई के दौरान मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल पर हिंदी कहानी

अब फैसला आपका: कक्षा या पढ़ाई के दौरान मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल

कुशल की कक्षा के विज्ञान विषय के अध्यापक किसी दूसरे विद्यालय से बदल कर आए थे। वह बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ हर रोज उनका बिना बताए किसी न किसी प्रश्न का टैस्ट लेते रहते थे। हर बच्चे के टैस्ट में आने वाले अंकों को वह अपनी कापी में लिख लेते लेकिन किसी बच्चे को कुछ नहीं बताते। सभी बच्चे …

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सच्ची दीपावली: गरीब की दिवाली पर हृदयविदारक कथा बच्चों के लिए

सच्ची दीपावली: गरीब की दिवाली पर हृदयविदारक कथा

सच्ची दीपावली: गरीब की दिवाली – दीपावली का पर्व नजदीक आ रहा था और स्कूल में सभी बच्चों के मन में मानों खुशियों के पंख लग गए थे और वे तमाम तरीके से रोज नए पटाखों की लिस्ट बनाते और फिर अचानक दूसरे पटाखे याद आ जाते तो पहली लिस्ट के चिंदे करके चारों ओर उड़ा देते। कोई अपने लिए …

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दिवाली की रात: दिवाली पर हिंदी जासूसी कहानी विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

Hindi Detective Story about Diwali and Thieves दीवाली की रात

दिवाली की रात: चन्दन चौदह वर्षीय एक चंचल और चतुर लड़का था। घर से लेकर स्कूल तक सभी उसकी बुद्धिमानी का लोहा मानते थे। जितना वह पढ़ाई लिखाई में अच्छा था उतना ही खेल कूद में भी। हर साल की तरह इस बार भी उसने और उसके दोस्तों ने दिवाली को बड़े ही धूम-धाम से मनाने का निश्चय किया। बच्चों की …

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