परोपकारी सोच: श्याम जी दसवीं कक्षा में गणित पढ़ा रहे थे। उनका ध्यान खिड़की की ओर गया। उनको लगा कि कोई बाहर की तरफ खड़ा है। उन्होंने खिड़की से झांक कर देखा तो वहां कोई नजर नहीं आया। उन्होंने सोचा कि शायद कोई उनका ही भ्रम हो। अगले दिन जब उन्होंने पढ़ाना शुरू किया तो उनको लगा कि फिर कोई …
Read More »नया स्कूल: विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व पर हिंदी बाल-कहानी
संदीप के पिता की नई नौकरी एक बड़े शहर में लगी थी। संदीप खुश था कि अब उसे बड़े शहर के अच्छे स्कूल में पढ़ने का अवसर मिलेगा। मम्मी-पापा नए घर में जाने के लिए सामान पैक करने में व्यस्त थे और संदीप अपने दोस्तों को मिलने बाहर आया था। उसने अपने दोस्तों को बताया कि वह अब बड़े शहर …
Read More »होनहार बच्चे: माता-पिता की सेवा करने से मिलता है देवताओं का आशीर्वाद
दार्जिलिंग के पास एक कस्बा था। उस कस्बे में बहादुर नाम का एक फल विक्रेता रहता था। उसके दो बच्चे थे। बेटा संगमा बड़ा था और बेटी देविका उससे छोटी थी। बहादुर रोज सुबह उठकर फल मंडी जाता और इसके बाद ठेले पर फल रखकर गली-मोहल्लों में बेचता। संगमा और देविका रोज अपने स्कूल पढ़ने जाते और छुट्टी होने पर …
Read More »कुदरत पर उपकार: National Bird Day Special Hindi Story
“नाना जी… नाना जी… हम दोनों भाई फुटबॉल खेलने बगीचे में जाएं?” गुल्लू ने अपने नाना जी से पूछा। “हां… नाना जी घर में खेलने में मजा नहीं आता…।” छोटू ने भी कहा। नाना जी ने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है बेटा… जरा संभल कर खेलना। यह पहाड़ी इलाका है… जमीन भी उबड़-खाबड़ है… कहीं पानी के नाले भी हैं।” …
Read More »पुस्तकें बोल पड़ी: जितनी देर भी पढ़ो – दिल लगाकर पढ़ो – प्रेरणादायक हिंदी कहानी
पुष्प दसवीं कक्षा में हो गया था, उसे अपने आप से यह शिकायत थी कि वह जितनी मेहनत करता है, उसके कक्षा के टैस्टों और परीक्षाओं में उतने अंक नहीं आते। उसे जब भी कक्षा के टैस्ट तथा परीक्षाओं के पर्चे मिलते, तो वह बाकी मेधावी छात्रों के मुकाबले अपने कम अंक आए देखकर मन में सोचने लगता था कि …
Read More »अब फैसला आपका: कक्षा या पढ़ाई के दौरान मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल पर हिंदी कहानी
कुशल की कक्षा के विज्ञान विषय के अध्यापक किसी दूसरे विद्यालय से बदल कर आए थे। वह बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ हर रोज उनका बिना बताए किसी न किसी प्रश्न का टैस्ट लेते रहते थे। हर बच्चे के टैस्ट में आने वाले अंकों को वह अपनी कापी में लिख लेते लेकिन किसी बच्चे को कुछ नहीं बताते। सभी बच्चे …
Read More »सच्ची दीपावली: गरीब की दिवाली पर हृदयविदारक कथा बच्चों के लिए
सच्ची दीपावली: गरीब की दिवाली – दीपावली का पर्व नजदीक आ रहा था और स्कूल में सभी बच्चों के मन में मानों खुशियों के पंख लग गए थे और वे तमाम तरीके से रोज नए पटाखों की लिस्ट बनाते और फिर अचानक दूसरे पटाखे याद आ जाते तो पहली लिस्ट के चिंदे करके चारों ओर उड़ा देते। कोई अपने लिए …
Read More »दिवाली की रात: दिवाली पर हिंदी जासूसी कहानी विद्यार्थियों और बच्चों के लिए
दिवाली की रात: चन्दन चौदह वर्षीय एक चंचल और चतुर लड़का था। घर से लेकर स्कूल तक सभी उसकी बुद्धिमानी का लोहा मानते थे। जितना वह पढ़ाई लिखाई में अच्छा था उतना ही खेल कूद में भी। हर साल की तरह इस बार भी उसने और उसके दोस्तों ने दिवाली को बड़े ही धूम-धाम से मनाने का निश्चय किया। बच्चों की …
Read More »बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की दिल छू लेने वाली कहानी
बाला की दिवाली: “माँ… पटाखे लेने है मुझे” बाला ने दिवार के कोने में बैठे हुए कहा। “कहाँ से ले दूँ?” बाला की माँ, शांता का तुरंत जवाब आया। “पर दिवाली में तो सब बच्चे पटाखे फोड़ते है” बाला ने एक और कोशिश करते हुए कहा। “हाँ, पर उनके मम्मी पापा के पास पैसे होते है?” माँ ने रस्सी पर …
Read More »चुन्नू की इको फ्रेंडली दिवाली: जन जागरूकता पर प्रेरक हिंदी बाल कहानी
इको फ्रेंडली दिवाली: सात साल का चुन्नू सुबह से ही पटाखे खरीदने की जिद कर रहा था। वह पापा के पास आते हुए बोला – “पटाखे लेने चलो, मेरे सब दोस्त ले आये है”। “अरे, बेटा, तुम पहले अपना होमवर्क तो खत्म कर लो फ़िर समय नहीं मिलेगा”। “अभी तो स्कूल खुलने में चार दिन है, आप पहले पटाखे लेने …
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