Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

एक तेरा साथ हम को दो जहां से प्यारा है – मजरुह सुलतानपुरी

एक तेरा साथ हम को दो जहां से प्यारा है - मजरुह सुलतानपुरी

एक तेरा साथ हम को दो जहां से प्यारा है तू है तो हर सहारा है ना मिले संसार, तेरा प्यार तो हमारा है तू है तो हर सहारा है हम अकेले है, शहनाईयाँ चूप हैं, तो कंगना बोलता है तू जो चलती है, छोटे से आँगन में, चमन सा डोलता है आज घर हमने, मिलन के रंग से संवारा …

Read More »

चंदा रे चंदा रे, कभी तो ज़मीं पर आ – जावेद अख्तर

चंदा रे चंदा रे, कभी तो ज़मीं पर आ - जावेद अख्तर

ह: चंदा रे चंदा रे कभी तो ज़मीं पर आ बैठेंगे, बातें करेंगे तुझको आते इधर लाज आये अगर ओढ़ के आजा, तू बादल घने गुलशन, गुलशन, वादी वादी, बहती है रेशम जैसी हवा जंगल जंगल, पर्वत, पर्वत, हैं नींद में सब इक मेरे सिवा चंदा, चंदा आजा सपनों की नीली नदिया में नहायें आजा ये तारे चुनके हम, घर …

Read More »

अँखियों के झरोखों से

अँखियों के झरोखों से

अँखियों के झरोखों से, मैने देखा जो सांवरे तुम दूर नज़र आए, बड़ी दूर नज़र आए बंद करके झरोखों को, ज़रा बैठी जो सोचने मन में तुम्हीं मुस्काए, बस तुम्हीं मुस्काए अखियों के झरोखों से… इक मन था मेरे पास वो अब खोने लगा है पाकर तुझे हाय मुझे कुछ होने लगा है इक तेरे भरोसे पे सब बैठी हूँ …

Read More »

आके तेरी बाँहों में – वंश

आके तेरी बाँहों में – वंश

आके तेरी बाँहों में, हर शाम लगे सिंदूरी मेरे मन को महकाए, तेरे मन की कस्तूरी। आके तेरी बाँहों में, हर शाम लगे सिंदूरी मेरे मन को महकाए, तेरे मन की कस्तूरी। महकी हवाए उड़ता आंचल लत घुंघराले काले बादल प्रेम सुधा नैनो से बरसे, पी लेने को जीवन तरसे बाहो मे कास लेने दे, परीत का चुंबन देने दे …

Read More »

Inspirational Hindi Poem to Light Up Your Life चिराग जलते रहें

Inspirational Hindi Poem to Light Up Your Life

उजालों के नाम जब तक ना आये पैगाम, मयस्सर हो ना रौशनी हर बाम चिराग जलते रहें। अँधेरे खुद ही दामन ओढ़ लें आकर शुआओं के, नूरानी जब तक न हो हर गम चिराग जलते रहें। हमारी आँख में चमके चिराग अपनी मोहब्बत के, दिलों में प्यार के सुबहो – शाम चिराग जलते रहें। सजा लो लाख लड़ियाँ चमकीली दर …

Read More »

Agyeya Hindi Poem about Poor People & Frustration अनुभव परिपक्व

Anubhav Paripakva - Sachchidananda Vatsyayan Agyeya

माँ हम नहीं मानते – अगली दीवाली पर मेले से हम वह गाने वाला टीन का लट्टू लेंगे ही लेंगे – नहीं, हम नहीं जानते – हम कुछ नहीं सुनेंगे। – कल गुड़ियों का मेला है मुझे एक दो पैसे वाली काग़ज़ की फिरकी तो ले देना अच्छा मैं लट्टू नहीं मांगता – तुम बस दो पैसे दे देना। – …

Read More »

पर्व है पुरुषार्थ का, दीप के दिव्यार्थ का

पर्व है पुरुषार्थ का, दीप के दिव्यार्थ का

पर्व है पुरुषार्थ का, दीप के दिव्यार्थ का। देहरी पर दीप एक जलता रहे, अंधकार से युद्ध यह चलता रहे। हारेगी हर बार अंधियारे की घोर-कालिमा, जीतेगी जगमग उजियारे की स्वर्ण-लालिमा। दीप ही ज्योति का प्रथम तीर्थ है, कायम रहे इसका अर्थ, वरना व्यर्थ है। आशीषों की मधुर छांव इसे दे दीजिए, प्रार्थना-शुभकामना हमारी ले लीजिए। झिलमिल रोशनी में निवेदित …

Read More »

Hindi Devotional Bhajan about Lord Rama दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया

Hindi Devotional Bhajan about Lord Rama दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया

दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया। राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया॥ द्वारे पे उसके जाके कोई भी पुकारता, परम कृपा दे अपनी भव से उभारता। ऐसे दीनानाथ पे बलिहारी सारी दुनिया, दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया॥ दो दिन का जीवन प्राणी कर ले विचार तू, प्यारे प्रभु को अपने मन में निहार तू। बिना हरी नाम के दुखिआरी …

Read More »

Harivansh Rai Bachchan’s Poem about Love & Frustration तब रोक न पाया मैं आँसू

Harivansh Rai Bachchan's Poem about Love & Frustration तब रोक न पाया मैं आँसू

जिसके पीछे पागल हो कर मैं दौड़ा अपने जीवन भर, जब मृगजल में परिवर्तित हो, मुझ पर मेरा अरमान हँसा! तब रोक न पाया मैं आँसू! जिसमें अपने प्राणों को भर कर देना चाहा अजर–अमर, जब विस्मृति के पीछे छिपकर, मुझ पर वह मेरा गान हँसा! तब रोक न पाया मैं आँसू! मेरे पूजन आराधन को, मेरे संपूर्ण समर्पण को, …

Read More »

Narendra Chanchal Maa Sherwali Bhajan तुने मुझे बुलाया शेरावालिये

Narendra Chanchal Maa Sherwali Bhajan तुने मुझे बुलाया शेरावालिये

साँची ज्योतोवाली माता तेरी जय जयकार जय जयकार, जय जयकार जय जयकार तुने मुझे बुलाया, शेरावालिये मैं आया, मैं आया, शेरावालिये तुने मुझे बुलाया, शेरावालिये मैं आया, मैं आया, शेरावालिये ओ, ज्योतावालिये, पहाड़ावालिये, ओ मेहरावालिये तुने मुझे बुलाया, शेरावालिये मैं आया, मैं आया, शेरावालिये सारा जग है इक बंजारा सारा जग है इक बंजारा सब की मंजिल तेरा द्वारा ऊँचे …

Read More »