Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

Sad Frustration Hindi Poem चुप सी लगी है – नीलकमल

चुप सी लगी है - नीलकमल

चुप सी लगी है। अन्दर ज़ोर एक आवाज़ दबी है। वह दबी चीख निकलेगी कब? ज़िन्दगी आखिर शुरू होगी कब? कब? खुले मन से हंसी कब आएगी? इस दिल में खुशी कब खिलखिलाएगी? बरसों इस जाल में बंधी, प्यास अभी भी है। अपने पथ पर चल पाऊँगी, आस अभी भी है। पर इन्त्ज़ार में दिल धीरे धीरे मरता है धीरे …

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Shail Chaturvedi Hasya Kavita देवानंद और प्रेमनाथ

Shail Chaturvedi Hasya Kavita देवानंद और प्रेमनाथ

एक बार हम रिक्शे में बैठ गए ठिकाने पर पहुँच कर पचास पैसे थमाए तो रिक्शा चालक ऐंठ गए “पचास पैसे थमाते शर्म नहीं आई लीजिए आप ही सँभालिए और जल्दी से रुपया निकालिए, वो तो मैंने अँधेरे में हाँ कह दी थी उजाले में होता तो ठेले की सवारी रिक्शे में नहीं ढोता” हमारे शारीरिक विकास और गंजेपन को …

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Kaka Hathrasi Hasya Kavita प्रसिद्धि प्रसंग

Kaka Hathrasi Hasya Kavita प्रसिद्धि प्रसंग

काशीपुर क्लब में मिले, कवि–कोविद अमचूर चर्चा चली कि कहाँ की कौन चीज़ मशहूर कौन चीज़ मशहूर, पश्न यह अच्छा छेड़ा नोट कीजिए है प्रसिद्ध मथुरा का पेड़ा। आत्मा–परमात्मा प्रसन्न हो जाएँ काका लड्डू संडीला के हों, खुरचन खुरजा का। अपना–अपना टेस्ट है, अपना–अपना ढंग रंग दिखाती अंग पर हरिद्वार की भंग। हरिद्वार की भंग, डिजाइन नए निराले जाते देश–विदेश, …

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Inspirational Hindi Poem on Demonetisation नोट बंदी

Inspirational Hindi Poem on Denomitisation नोट बंदी

जब से नोट बंदी हो गई है सियासत और भी गंदी हो गई है। सुना है कश्मीर भी सांसे ले रहा है पत्थरों की आवाजें मन्दी हो गई है। जो चिल्ला के हिसाब मांगते थे सरकार से वही लोग रो रहे है जब पाबंदी हो गई है। आपस में झगड़ते थे दुश्मनों की तरह उन नेताओं में आजकल रजामंदी हो …

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Nirmala Joshi Hindi Love Poem about Faith सूर्य–सा मत छोड़ जाना

Nirmala Joshi Hindi Love Poem about Faith सूर्य–सा मत छोड़ जाना

मैं तुम्हारी बाट जोहूँ तुम दिशा मत मोड़ जाना तुम अगर ना साथ दोगे पूर्ण कैसे छंद होंगे भावना के ज्वार कैसे पक्तिंयों में बंद होंगे वर्णमाला में दुखों की और कुछ मत जोड़ जाना देह से हूँ दूर लेकिन हूँ हृदय के पास भी मैं नयन में सावन संजोए गीत भी मधुमास भी मैं तार में झंकार भर कर …

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Bedhab Banarasi Hasya Vyang Poem प्रिये – एक पौरोडी

Bedhab Banarasi Hasya Vyang Poem प्रिये - एक पौरोडी

तुम अंडर–ग्रेजुएट हो सुन्दर मैं भी हूँ बी.ए. पास प्रिये तुम बीबी हो जाओ लॉ–फुल मैं हो जाऊँ पति खास प्रिये मैं नित्य दिखाऊँगा सिनेमा होगा तुमको उल्लास प्रिये घर मेरा जब अच्छा न लगे होटल में करना वास प्रिये सर्विस न मिलेगी जब कोई तब ‘लॉ’ की है एक आस प्रिये उसमें भी सक्सेस हो न अगर रखना मत …

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Dipti Mishra Hindi Frustration Poem about Love है तो है

Dipti Mishra Hindi Frustration Poem about Love है तो है

वो नहीं मेरा मगर उससे मुहब्बत है तो है ये अगर रस्मों रिवाजों से बगावत है तो है सच को मैंने सच कहा, जब कह दिया तो कह दिया गर ज़माने की नज़र में ये हिमाकत है तो है कब कहा मैंने कि वो मिल जाए मुझको, मैं उसे, ग़ैर ना हो जाए वो बस इतनी हसरत है तो है …

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लाखों तारे आसमां में, एक मगर ढूँढे ना मिला – हसरत जयपुरी

लाखों तारे आसमां में, एक मगर ढूँढे ना मिला - हसरत जयपुरी

लाखों तारे आसमां में, एक मगर ढूँढे ना मिला देख के दुनिया की दिवाली, दिल मेरा चुपचाप जला –२ किस्मत का हैं नाम मगर, काम हैं ये दुनिया वालों का फूँक दिया हैं चमन हमारे ख़्वाबों और खयालों का जी करता हैं खुद ही घोंट दें, अपने अरमानों का गला देख के दुनिया की दिवाली, दिल मेरा चुपचाप जला –२ …

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Children’s Poetry about Festival of Lights – Deepawali शुभ दीपावली

Children's Poetry about Festival of Lights - Deepawali शुभ दीपावली

जगमग – जगमग दीप जलें, रोशन घर का हो हर कोना। प्रकाश के जैसे उज्जवल तन हो, जन – जन स्वजन और निर्मल मन हो। रोशनी का आगाज जहाँ हो, तुम वहां हो हम वहां हों। दूर तम के अन्धकार हों, मीठे सुर हों मीठी ताल हो। शुभकामनायें हैं यही हमारी, सतरंगी हर दीवाली हो। ∼ अमृता गोस्वामी [वैशाली नगर, …

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झिलमिल सितारों का आंगन होगा – आनंद बक्षी

झिलमिल सितारों का आंगन होगा - आनंद बक्षी

झिलमिल सितारों का आँगन होगा रिमझिम बरसता सावन होगा ऐसा सुन्दर सपना, अपना जीवन होगा प्रेम की गली में एक छोटा सा घर बनायेंगे कलियाँ ना मिले ना सही, काँटों से सजायेंगे बगिया से सुन्दर वो बन होगा तेरी आँखों से सारा, संसार मैं देखूंगी देखूंगी इस पार या, उस पार मैं देखूंगी नैनो को तेरा ही, दर्शन होगा फिर …

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