Poems For Kids

Poetry for children: Our large assortment of poems for children include evergreen classics as well as new poems on a variety of themes. You will find original juvenile poetry about trees, animals, parties, school, friendship and many more subjects. We have short poems, long poems, funny poems, inspirational poems, poems about environment, poems you can recite

हो हल्ला है होली है: प्रभुदयाल श्रीवास्तव – होली विशेष हिंदी बाल-कविता

होली विशेष हिंदी बाल-कविता: हो हल्ला है होली है

उड़े रंगों के गुब्बारे हैं, घर आ धमके हुरयारे हैं। मस्तानों की टोली है, हो हल्ला है, होली है। मुंह बन्दर सा लाल किसी का, रंगा गुलाबी भाल किसी का। कोयल जैसे काले रंग का, पड़ा दिखाई गाल किसी का। काना फूसी कुछ लोगों में, खाई भांग की गोली है। ढोल ढमाका ढम ढम ढम ढम, नाचे कूदे फूल गया …

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होली आई रे होली आई रे: होली के त्यौहार पर बाल-कवितायेँ

होली आई रे होली आई रे 3 Short Poems on Holi Festival

होली आई रे बसंत में हर कली मुस्कुराई, फागुन की मस्ती चंहुओर है छाई, मदभरा रंगीं नजारा हर कहीं नजर आता है, सुनहरा रंग फिजाओं में पसर जाता है, चंग की ढाप चौक-चौराहों में गूंज रही है, फागणियों को फाग गाने की सूझ रही है, लोग-लुगाई होली की मस्ती में सराबोर हैं, हर तरफ होली आई रे होली आई रे …

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बाल-कविताओं का संग्रह: ओमप्रकाश बजाज

ओमप्रकाश बजाज की बाल-कविताओं का संग्रह

सात बहनें: ओमप्रकाश बजाज भारत के पर्वोत्तर में 7 राज्य हैं जो ‘सात बहनें’ कहे जाते हैं। इनके नाम अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम कहलाते हैं। अरुणाचल कहलाता है उगते सूर्य का पर्वत और ईटागर है इसकी राजधानी। दिसपुर है असम की राजधानी, मेघालय की राजधानी शिलांग है, कोहिमा नागालैंड की और इंफाल मणिपुर की राजधानी है। …

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बच्चों तुम तकदीर हो कल के हिंदुस्तान की: साहिर लुधियानवी

बच्चों तुम तकदीर हो कल के हिंदुस्तान की: साहिर लुधियानवी

बच्चों तुम तकदीर हो कल के हिंदुस्तान की बापू के वरदान की, नेहरु के अरमान की। आज के टूटे खँडहरों पर तुम कल का देश बसाओगे जो हम लोगों से न हुआ वो तुम कर के दिखलाओगे तुम नन्हीं बुनियादें हो दुनिया के नए विधान की। दीन-धरम के नाम पे कोई बीज फूट का बोए ना जो सदियों के बाद …

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आने वाले कल की तुम तस्वीर हो: इन्दीवर

आने वाले कल की तुम तस्वीर हो: इन्दीवर

आने वाले कल की तुम तस्वीर हो नाज करेगी दुनिया तुम पर दुनिया की तक़दीर हो आने वाले कल की तुम तस्वीर हो नाज करेगी दुनिया तुम पर दुनिया की तक़दीर हो। तुम हो किसी कुटिया के दीपक जग में उजाला कर दोगे भोली भाली मुस्कानों से सबकी झोली भर दोगे हस्ते चलो ज़माने में तुम चलता हुआ एक तीर …

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नई उमर की कलियों तुमको देख रही दुनिया सारी: कवि प्रदीप

नई उमर की कलियों तुमको देख रही दुनिया सारी: कवि प्रदीप

नई उमर की कलियों तुमको देख रही दुनिया सारी तुमपे बड़ी ज़िम्मेदारी घर-घर को तुम स्वर्ग बनाना – 2 हर आँगन को फुलवारी हम पे बड़ी ज़िम्मेदारी देख रही दुनिया सारी तुम उस देश में जन्मी हो जिस देश में जन्मी थी सीता – 2 तुम उस देश की कन्या हो जिस देश में गूँज रही गीता कभी भूल कर …

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वतन वालो वतन ना बेच देना: आनंद बक्षी

Motivational Bollywood Desh Prem Geet वतन वालो वतन ना बेच देना

वतन वालो वतन ना बेच देना ये धरती ये गगन ना बेच देना शहीदों ने जान दी है वतन के वास्ते शहीदों के कफ़न ना बेच देना दोस्तों साथियों हम चले दे चले अपना दिल अपनी जां ताकि जीता रहे अपना हिन्दुस्तां हम जिये हम मरे इस वतन के लिए इस चमन के लिए ताकि खिलता रहे गुल हमेशा यहां …

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नन्हा मुन्ना राही हूँ: शकील बदायूंनी

नन्हा मुन्ना राही हूँ: शकील बदायूंनी

नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ बोलो मेरे संग जय हिंद जय हिंद जय हिंद… रस्ते पे चलूँगा न डर डर के, चाहे मुझे जीना पड़े मर मर के, मंजिल से पहले न लूँगा कभी दम, आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम, दाहिने बाएं दाहिने बाएं, थम। नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ, बोलो मेरे संग जय हिंद …

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नफरत की लाठी तोड़ो मेरे देश प्रेमियों: आनंद बक्षी

नफरत की लाठी तोड़ो मेरे देश प्रेमियों - आनंद बक्षी

नफ़रत की लाठी तोड़ो, लालच का खंजर फेंको, ज़िद के पीछे मत दौड़ो, तुम प्रेम के पंछी हो, देश प्रेमियों, आपस में प्रेम करो देश प्रेमियों… देखो, ये धरती, हम सब की माता है, सोचो, आपस में, क्या अपना नाता है, हम आपस में लड़ बैठे, हम आपस में लड़ बैठे तो देश को कौन सम्भालेगा, कोई बाहर वाला अपने …

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आराम करो: गोपाल प्रसाद व्यास

आराम करो - गोपाल प्रसाद व्यास

एक मित्र मिले‚ बोले‚ “लाला तुम किस चक्की का खाते हो? इस डेढ़ छटांक के राशन में भी तोंद बढ़ाए जाते हो। क्या रक्खा है मांस बढ़ाने में‚ मनहूस‚ अकल से काम करो। संक्रान्ति–काल की बेला है‚ मर मिटो‚ जगत में नाम करो।” हम बोले‚ “रहने दो लैक्चर‚ पुरुषों को मत बदनाम करो इस दौड़–धूप में क्या रक्खा‚ आराम करो‚ …

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