धूम्रपान पर कविता: क्यों मौत बुला रहे हो? World No Smoking Day Hindi Poem

धूम्रपान विद्यार्थियों और बच्चों के लिए कविता: क्यों मौत बुला रहे हो?

वर्तमान में धूम्रपान की सबसे प्रचलित विधि सिगरेट है, जो मुख्य रूप से उद्योगों द्वारा निर्मित होती है किन्तु खुले तम्बाकू तथा कागज़ को हाथ से गोल करके भी बनाई जाती है। धूम्रपान के अन्य साधनों में पाइप, सिगार, हुक्का एवं बॉन्ग शामिल हैं। ऐसा बताया जाता है कि धूम्रपान से संबंधित बीमारियां सभी दीर्घकालिक धूम्रपान करने वालों में से आधों की जान ले लेती हैं किन्तु ये बीमारियां धूम्रपान न करने वालों को भी लग सकती हैं। 2007 की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रत्येक वर्ष दुनिया भर में 4.9 मिलियन लोग धूम्रपान की वजह से मरते हैं।

अपने आप अपनी, क्यों मौत बुला रहे हो
क्यूं यार मेरे खुद ही, खुद का गला दबा रहे हो।

अनमोल जिंदगी है, बर्बाद न कीजिए
उसके बदले सुबह-शाम, दूध पीजिए।

औरों को बुरी लत का, नशेड़ी बना रहे हो
40 की उम्र पार करते, खांसी सताएगी।

दम उखड़ जाएगी, जिंदगी रुलाएगी
फोकट में यार अपनी, सेहत गला रहे हो।

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