Tag Archives: Suffer Poems for Students

गणपती बाप्पा मोरया: गणपति विसर्जन पर फ़िल्मी भजन

गणपती बाप्पा मोरया: गणपति विसर्जन पर फ़िल्मी भजन

गणपती बाप्पा मोरया भजन: हरिहरन गणपती बाप्पा मोरया भजन, पुढच्या वर्षी लवकर या (गणपती बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ गणपती बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ) मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे मेरे घर में कितने दिन मेहमान रहे हो… मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे (गणपती बाप्पा …

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Donate Blood: Inspirational Blood Donation Poem

Donate Blood - Inspirational English poem on Blood Donation

Written after seeing a sizable crowd of young and old alike, thronging in our auditorium to donate blood – in a blood donation campaign! This sight gladdened me and made me feel that humanity is still not dead – in these decadent times – when everybody has neither time nor thought for others! Donate blood And be blessed To get …

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कर्मवीर: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

कर्मवीर: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

Here is an old classic written by Ayodhya Singh Upadhyaya Hariaudh. Hariaudh Ji (born 1865, died 1947) was one of the earliest poets of modern Hindi. Here he gives a evergreen prescription for success in life. कर्मवीर: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ देख कर बाधा विविध बहु विघ्न घबराते नहीं रह भरोसे भाग के दुख भोग पछताते नहीं काम कितना ही …

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Good Friday Poem By Alan Allegra

Good Friday

Good Friday Poem: Alan Allegra “What makes Good Friday good?” you ask. A challenge! A rather daunting task. Some may dismiss it with a shrug and a smirk, And consider it another day off work. Others, religious, pious as such, Take a few minutes for a mournful watch; Merchants unlock their doors with glee, Anticipating the pre-Easter shopping spree. A bunny …

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स्त्री: सुमित्रानंदन पंत हिन्दी कविता

स्त्री: सुमित्रानंदन पंत

सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। इस युग को जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जैसे कवियों का युग कहा जाता है। सुमित्रानंदन पंत जी प्रकृति और प्यार पर बहुत सारे कविताएं लिखी है। सुमित्रानंदन पंत हिन्दी कविता: स्त्री यदि स्वर्ग कहीं है पृथ्वी पर, तो वह नारी उर के भीतर, …

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नारी: सुमित्रानंदन पंत की लोकप्रिय हिंदी कविता

नारी: सुमित्रानंदन पंत की लोकप्रिय हिंदी कविता

We human beings are one of the animal species. Yet with our newfound ability to think and plan, we have created a very artificial world around us. Men the problem solvers are essentially responsible for creating this artificial world whereas women have remained much closer to nature and natural emotions. Latter remains a much more powerful force and if a …

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अंतरराष्ट्रीय नारी दिवस पर हिंदी कविता: मैं नारी

मैं नारी - अंतरराष्ट्रीय नारी दिवस पर एक कविता

1933 से 1945 के बीच अमेरिका की फर्स्ट लेडी रहीं एलियानोर रूजवेल्ट ने कहा था, ‘महिला एक टीबैग की तरह है, जब तक आप उसे गर्म पानी में न डालें तब तक पता ही नहीं चलता कि वह कितनी स्ट्रॉन्ग है।‘ उसने मां, बेटी, बहन और दोस्त जैसे न जाने कितने किरदारों में खुद को हर बार साबित किया है, …

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माँ-बाप: बुजुर्ग माता पिता पर हिंदी कविता

माँ-बाप: बुजुर्ग माता पिता पर हिंदी कविता

देखते ही देखते जवान, माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं… सुबह की सैर में, कभी चक्कर खा जाते है, सारे मौहल्ले को पता है, पर हमसे छुपाते है… दिन प्रतिदिन अपनी, खुराक घटाते हैं, और तबियत ठीक होने की, बात फ़ोन पे बताते है… ढीली हो गए कपड़ों, को टाइट करवाते है, देखते ही देखते जवान, माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं…! …

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दीपक जलाना कब मना है: हरिवंश राय बच्चन

दीप मेरे जल अकम्पित (दीप शिखा): महादेवी वर्मा

Calamities come in every one’s life. There could be death of a near and dear one or losing love of one’s life. Desperation may follow and everything may look dark and hopeless. Here Bachchan Ji tells in his inimitable style, it is fine to light a tiny lamp to dispel that darkness. It is OK to get up and re-connect …

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