Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » भये प्रगट कृपाला – गोस्वामी तुलसीदास
भये प्रगट कृपाला - गोस्वामी तुलसीदास

भये प्रगट कृपाला – गोस्वामी तुलसीदास

भये प्रगट कृपाला, दीन दयाला, कौसल्या हितकारी
हरषित महतारी, मुनि मनहारी, अद्भुत रूप विचारी

लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा, निज आयुध भुज चारी
भूषन वनमाला, नयन बिसाला, सोभासिंधु खरारी

कह दुई कर जोरी, अस्तुति तोरी, केहि बिधि करूं अनंता
माया गुन ग्यानातीत अमाना, वेद पुरान भनंता

करुना सुख सागर, सब गुन आगर, जेहि गावहिं श्रुति संता
सो मम हित लागी, जन अनुरागी, भयौ प्रगट श्री कंता

ब्रह्मांड निकाया, निर्मित माया, रोम रोम प्रति बेद कहे
मम उर सो बासी, यह उपहासी, सुनत धीर मति थिर न रहे

उपजा जब ग्याना, प्रभु मुसुकाना, चरित बहुत बिधि कीन्ह चहे
कहि कथा सुहाई, मातु बुझाई, जेहि प्रकार सुत प्रेम लहे

माता पुनि बोली, सो मति डोली, तजहु तात यह रूपा
कीजे सिसुलीला, अति प्रियसीला, यह सुख पराम अनूपा

सुन बचन सुजाना, रोदन ठाना, होई बालक सुरभूपा
यह चरित जे गावहि, हरिपद पावहि, तेहि न परहिं भवकूपा।

∼ गोस्वामी तुलसीदास

Check Also

दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

साथ-साथ जो खेले थे बचपन में, वो सब दोस्त अब थकने लगे है, किसी का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *