Tag Archives: Old Classic poems for Recitation

गणपति अपने गाँव चले: आनंद बक्षी

Ganapati Visarjan Bollywood Song गणपति अपने गाँव चले - आनंद बक्षी

गणपति अपने गाँव चले: The cult movie of 1990, Agneepath, starring the legendary actor Amitabh Bachchan is still etched in the minds of his fans. Agneepath Amitabh Bachchan movie showcases the rise of Vijay Dinanath Chauhan played by Amitabh Bachchan in the world of crime in Bombay. Vijay, is the son of Master Dinanath Chauhan (Alok Nath) who is a …

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देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन: रविंदर रावल

Ganesh Chaturthi Bollywood Song देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन

Hum Se Badkar Kaun is a 1981 Hindi-language Indian film directed by Deepak Bahry, starring Mithun Chakraborty, Vijayendra Ghatge, Ranjeeta, Amjad Khan, Danny Denzongpa, Kajal Kiran and Ranjeet. Four young boys tragically separated from their parents and each other grow up to become four different men with divergent values and conflicting methods. Fate eventually sets their paths for a head …

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गणपती बाप्पा मोरया: गणपति विसर्जन पर फ़िल्मी भजन

गणपती बाप्पा मोरया: गणपति विसर्जन पर फ़िल्मी भजन

गणपती बाप्पा मोरया भजन: हरिहरन गणपती बाप्पा मोरया भजन, पुढच्या वर्षी लवकर या (गणपती बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ गणपती बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ) मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे मेरे घर में कितने दिन मेहमान रहे हो… मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे (गणपती बाप्पा …

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ओ माय फ्रेंड गणेशा, तू रहना साथ हमेशा

ओ माय फ्रेंड गणेशा, तू रहना साथ हमेशा - माय फ्रेंड गणेशा

ओ माय फ्रेंड गणेशा: फ़िल्मी गीत ओ माय फ्रेंड गणेशा, तू रहना साथ हमेशा धरती के ऊपर दरिया, दरिया के ऊपर अम्बर – 2 अम्बर के ऊपर चंदा, चंदा के ऊपर तारे – 2 तारों में तारा ध्रुव तारा, देवों में तू देव हमारा सबसे ऊपर तू ही हमेशा – 2 ओ माय फ्रेंड गणेशा, तू रहना साथ हमेशा – …

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ठुकरा दो या प्यार करो: सुभद्रा कुमारी चौहान

ठुकरा दो या प्यार करो: सुभद्रा कुमारी चौहान

देव! तुम्हारे कई उपासक कई ढंग से आते हैं सेवा में बहुमूल्य भेंट वे कई रंग की लाते हैं। धूमधाम से साज-बाज से वे मंदिर में आते हैं मुक्तामणि बहुमुल्य वस्तुऐं लाकर तुम्हें चढ़ाते हैं। ठुकरा दो या प्यार करो: सुभद्रा कुमारी चौहान मैं ही हूँ गरीबिनी ऐसी जो कुछ साथ नहीं लाई फिर भी साहस कर मंदिर में पूजा …

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जयद्रथ वध: राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त

जयद्रथ वध: राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त

जयद्रथ वध: मैथिली शरण गुप्त जी के काव्य में मानव-जीवन की प्रायः सभी अवस्थाओं एवं परिस्थितियों का वर्णन हुआ है। अतः इनकी रचनाओं में सभी रसों के उदाहरण मिलते हैं। प्रबन्ध काव्य लिखने में गुप्त जी को सर्वाधिक सफलता प्राप्त हुई है। मैथिली शरण गुप्त जी की प्रसिद्ध काव्य-रचनाएँ – साकेत, यशोधरा, द्वापर, सिद्धराज, पंचवटी, जयद्रथ-वध, भारत-भारती, आदि हैं। भारत …

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प्रताप की प्रतिज्ञा: श्याम नारायण पांडेय की वीर रस हिंदी कविता

प्रताप की प्रतिज्ञा - श्याम नारायण पांडेय

प्रताप की प्रतिज्ञा: श्याम नारायण पांडेय – Man Singh, a Rajput, ( “Maan” in first line of third stanza) had aligned with Emperor Akbar of Delhi and had attacked Rana Pratap’s kingdom of Mewar. Rana Pratap kept fighting and resisting this assault. His velour and that of his legendary horse “Chetak” has been immortalized by famous poet Shyam Narayan Pandey in …

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पीथल और पाथल: कन्हैयालाल सेठिया की महाराणा प्रताप पर राजस्थानी वीर रस कविता

Kanhaiyalal Sethia Rajasthani Classic Poem about Rana Pratap पीथल और पाथल

पीथल और पाथल: कन्हैयालाल सेठिया – You may have read Shyam Narayan Pandey’s classic epic “Haldighati”. Three excerpts from that great work are available on this site. Many readers had asked me to include a Rajasthani classic poem on the same theme by the great poet Kanhaiyalal Sethia, but I could not find that poem any where. Fortunately one reader …

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चेतक की वीरता: श्याम नारायण पाण्डेय

चेतक की वीरता - श्यामनारायण पाण्डेय

चेतक की वीरता – महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की यशोगाथा गाती श्याम नारायण पाण्डेय की कविता। श्यामनारायण पाण्डेय का जन्म आजमगढ के डुमराँव गाँव में हुआ। इन्होंने काशी से साहित्याचार्य किया। पाण्डेयजी वीर रस के अनन्य गायक हैं। इन्होंने चार महाकाव्य रचे, जिनमें ‘हल्दीघाटी और ‘जौहर विशेष चर्चित हुए। ‘हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के जीवन और ‘जौहर में रानी …

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वीर सिपाही: श्याम नारायण पाण्डेय की वीर रस कविता

Maharana Pratap Jayanti

Here is another excerpt from “” the great Veer-Ras Maha-kavya penned by Shyam Narayan Pandey. Here is a description of a soldier fighting for the Motherland. वीर सिपाही: वीर रस कविता भारत-जननी का मान किया, बलिवेदी पर बलिदान किया अपना पूरा अरमान किया, अपने को भी कुर्बान किया रक्खी गर्दन तलवारों पर थे कूद पड़े अंगारों पर, उर ताने शर-बौछारों पर …

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