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रक्षा बंधन: अन्वेषा साईं

रक्षा बंधन: राखी के त्यौहार पर हिंदी बाल-कविता

हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रमुख त्योहारों में राखी का खास महत्व है। भाई-बहनों का यह त्योहार हर साल हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। राखी के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं और भाई बहनों को उपहार देते हैं और हमेशा उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। रक्षाबंधन का त्योहार तो आप हर साल मनाते हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि इसे क्यों मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है। हालांकि यह प्रचलित है, लेकिन अधिकांश को यह बात शायद पता ना हो कि भाई को रक्षासूत्र बांधने से पहले बहनें तुलसी और नीम के वृक्ष को राखी बांधती हैं। ऐसा करके दरअसल, बहनेंं संपूर्ण प्रकृति की रक्षा का वचन लेती हैं। राखी वास्तव में हर उस शख्स को बांधी जा सकती है, जो आपकी रक्षा का वादा करता है। चाहे वह पिता हो या भाई। दोस्त हो या ऑफिस में काम करने वाला कोई सहयोगी।

रक्षा बंधन: अन्वेषा साईं की राखी के त्यौहार पर कविता

कच्चे धागों से बनी पक्की डोर है राखी,
प्यार और मीठी शरारतो की होड़ है राखी।
भाई की लम्बी उम्र की दुआ राखी,
बहन के प्यार का पवित्र धुँआ है राखी।

भाई से बहन की रक्षा का वादा है राखी,
लोहे से भी मज़बूत एक धागा है राखी।
जात-पात और भेदभाव से दूर है राखी,
एकता का पाठ पढ़ाती नूर है राखी।

बचपन की यादों का चित्रहार है राखी,
हर घर में खुशियों का उपहार है राखी।
रिश्तों के मीठेपन का एहसास है राखी,
भाई-बहन का परस्पर प्यार है राखी।

दिल का सकून और मीठा सा जज़्बात है राखी,
शब्दों की नहीं पवित्र दिलो की बात है राखी।

~ अन्वेषा साईं (UKG) St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi – 110075

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