आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी – Here is a simple poem on spring for children. The scenery described comprising the mustard fields and flowering of mango trees is something that many urban children today would not be familiar with. For old timers, these things arouse nostalgia. आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी आया वसंत आया वसंत छाई जग में शोभा अनंत सरसों खेतों …
Read More »Best Friends: Poem about Unconditional Friendship
Best Friends: Finding a true friend who will be there for you through thick and thin can be a challenge. Once you do find that friend, be a friend to them as well and your friendship should last a lifetime. If you don’t, then it’s never too late to start loving someone unconditionally. Love your friends for who they are, …
Read More »मेरे पापा मेरे अपने: हृदय विदारक शोक गीत
मेरे पापा मेरे अपने: सवा चार साल की मेरी धेवती, सुरभि 19 अप्रैल 22, को अपने पिता के मृत शरीर को देख रही थी और अनेकानेक सगे संबंधियों का रुदन देख रही थी और गंभीरता पूर्वक जो दुखद घटना घटी, उन सब की बातें सुन रहीं थी। उसके अत्यंत कोमल पूछताछ का ताना बाना है, यह शोकगीत। सुरभि का कहना …
Read More »Going to School: Short Poetry by Arshia Sheikh
Going to School: Short poem – Since the world is facing pandemic, little children misses, the school in lockdown. They are eager to meet their lovely friends and teachers. They enjoy the daily class lesson and activities of the school. Schools give them immense delight. School is a place where you get proper education in a disciplined environment. Children unite …
Read More »नया सूरज लायेंगे: कोरोना व ठंड से घर में बंद बचपन
कोरोना व ठंड में दबा बचपन: कोरोना कॉल में घर पर रह कर बच्चे चिड़-चिडे़ हो गए हैं। 6 से 12 साल के बच्चों पर ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। बच्चों में भी डिप्रेशन के लक्षण दिख रहे हैं। खेलकूद बंद होने से बच्चों की दिनचर्या बदली है। बच्चों के बर्ताव में बदलाव दिख रहा है। स्कूल न …
Read More »भारत के त्यौहार Hindi Poem on Indian Festivals
भारत के त्यौहार: भारत त्यौहारों की भूमि है। भारतवर्ष में प्राचीन काल से ही उत्सव और त्यौहारों की परम्परा रही हैं। इसमें विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग रहते है और इस प्रकार यहाँ कई धार्मिक त्यौहार मनाये जाते हैं। उत्सव धर्म का एक अभिन्न अंग हैं। भारत में तीन राष्ट्रीय त्यौहार भी मनाए जाते है। उत्सव के मौसम के …
Read More »ये सुबह तुम्हारी है: प्रदीप मिश्रा
ये सुबह तुम्हारी है: प्रदीप मिश्रा – भारत में नव वर्ष का आयोजन सभी लोग अपने धर्म के हिसाब से अलग-अलग दिनों में मनाते है लेकिन पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव के कारण ज्यादातर लोग अब 1 जनवरी को भी नव वर्ष का आयोजन करते है। हिन्दुओं का नया साल चैत्र नव रात्रि के प्रथम दिन यानी गुड़ी पड़वा पर हर …
Read More »नूतन वर्ष: राजीव रंजन प्रसाद
नूतन वर्ष: राजीव रंजन प्रसाद – यानि नए साल को हर कोई अपने अपने तरीके से मनाता है, लेकिन सबके लिए नया साल नए उम्मीदे ले आता है, जो की बहुत ही आनंदित करने वाला होता है, तो ऐसे मे नया साल का उत्सव हर कोई सुंदर और शानदार तरिके से मनाते है, पूरी दुनिया मे 31 दिसंबर की रात …
Read More »नए वर्ष का हो अभिनंदन: गौरव ग्रोवर
नए वर्ष का हो अभिनंदन: गौरव ग्रोवर – प्राचीन रोमन कैलेंडर में 10 महीने और 304 दिन होते थे और वसंत ऋतू के प्रारंभ में नया साल मनाया जाता था। इस परंपरा को रोम के संस्थापक रोमुलस द्वारा आठवीं शताब्दी ईसा पूर्व में बनाया गया था। 1713 ईसा पूर्व के दौरान, रोम के दूसरे राजा नुमा पोम्पिलियस ने रोमन कैलेंडर …
Read More »फिर आया है नया साल: मानोशी चटर्जी
फिर आया है नया साल: मानोशी चटर्जी – ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, साल में 12 महीने होते हैं और हर साल 1 जनवरी को नए साल के पहले दिन के रूप में चुना गया है। इसलिए पूरी दुनिया में 1 जनवरी को नया साल मनाया जाता है। नए साल की तैयारियां एक महीने पहले ही शुरू हो जाती है। स्कूल, …
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