ओमप्रकाश बजाज की बाल-कविताओं का संग्रह

बाल-कविताओं का संग्रह: ओमप्रकाश बजाज (भाग 2)

गिलहरी: ओमप्रकाश बजाज

गिलहरी की उछल-कूद पर
दे कर देखो ध्यान,
नन्हे से इस जीव की
देखो आन-बान और शान।

एक क्षण यह नजर आती है
बैठी पेड़ की फुंगी पर,
दूसरे पल यह दिख जाती है
पेड़ के निचे धरती पर।

पंजों में थामे कोई वस्तु
मजे-मजे में कुतरती,
खाने की चीजों का गिलहरी
संग्रह भी है करती।

लंका विजय हेतु सेतु निर्माण में
इसने भी भूमिका निभाई,
श्री राम ने शाबाशी देते
पीठ इसकी सहलाई।

~ ओमप्रकाश बजाज

Check Also

From The Heart of A Teacher - Sailaja Saxena

From The Heart of A Teacher: Sailaja Saxena Short English Poetry

From The Heart of A Teacher: Teacher is the who teaches us knowledge, moral values …