Tag Archives: Hasya Vyang Hindi Poems

नाम बड़े हस्ताक्षर छोटे: काका हाथरसी

Kaka Hathrasi

काका हाथरसी (वास्तविक नाम – प्रभुलाल गर्ग, जन्म: 18 सितंबर, 1906, हाथरस, उत्तर प्रदेश; मृत्यु: 18 सितंबर, 1995) भारत के प्रसिद्ध हिन्दी हास्य कवि थे। उन्हें हिन्दी हास्य व्यंग्य कविताओं का पर्याय माना जाता है। काका हाथरसी की शैली की छाप उनकी पीढ़ी के अन्य कवियों पर तो पड़ी ही थी, वर्तमान में भी अनेक लेखक और व्यंग्य कवि काका …

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मिठाई: ओम प्रकाश बजाज की बाल-कविता

Mithai by Om Prakash Bajaj

भारतीय मिठाई पर ओम प्रकाश बजाज की बाल-कविता भारतीय मिठाइयाँ या मिष्ठान्न शक्कर, अन्न और दूध के अलग अलग प्रकार से पकाने और मिलाने से बनती हैं। खीर और हलवा सबसे सामान्य मिठाइयाँ हैं जो प्रायः सभी के घर में बनती हैं। ज्यादातर मिठाइयाँ बाज़ार से खरीदी जाती हैं। मिठाइयाँ बनाने वाले पेशेवर बावर्चियों को ‘हलवाई’ कहते हैं। भारत की संस्कृति …

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चश्मा: ओम प्रकाश बजाज जी की बाल-कविता

Chasma by Om Prakash Bajaj

चश्मा (Glasses या eyeglasses या spectacles) आँखों के सुरक्षा या उनकी क्षमता को बढ़ाने वाले उपकरण हैं जो काँच या कठोर प्लास्टिक के लेंसों से बने होते हैं। ये लेंस धातु या प्लास्टिक के एक ढाँचे (फ्रेम) में मढ़े हुए होते हैं। चश्मा: ओम प्रकाश बजाज जी की बाल-कविता दादा जी जब चश्मा लगाते, तभी वह अखबार पढ़ पाते। मुन्ना …

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हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदू भाषा को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया था। भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को अपनाया। हालांकि इसे 26 …

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कोरोना: Chinese वायरस कोरोना पर हिंदी कवितायेँ

कोरोना: Chinese वायरस कोरोना पर हिंदी कवितायेँ

चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस महामारी के बाद अमेरिका ने वायरस के वुहान की लैब में तैयार किए जाने के आरोप लगाए थे, लेकिन चीन ने उन्हें खारिज कर दिया था। अब एक चीनी वायरोलॉजिस्ट (विषाणु विशेषज्ञ) ने दावा किया है कि कोरोना वायरस वुहान की एक लैब में ही तैयार किया गया था और उनके पास …

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ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए Father’s Day Funny Hindi Song

ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए: आनंद बक्षी

ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए: आनंद बक्षी ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए गाना आये या ना आये गाना चाहिए बेटा बजाओ ताली गाते हैं हम कव्वाली बजने दो एक तारा छोड़ो ज़रा फव्वारा ये बाल्टी उठाओ ढोलक इसे बनाओ बैठे हो क्या ये लेकर ये घर है या है थिएटर पिक्चर नहीं है जाना बाहर नहीं है आना …

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प्रभुदयाल श्रीवास्तव की प्रसिद्ध बाल-कविताएँ

प्रभुदयाल श्रीवास्तव की प्रसिद्ध बाल-कविताएँ

प्रभुदयाल श्रीवास्तव की प्रसिद्ध बाल-कविताएँ तितली उड़ती, चिड़िया उड़ती कुछ न कुछ करते रहना दादाजी की बड़ी दवात गरमी की छुट्टी का मतलब होगी पेपर लेस पढ़ाई सूरज चाचा पानी बनकर आऊँ नदी बनूँ शीत लहर फिर आई जीत के परचम पर्यावरण बचा लेंगे हम हँसी-हँसी बस, मस्ती-मस्ती खुशियों के मजे कंधे पर नदी बूंदों की चौपाल अपना फर्ज निभाता …

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काका हाथरसी के दोहे

काका हाथरसी के दोहे

सन १९०६ में हाथरस में जन्मे काका हाथरसी (असली नाम: प्रभुनाथ गर्ग) हिंदी व्यंग्य के मूर्धण्य कवि थे। उनकी शैली की छाप उनकी पीढ़ी के अन्य कवियों पर तो पड़ी ही, आज भी अनेकों लेखक और व्यंग्य कवि काका की रचनाओं की शैली अपनाकर लाखों श्रोताओं और पाठकों का मनोरंजन कर रहे हैं। व्यंग्य का मूल उद्देश्य लेकिन मनोरंजन नहीं …

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चांद पर मानव: काका हाथरसी

This poem was written by Kaka Hathrasi, when man had for the first time reached on moon. Big deal! Many thought. चांद पर मानव: काका हाथरसी ठाकुर ठर्रा सिंह से बोले आलमगीर पहुँच गये वो चाँद पर, मार लिया क्या तीर मार लिया क्या तीर, लौट पृथ्वी पर आये किये करोड़ों खर्च, कंकड़ी मिट्टी लाये ‘काका’, इससे लाख गुना अच्छा …

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कुछ तो स्टैंडर्ड बनाओ: काका हाथरसी

दाढ़ी महिमा - काका हाथरसी

Here is an excerpt from a very funny and at a time very popular poem of Kaka Hathrasi. See Kakas advice on how to raise the standard of your life! प्रकृति बदलती क्षण-क्षण देखो, बदल रहे अणु, कण-कण देखो। तुम निष्क्रिय से पड़े हुए हो। भाग्य वाद पर अड़े हुए हो। छोड़ो मित्र! पुरानी डफली, जीवन में परिवर्तन लाओ। परंपरा …

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