Stories in Hindi

बाल की खाल – Hindi Mystery Story on House Theft

बाल की खाल - Hindi Mystery Story on House Theft

राजू की आदत थी, हर बात में बाल की खाल निकालने की, सो उस दिन भी सुबहसुबह जब बिल्लू ने आ कर बताया कि मनोहर चाचा के यहां चोरी हो गई है, तो वह तुरंत चालू हो गया, “कब.. और कैसे…?” “कल उन के यहां अखंड कीर्तन का पाठ था। सभी लोग थके थे। बस, रात में चोर घुसे और …

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आँखों ने पकड़वाया अपराधी को – Murder Mystery Story in Hindi

आँखों ने पकड़वाया अपराधी को - Murder Mystery Story in Hindi

“गुडमोर्निंग… गुडमोर्निंग… गुडमोर्निंग…” उसे देखते ही सभी पुलिस वाले एक के बाद एक सलाम करने लगे और वह विनम्र भाव से सब के अभिवादन का जवाब देता जा रहा था क्योंकि उस का दाहिना हाथ ओवरकोट की जेब में था, इसलिए सलाम के जवाब में वह बायां हाथ अपनी कैप तक ला कर जवाब दे रहा था। चलतेचलते वह अचानक …

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माली काका की नटखट मुनिया – An Inspirational Hindi Story

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माली काका की नटखट मुनिया सारे गाँव की आँखों का तारा थी। कहीं अगर तुलसी का पौधा मुरझा रहा हो या फिर लाल सुर्ख गुलाबों की कलमें छांटनी हो तो चारों ओर मुनिया के नाम की गुहार लगती। नन्ही मुनिया झट से पहुँच जाती और जैसे ही उसके काम की तारीफ़ होती मुनिया फूल कर कुप्पा हो जाती और उसके …

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नमक का क़र्ज़ – डॉ. मंजरी शुक्ल

नमक का क़र्ज़ - डॉ. मंजरी शुक्ल

चारों ओर से धमाकों की आवाज़ आ रही थी। ऐसा लग रहा था मानो दीपावली हो, पर यह पटाखों की नहीं बल्कि हथगोलों और बंदूकों की आवाज़े थी। सन्नाटे को चीरती जब किसी जवान की बन्दूक चलने की आवाज़ आती तो मानों पनघट और चौबारे भी थरथरा उठते। इन्ही के बीच दस वर्षीय नन्हा बालक टीपू अपनी बूढी और अंधी …

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एक नजर – शराफत अली खान

एक नजर - शराफत अली खान

जनाजे की तैयारी हो रही थी। छोटी बहू की लाश रातभर हवेली के अंदर नवाब मियां के कमरे में ही बर्फ पर रखी हुई थी। रातभर जागने से औरतों और मर्दों के चेहरे पर सुस्ती और उदासी छाई हुई थी। रातभर दूरदराज से लोग आतेजाते रहे और दुख जताने का सिलसिला चलता रहा। पूरी हवेली मानो गम में डूबी हुई …

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नेकी और नदी के बीच – राजकमल

नेकी और नदी के बीच - राजकमल

वह एक की ठंडी सुबह थी। सर्दियों की सुबहें लंबी होती हैं – लगभग दूसरे पहर तक। छोटा दिन, छोटी सी शाम और उसके बाद, लंबी रात! रविवार का दिन था। दस बजे थे। वैसे तो बाजार अभी बंद था लेकिन चाय के ठीये, तो कहीं छोले भठूरे और बेड़मी-जलेबी बनाने वाले हलवाइयों के कुछ नाके जरूर गुलजार थे। मैं …

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हैंबोकलेंग नोंगसेज

हैंबोकलेंग नोंगसेज

[ads]एक समय की बात है मेघालय की पश्चिमी खासी की पहाड़ियों में एक 13 साल का लड़का हैनबोकलिंग नोंगसेज रहता था। वह पोनकंग गाँव के एक राजकीय प्राइमरी स्कूल में पड़ता था। वह सात साल का ही हुआ था, जब उसके माता पिता का देहांत हो गया। वह अपने नाना-नानी के घर रहता था। एक दिन की बात है। दोपहर …

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अच्छा आदमी कौन?

अच्छा आदमी कौन?

बहुत पहले किसी राजा ने अपने दरबारियों के समक्ष एक सवाल रखा, “अच्छा आदमी कौन है?” “जो अच्छा काम करे” – कोई दरबारी बोला। “जैसे?” “मैंने एक मंदिर बनवाया है, जहां सैकड़ो लोग रोज जाकर पूजा करते हैं। जनहित के लिए मैंने यह एक अच्छा कार्य किया है। अतएव मैं अच्छा आदमी कहलाने का अधिकारी हूँ।” “और किसने अच्छे-अच्छे कार्य …

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अंकुर का कमाल – चैतन्य

अंकुर का कमाल - चैतन्य

अपने गावं में भोलाशंकर एक अच्छा खासा दुकानदार था। आसपास के गांवो में भी राशन की कोई अच्छी दुकान नहीं थी। इसलिए भोलाशंकर की दुकान खूब चलती थी। गांव से 15 किलोमीटर दूर एक छोटा सा शहर पड़ता था, उसी शहर से भोलाशंकर बिक्री के लिए सौदा ले कर आता। 15 दिन में बिक्री के मुताबिक़ माल की तीन-चार खेप …

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तीन ज्ञानवर्धक प्रेरक प्रसंग

तीन ज्ञानवर्धक प्रेरक प्रसंग

छोटी-छोटी घटनाएं कई बार बहुत बड़ी सीख दे जाती हैं। आज हम आपके साथ ऐसे ही तीन प्रेरक प्रसंग share कर रहे हैं जो हमें बहुत अच्छी सीख देते हैं। प्रेरक प्रसंग १ –  स्वर्ग- नरक शास्त्रों में निपुण, प्रसिद्ध ज्ञानी एवं प्रख्यात संत श्री देवाचार्य के शिष्य का नाम महेन्द्रनाथ था। एक शाम महेन्द्रनाथ अपने साथियों के साथ उद्यान …

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