आत्मविश्वास की जीत: विश्वजीत के विद्यालय में अक्सर किसी न किसी विषय को लेकर प्रतियोगिताएं होती रहती थीं और उनके विद्यालय के प्रधानाचार्य तथा अध्यापक बच्चों को उनमें भाग लेने के लिए प्रेरित करते रहते थे। विश्वजीत के मम्मी-पापा सदैव यह कोशिश करते थे कि वह प्रत्येक प्रतियोगिता में भाग ले और उसमें कोई न कोई स्थान भी प्राप्त करे। …
Read More »एक दिन का पानी संकट: स्कूलों में पीने के पानी की कमी पर प्रेरणादायक हिंदी कहानी
एक दिन का पानी संकट: ग्रीष्म ऋतु चरम सीमा पर थी। गर्मी ने लोगों की नाक में दम कर रखा था। प्यास बुझाने के लिए पानी की जरूरत बार-बार पड़ रही थी। धर्मेन्द्र नौवीं कक्षा का विद्यार्थी था। उसके विद्यालय में पीने के पानी का बहुत अच्छा प्रबंध था परंतु फिर भी बच्चों को घर से पीने के पानी की …
Read More »दो मित्रों की दास्तान: दोस्ती पर एक प्रेरणादायक हिंदी कहानी
दो मित्र भ्रमण करने निकले। पदयात्रा करते हुए उन्होंने कई जंगल और कई घाटियाँ पार कीं। चलते-चलते वे दोनों आपस में बातें भी कर रहे थे। उसी दौरान एक मित्र के मुख से कुछ ऐसे शब्द निकल गए, जो दूसरे मित्र को बहुत बुरे लगे। वह आग-बबूला हो गया। उन शब्दों को सुनकर वह आपा खो बैठा और उसने अपने …
Read More »‘गिदी-पिदी’ बन गए अच्छे
उस वन का नाम जूही वन था। यह कोई साधारण वन नहीं था। यहां के अधिकांश जानवर खेती करके अपना जीवनयापन करते थे। कोई सब्जियां उगाता था, कोई गन्ना, तो कोई फल। सभी मेहनत से काम करते और आपस में मिल-जुल कर रहते थे। कुछ साल पहले की बात है। जूही वन में अचानक चोरियों की घटनाएं बढ़ने लगीं। कभी …
Read More »खिलौने वाली: गरीब माँ-बेटे की दिल को भावुक करने वाली हिंदी बाल कहानी
रामू की मां शांता बहुत गरीब थी। उसके पिता का देहांत चार साल पहले हो चुका था। तब से मां ही घर और बाहर, दोनों जिम्मेदारियां अकेले निभा रही थी। रोज सुबह वह अपने सिर पर खिलौनों की टोकरी रखकर शहर की गलियों में निकल पड़ती। वही उसकी आजीविका का एकमात्र साधन था। रामू अभी केवल 5 साल का था। …
Read More »समझदारी की ‘उड़ान’: सावधान रहें सतर्क रहें – अपनी सुरक्षा का खुद ख्याल रखें, किसी अन्य के भरोसे ना रहे
समझदारी की ‘उड़ान’: कुछ दिनों के बाद बसंत का त्योहार आने वाला था। सुनील ने कई दिन पहले ही अपने मन में इसे मनाने की योजना बना ली थी। उसने अपनी मम्मी को पहले ही बता दिया था कि इस बार वह जल्दी घर नहीं आएगा, बल्कि एक दिन पहले खूब सारे पतंग खरीदकर अपने दोस्तों के साथ उनके घर …
Read More »शाबाश गिन्नी: निरंतर प्रयास हमेशा फलदायी होते हैं – मेधावी छात्रा की प्रेरक कहानी
शाबाश गिन्नी: गिन्नी दसवीं कक्षा में पढ़ती थी और उसका भाई कुणाल आठवीं कक्षा का छात्र था। गिन्नी एक मेधावी छात्रा थी, जबकि कुणाल पढ़ाई में अपने आप को होशियार तो समझता था, लेकिन वह पढ़ाई में उतना अच्छा नहीं था, क्योंकि वह गिन्नी की तरह मेहनत नहीं करता था। गिन्नी हर विषय को बहुत समझकर पढ़ती थी। जो कुछ …
Read More »कच्छा गैंग: गोविन्द भारद्वाज – कच्छा गैंग के आतंक की रोचक कहानी
गली में कुछ लोग दिखाई दे रहे थे। उनके हाथों में लकड़ी जैसा कुछ था। रोहन खिड़की से यह सब देख रहा था। उसने चुपचाप बिजली जलाई, लेकिन बिजली नहीं आई। वह बुदबुदाया, “बिजली को भी अभी ही जाना था।” उसी समय बादल गरजने लगे और खराब ट्यूब लाइट की तरह आसमान में बिजली चमकने लगी। “हो न हो, ये लोग …
Read More »गिल्ली-डंडा: बच्चों ने खेलते खेलते पकड़वाया खतरनाक आतंकवादी
लाली एक बड़ी ही नटखट लड़की थी। उसे लाल कपड़े पहनना बहुत पसंद था, इसलिए सभी उसे लाली कहकर बुलाते थे। उसके आस-पड़ोस में मंजित, सोनक, छुटकी और जयदीप भी रहते थे। वे सभी साथ-साथ खेलते और हमेशा एक-दूसरे का साथ निभाते थे। गिल्ली-डंडा: गोविंद भारद्वाज एक दिन लाली हिंदी का पाठ पढ़ रही थी। पाठ का नाम था ‘हमारे पारंपरिक …
Read More »दो भाई: लालच व्यक्ति को मूर्ख बनाता है, संतोष को नष्ट करता है
किसी गांव में दो भाई रहते थे – मटकू और टमकू। मटकू गोल-मटोल था और मटक-मटक कर चलता था, इसीलिए उसका नाम मटकू था। टमकू पतला-दुबला था और उसकी आंखें बार-बार झपकती थीं, इसलिए उसका नाम टमकू था। उनके घर में नल नहीं था। पानी दूर से एक हैंडपंप से लाना पड़ता था। मां घर का सारा काम करके थक …
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