सूर्य नमस्कार एक सम्पूर्ण व्यायाम है। अगर आपके पास ज्यादा वक्त नहीं है तो सुबह 10 बार सूर्य नमस्कार करने से भी आपके पूरे शरीर की एक्सरसाइज हो जाएगी।
इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। यह इम्यून सिस्टम और हार्मोनल सिस्टम को बैलेंस करता है। इसमें कुल 12 आसन हैं। सूर्य नमस्कार नीचे दिए तरीके से किया जा सकता है।
Surya Namaskar: सम्पूर्ण व्यायाम है ‘सूर्य नमस्कार’

- सबसे पहले दोनों हाथों को सीने पर जोड़ कर (नमस्कार की तरह) सीधे खड़े हों।
- सांस भरते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर कानों से सटाएं और कमर को पीछे की ओर स्ट्रैच करें।
- सांस बाहर निकालते हुए और हाथों को सीधे रखते हुए आगे की ओर झुकें। हाथों को पैरों के दाएं-बाएं जमीन से स्पर्श करें। ध्यान रखें कि इस दौरान घुटने सीधे रहें।
- सांस भरते हुए दाहिने पैर को पीछे की ओर ले जाएं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं। इस स्थिति में कुछ समय तक रुकें।
- अब सांस धीरे-धीरे छोड़ते हुए बाएं पैर को भी पीछे ले जाएं और दोनों पैरों की एड़ियों को मिलाकर शरीर को ऊपर की ओर स्ट्रैच करें।
- सांस भरते हुए नीचे आएं और लेट जाएं। पेट जमीन से थोड़ा ऊपर रहेगा। अब सांस छोड़ें।
- शरीर के ऊपरी भाग को सांस भरते हुए उठाएं और गर्दन को पीछे की ओर स्ट्रैच करें। कुछ सैकेंड तक रुकें।
- अब सांस छोड़ते हुए हिप्स को ऊपर की ओर उठाएं व सिर झुका लें। एड़ी जमीन से लगाएं।
- दोबारा चौथी प्रक्रिया को अपनाएं लेकिन इसके लिए बाएं पैर को आगे लाएं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाते हुए स्ट्रैच करें।
- अब बाएं पैर को वापस लाएं और दाहिने के बराबर में रख कर तीसरी स्थिति में आ जाएं। यानी घुटनों को सीधे रखते हुए हाथों से पैरों को दाएं-बाएं जमीन से टच करें।
- सांस भरते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाकर ऊपर उठें और पीछे की ओर स्ट्रैच करते हुए फिर दूसरी अवस्था में आ जाएं।
- फिर से पहली स्थिति में आ जाएं।
सावधानी:
प्रैग्नैंट महिलाएं और कमर दर्द से पीड़ित इसे न करें। घुटने में ज्यादा दर्द हो तो भी एहतियात बरतें। हाई ब्लड प्रैशर के मरीज इसे धीरे-धीरे करें।
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