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Hindi Poem About Eid Celebration जश्ने ईद मनाऊँ कैसे

Hindi Poem About Eid Celebration जश्ने ईद मनाऊँ कैसे

अबके ईद मनाऊँ कैसे
जश्ने ईद मनाऊँ कैसे

दहल गए है कलेजे सब के,
शोर धमाकों का सुन सुन कर
हैरान हूँ मै – क्यों नही मारता,
ये बम हिन्दुओं को चुन चुन कर

वहाँ मुस्लमान भी मरते है
ये बम भेदभाव नही करते है
शोर धमाकों का गूँज रहा है
पटाखे फिर मै चलाऊँ कैसे

अबके ईद मनाऊँ कैसे
जश्ने ईद मनाऊँ कैसे

गले लगो गर लग सको
भुलाके मजहब ईमान सभी
न हिंदू कहो न मुस्लिम कहो
बन जाओ जरा इंसान सभी

सब भारत माँ की संतान है
ये देश तो बड़ा महान है

सदभावना की अजान सुनाऊँ कैसे

अबके ईद मनाऊँ कैसे
जश्ने ईद मनाऊँ कैसे

~ सुरेन्द्र कुमार ‘अभिन्न’

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