Tag Archives: Hindi Stories on Human Behaviour

बिल्लू की पतंग: कहानी एक चंचल बच्चे की

बिल्लू की पतंग: कहानी एक चंचल बच्चे की

बिल्लू हमेशा की तरह अपनी किताब पकड़े हुए बगीचे में बैठा हुआ था पर उसकी नज़रें आसमान में उड़ती हुई लाल पतंग पर टिकी हुई थी। मम्मी जो कि पास ही बैठी गुलाब के पौधों की कटाई-छंटाई कर रही थी उसे बीच बीच में देख लेती थी। वह मन ही मन बहुत खुश हो रही थी कि करीब एक घंटा …

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दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग: शिक्षाप्रद कहानी

शिक्षाप्रद हिंदी कहानी: दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग

दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग: “ऑनलाइन शॉपिंग का क्या बुखार चढ़ा है तुम्हें”? रोहित आशीष के कमरे में घुसता हुआ बोला। “हा हा… कितने आराम से सभी चीज़े घर बैठे मिल जाती है और वो भी बहुत सस्ती” आशीष हँसते हुए बोला। “वो तो ठीक है, पर इसका मतलब ये तो नहीं कि तू पेन से लेकर पेंसिल तक ऑनलाइन ही …

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बड़े घर की बेटी: ग्रामीण घर गृहस्थी पर मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी

Munshi Premchand Short Story Bade Ghar Ki Beti in Hindi बड़े घर की बेटी

बड़े घर की बेटी मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा लिखित प्रसिद्ध कहानी है। इस कहानी में उन्होंने संयुक्त परिवार में उत्पन्न होने वाली समस्याओं, कलहों, बात का बतंगड़ बन जाने और फिर आपसी समझदारी से बिगड़ती परिस्थिति को सामान्य करने का हुनर को दर्शाया है। बड़े घर की बेटी में कहानीकार ने पारिवारिक मनोविज्ञान को बड़ी ही सूक्ष्मता से बेनीमाधव सिंह, …

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दो बैलों की कथा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी

Munshi Premchand Classic Hindi Story दो बैलों की कथा

कथाकार मुंशी प्रेमचंद भारत के ही नहीं, दुनियाभर में विख्यात हुए और ‘कथा सम्राट‘ कहलाए। प्रेमचंद की जयंती 31 जुलाई को बड़े ही उत्‍साह से मनाई जाती  है। इस खास मौके पर उनकी कहानी ‘दो बैलों की कथा‘ पढ़कर अपनी यादें ताजा कर लीजिए… दो बैलों की कथा [1]: हीरा और मोती जानवरों में गधा सबसे ज्यादा बुद्धिमान समझा जाता …

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नन्हें गणेश: डॉ. मंजरी शुक्ला

नन्हें गणेश: डॉ. मंजरी शुक्ला

नन्हें गणेश: “भगवान गणपति की यह मूर्ति कितनी भव्य और भव्य है” रोहन ने माँ से कहा। “हाँ, बहुत सुंदर है” उसकी माँ कमला ने फ़र्श पर पोछा लगाते हुए जवाब दिया। “कम से कम एक नज़र देख तो लो” रोहन बोला। कमला ने अपना सिर घुमाया और फीकी मुस्कान के साथ मूर्ति की ओर देखा और फिर से अपना …

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दीपक की होली: होली के त्यौहार पर शिक्षाप्रद बाल कहानी

दीपक की होली: होली के त्यौहार पर शिक्षाप्रद बाल कहानी

“इस बार होली खेलने के लिए मैं तुम्हारे घर ही आ जाउंगी” सिमी ने राहुल से कहा। “हाँ, तुम्हारी छत बहुत बड़ी है। यहाँ से हमें आधा शहर तो यूँ ही दिख जाता है” मंजुल ने मुस्कुराते हुए कहा। “मैं तो गुलाबी रंग का गुलाल लगाउंगी। मुझे गुलाबी रंग बहुत पसंद है” सलोनी ने खुश होते हुए कहा। “कभी शीशे …

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होली वाला बर्थडे: रोचक हिंदी बाल-कहानी

होली वाला बर्थडे: रोचक हिंदी बाल-कहानी

होली वाले दिन “मेरा हैप्पी बर्थडे है…” कहते हुए सात साल का गोलू सारे घर के कमरों में घूम रहा था। घर के सभी सदस्य होली के तैयारियों में व्यस्त थे इसलिए कोई भी उसकी बात पर ध्यान नहीं दे रहा था। थक हार कर वह अपनी माँ को सब जगह देखते हुए राजू भैया के कमरे में जा पहुँचा, …

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निबलू की होली: शिक्षाप्रद हिंदी बाल कहानी

निबलू की होली: शिक्षाप्रद हिंदी बाल कहानी

निबलू बहुत देर से बैठा बैठा शेरू के कान उमेंठ रहा था। बेचारा शेरू रह रह कर दर्द के मारे कूँ कूँ करके भागने की कोशिश कर रहा था पर चेन छोटी होने के कारण वह भाग भी नहीं पा रहा था। तभी मम्मी कमरे से बाहर निकल कर आई और बोली – “मैं होली के लिए मिठाई और गुलाल …

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चाचा जी की होली: होली के त्योहार पर नटखट बाल-कहानी

चाचा जी की होली: होली के त्योहार पर नटखट बाल-कहानी

चाचा जी की होली: होली के त्योहार पर नटखट बाल-कहानी शांतनु की शैतानी के किस्से पूरे मोहल्ले में मशहूर थे। अगर किसी के घर की खिड़की का काँच टूटा हो तो देखने वाले को तुरंत समझ में आ जाता था कि बॉल ज़रूर शांतनु की होगी। अगर किसी के घर की कोई डोरबेल बजा कर भाग जाता था तो भी …

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चुन्नू की इको फ्रेंडली दिवाली: जन जागरूकता पर कहानी

इको फ्रेंडली दिवाली

इको फ्रेंडली दिवाली: Public Awareness – सात साल का चुन्नू सुबह से ही पटाखे खरीदने की जिद कर रहा था। वह पापा के पास आते हुए बोला – “पटाखे लेने चलो, मेरे सब दोस्त ले आये है”। “अरे, बेटा, तुम पहले अपना होमवर्क तो खत्म कर लो फ़िर समय नहीं मिलेगा”। “अभी तो स्कूल खुलने में चार दिन है, आप …

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