Tag Archives: Ecstasy Poems for Children

Easter Flower: Kids Poem On Easter Flowers

The Easter Flower - Claude McKay

Easter Flower: Claude McKay Far from this foreign Easter damp and chilly My soul steals to a pear-shaped plot of ground, Where gleamed the lilac-tinted Easter lily Soft-scented in the air for yards around; Alone, without a hint of guardian leaf! Just like a fragile bell of silver rime, It burst the tomb for freedom sweet and brief In the …

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Meeting the Easter Bunny: Rowena Bennett

Meeting the Easter Bunny - Rowena Bennett

Meeting the Easter Bunny: The Easter Bunny (also called the Easter Rabbit or Easter Hare) is a folkloric figure and symbol of Easter, depicted as a rabbit bringing Easter eggs. Meeting the Easter Bunny: Rowena Bennett On Easter morn at early dawn Before the cocks were crowing I met a bob-tail bunnykin And asked where he was going. “Tis in …

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Easter Reflections: Easter Special English Poem

Easter Reflections

Easter Reflections: Easter is a Christian holiday celebrating the resurrection of Jesus Christ. According to Christian history, Jesus was crucified on a Friday and rose three days later on Sunday. Easter is held on the first Sunday after the full moon in March, which is why Easter can land anywhere between the 22nd of March and the 25th of April. …

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बंदर आया: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

बंदर आया - अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

Here is a simple poem on monkeys for children by the well known poet Ayodhya Singh Hariaudh. The era when madaris would go around with their damroo and monkeys dressed in colorful clothes and put up a street show of Bandar and bandaria, are now gone. Kids now do not get opportunity to see the performance of bandar on cue …

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योग पर आधारित हिंदी कविता संग्रह

Sanskrit Poem on Importance of Yoga योगस्य महत्त्वम्

योग क्या है? संस्कृत धातु ‘युज‘ से निकला है, जिसका मतलब है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का सार्वभौमिक चेतना या रूह से मिलन। योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है। हालांकि कई लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं, जहाँ लोग शरीर को मोडते, मरोड़ते, खींचते हैं और श्वास लेने के जटिल तरीके अपनाते हैं। …

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बचपन: बाल दिवस स्पेशल नटखट हिंदी कविता

बचपन - बाल दिवस स्पेशल - अवधेश गुप्ता

बचपन के दिन किसी भी व्यक्ति के जीवन के बड़े महत्वपूर्ण दिन होते हैं। बचपन में सभी व्यक्ति चिंतामुक्त जीवन जीते हैं। खेलने उछलने-कूदने, खाने-पीने में बड़ा आनंद आता है। माता-पिता, दादा-दादी तथा अन्य बड़े लोगों का प्यार और दुलार बड़ा अच्छा लगता हैं। हमउम्र बच्चों के साथ खेलना-कूदना परिवार के लोगों के साथ घूमना-फिरना बस ये ही प्रमुख काम …

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मेघ आये बड़े बन ठन के, सँवर के: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

मेघ आये बड़े बन ठन के, सँवर के - सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

भारत में मॉनसून हिन्द महासागर व अरब सागर की ओर से हिमालय की ओर आने वाली हवाओं पर निर्भर करता है। जब ये हवाएं भारत के दक्षिण पश्चिम तट पर पश्चिमी घाट से टकराती हैं तो भारत तथा आसपास के देशों में भारी वर्षा होती है। ये हवाएं दक्षिण एशिया में जून से सितंबर तक सक्रिय रहती हैं। वैसे किसी …

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घर की याद: भवानी प्रसाद मिश्र की प्रसिद्ध हिंदी कविता

घर की याद - भवानी प्रसाद मिश्र

भवानी प्रसाद मिश्र हिन्दी के प्रसिद्ध कवि तथा गांधीवादी विचारक थे। वह ‘दूसरा सप्तक’ के प्रथम कवि हैं। गांंधी-दर्शन का प्रभाव तथा उसकी झलक उनकी कविताओं में साफ़ देखी जा सकती है। उनका प्रथम संग्रह ‘गीत-फ़रोश’ अपनी नई शैली, नई उद्भावनाओं और नये पाठ-प्रवाह के कारण अत्यंत लोकप्रिय हुआ। प्यार से लोग उन्हें भवानी भाई कहकर सम्बोधित किया करते थे। …

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भीग रहा है गाँव: अखिलेश कुमार सिंह

भीग रहा है गाँव - अखिलेश कुमार सिंह

मुखिया के टपरे हरियाये बनवारी के घाव सावन की झांसी में गुमसुम भीग रहा है गाँव धन्नो के टोले का तो हर छप्पर छलनी है सब की सब रातें अब तो आँखों में कटनी हैं चुवने घर में कहीं नहीं खटिया भर सूखी ठाँव निंदियारी आँखें लेकर खेतों में जाना है रोपाई करते करते भी कजली गाना है कीचड़ में …

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