पानी - ओमप्रकाश बजाज Hindi Poem on Importance of Water

पानी – ओमप्रकाश बजाज Hindi Poem on Importance of Water

पानी अपना रास्ता स्वयं बनाता है,
हमेशा ढलान की ओर जाता है।

बहता पानी निर्मल शुद्ध रहता है,
खड़ा हुआ पानी सड़ जाता है।

पानी का तेज बहाव अपने साथ,
बड़े-बड़े पत्थर, पेड़ बहा ले जाता है।

मीठा पानी पीने के काम आता है,
शहरों में नलों से पहुंचाया जाता है।

वर्षा ऋतु में नदियों में बाढ़ आती है,
तबाही मचाती है कहर ढाती है।

धीरे-धीरे पानी की कमी हो रही है,
पानी बचाने की कोशिशें  हो रही हैं।

तुम भी पानी बेकार न बहाओ,
जल जीवन, कभी न भुलाओ।

~ ओमप्रकाश बजाज

आपको ओमप्रकाश बजाज जी की बाल-कविता “पानी” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@sh035.global.temp.domains. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

5 Popular Slogans Coined By Narendra Modi

5 Popular Slogans Coined By Narendra Modi

Since coming to power in 2014, PM Modi had coined several slogans which became instantly …