New Year Hindi Poem नए साल में

नए साल में: नचिकेता

मौसम हो अनुकूल
बंधु इस नए साल में…

फूलों की
खुशबू से भाती हो पुरवाई
ऊसर खेतों में भी ले
फ़सलें अंगड़ाई
चहके हर बनफूल
बंधु इस नए साल में…

होंठ-होंठ पर
राग-रंग की मुसकानें हों
उलझे नहीं समस्या के
ताने-बाने हों
दुख: जाए पथ भूल
बंधु इस नए साल में…

हर चूल्हा में
आग छान पर वरद धुआँ हो
लहालोट उम्मीदों संग
गुनगुनी हवा हो
श्रम को गड़े न शूल
बंधु इस नए साल में…

हर घर के
खूँटे से बँधे दुधारू गाएँ
बच्चों की किलकारी सुन
पुलकित हो माँएँ
रोपें नहीं बबूल
बंधु इस नए साल में…

सपने में
आनेवाले कल की आँखों में
हो उड़ान की भाषा चाहत की
पांखों मे
हो दुर्दिन का ठूल
बंधु इस नए साल में…

नचिकेता

आपको नचिकेता जी की यह कविता “नए साल में” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Jawahar Lal Nehru Death Anniversary - May 27

Jawahar Lal Nehru Death Anniversary Information

This year will mark death anniversary of country’s first Prime Minister Jawahar Lal Nehru on …